Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

अक्सर मकर संक्रति के त्योहार पर दिखने वाला तिल आकार में छोटा होता है, लेकिन इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण लाभकारी होते हैं। सामान्य तौर पर तिल के बीज तीन रंगों के होते हैं- सफेद, काले और भूरे। कई औषधीय गुणों से भरपूर इस तिल का प्रयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। इसके सेवन से कई रोगों को दूर रख सकता है। यही नहीं इस तिल से बनाए गए तेल का प्रयोग त्वचा और बालों के लिए किया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम तिल के बारे में ही बात करेंगे। यहां हम इसका उपयोग, तिल के तेल के फायदे और तिल खाने का तरीका इत्यादि के बारे में जानकारी देंगे। फिर देर किस बात की, तिल से जुड़ी हर जानकारी के लिए अंत तक पढ़ें यह लेख।

नीचे विस्तार से पढ़ें

लेख के शुरुआत में हम तिल की परिभाषा जान लेते हैं।

तिल क्‍या है?

तिल का वैज्ञानिक नाम सेसमम इंडिकम (Sesamum indicum) है, और इसे बेनी भी कहा जाता है। इसका पौधा पेडालियासी (Pedaliaceae) परिवार से संबंधित है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने और अन्य भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। साथ ही इससे तेल भी निकाला जाता है, जो बेहद फायदेमंद होता है। खासकर, मकर संक्राति में तिल का उपयोग करना सबसे शुभ माना गया है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना गया है। तिल के बीज का पौधा लगभग एक मीटर ऊंचा होता है। वहीं, इसकी पत्तियां चार से आठ इंच तक लंबी और तीन से चार इंच चौड़ी होती हैं। इसके फूल गिलास के आकार के होते हैं, जो चार भागों में बंटे होते हैं। तिल का सेवन कच्चे या सूखे रूप में या फिर भुने हुए स्नैक्स के रूप में किया जा सकता है। तिल के फायदे कई हो सकते हैं, जिनके बारे में आप लेख में आगे जानेंगे।

आगे जानें तिल के औषधीय गुणों के बारे में

तिल के औषधीय गुण

तिल औषधीय गुणों से भरपूर होता है। तिल में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-बी1, फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, कॉपर व जिंक आदि गुण पाए जाते हैं (1)। इसमें सेसमीन और सेसमोलिन नामक दो सबसे महत्वपूर्ण कंपाउंड भी पाए जाते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकते हैं। साथ ही तिल में फाइटोस्टेरॉल, पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होता है, जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है। यह दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है (2)। इसलिए, कहा जा सकता है कि तिल खाने के फायदे कई सारे हैं।

आगे है और जानकारी 

लेख के अगले भाग में हम तिल के फायदे विस्तार से जानने का प्रयास करेंगे।

तिल के फायदे – Benefits of Sesame Seeds in Hindi

तिल के बारे में जो बातें हम बताने जा रहे हैं, वो गुणकारी हो सकती हैं। काले, भूरे और सफेद तिल के फायदे लगभग बराबर ही हैं, क्योंकि सभी में औषधीय गुण मौजूद हैं। तिल के उपयोग से न सिर्फ स्वस्थ रहा जा सकता है, बल्कि बीमारी की अवस्था में कुछ लक्षणों को कम भी किया जा सकता है। हां, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो सिर्फ तिल ही उसका इलाज नहीं हो सकता है। ऐसी अवस्था में डॉक्टर से इलाज करवाना ही एकमात्र सही विकल्प होता है। तो आइए, अब तिल के विभिन्न फायदों के बारे में जानते हैं।

1. उच्च प्रोटीन शाकाहारी आहार 

तिल के बीज को शाकाहारी आहार के लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसे प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना गया है (2)। दरअसल, प्रोटीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो मांसपेशियों और हड्डियों का निर्माण करता है। साथ ही शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है। यही नहीं प्रोटीन वजन नियंत्रण में भी मदद कर सकता है (3)।

2. मधुमेह से बचाव 

तिल के बीज में ऐसे कई पोषक तत्व होते हैं जो, मधुमेह का मुकाबला करने में मददगार साबित हो सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर उपलब्ध एक शोध के अनुसार, तिल मधुमेह के रोगियों में हृदय संबंधी समस्याओं को सुधारने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, तिल शरीर में इंसुलिन के स्तर को भी नियंत्रित कर सकता है, जिससे डायबिटीज के लक्षणों को सामान्य करने में मदद मिल सकती है (4)। वहीं, एक अन्य शोध से पता चलता है कि तिल के बीच का सेवन टाइप 2 मधुमेह की रोकथाम में कुछ हद तक लाभदायक सिद्ध हो सकता है (5)।

3. उच्च एंटीऑक्सीडेंट

तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बेहद लाभकारी होते हैं। दरअसल, फ्री रेडिकल्स शरीर के स्वस्थ सेल के साथ मिलकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को खत्म करके शरीर को बीमारी से बचाने में मदद कर सकते हैं। है हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हृदय की सुरक्षा और ट्यूमर की रोकथाम में भी प्रभावी है (2)।

4. स्वस्थ हृदय के लिए 

जब शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है, तो हृदय संबंधी रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। इस लिहाज से स्वस्थ हृदय के लिए के लिए तिल के बीज का सेवन लाभदायक हो सकता है। तिल के बीज में सेसमोल नामक कंपाउंड होता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है। साथ ही तिल के बीज में एंटी-एथेरोजेनिक गुण भी होता है, जिससे यह हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है (6)।

5. कैंसर से बचाए

जैसा कि हमने अपने लेख के शुरुआत में ही बताया कि तिल खाने के फायदे कई सारे हैं, क्योंकि तिल के बीज में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। तिल में मौजूद एटीकैंसर और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण कैंसर के खतरे से बचाने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक शोध के अनुसार, तिल में मौजूद लिग्नांस (lignans) पर व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन के अनुसार इसे एंटीजिंग, एंटीकैंसर, एंटीडायबिटीज, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है (7)। ध्यान रहे कि तिल का सेवन सिर्फ कैंसर से बचा सकता है। इसे कैंसर का इलाज समझना गलत होगा। अगर कोई कैंसर से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।

6. रेस्पिरेटरी हेल्थ के लिए लाभदायक

अस्थमा श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है। ऐसे में तिल का सेवन करने से इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। बता दें कि तिल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है। चुहों पर किए गए एक शोध से पता चलता है कि तिल के तेल से ब्रॉन्काइटिस के कारण होने वाली सूजन यानी ब्रोन्कियल न्यूट्रॉफिलिक को कम करने में मदद मिल सकती है (8)।

7. हड्डियों को करे मजबूत

हड्डियों को मजबूत करना भी तिल के गुण में शामिल है। तिल के बीज में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) होता है, जो एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से होने वाले ओस्टियोपोरोसिस की समस्या को ठीक कर सकता है (9)। इसके अलावा, ताहिनी यानी  तिल के तेल से बनने वाले पेस्ट कैल्शियम होता है। इस लिहाज से यह हड्डियों को मजबूत बाना सकता है (10)। )

8. आंखों के लिए

 तिल आंखों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होता है। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध रिसर्च पेपर के अनुसार, तिल में एंटीबैक्टीरियल गुण होता है, जो आंखों की रोशनी को कुछ हद तक ठीक कर सकता है (2)। अभी इस संबंध में और शोध किए जा रहे हैं।

9. लो ब्लड प्रेशर के लिए लाभकारी

तिल के गुण की बात करें, तो यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर की बात करें, तो उसमें बताया गया है कि तिल में एंटीहाइपरटेंसिव गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण यह उच्च रक्तचाप में प्रभावी साबित हो सकता है। इसके अलावा, तिल में मौजूद सेसमीन और सेसमोलिन कंपाउंड उच्च रक्तचाप को कम कर सकते हैं (2)।

10. सूजन कम करने में उपयोगी

तिल खाने के फायदे कई सारे हैं। तिल का इस्तेमाल सूजन कम करने में भी किया जा सकता है। जैसा कि हमने अपने लेख के शुरुआत में यह बताया कि तिल के बीज में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन में मदद कर सकता है (2)।

11. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए

स्वस्थ रहने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर रहना जरूरी है। कोरोना काल में भी हर जगह यही कहा जा रहा है कि इस बीमारी को बेहतर इम्यून सिस्टम से ही हराया जा सकता है। इसलिए, प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए तिल का इस्तेमाल किया जा सकता है। तिल में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाया जाता है, जो प्रतिरोधक क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और शोध की जरूरत है (11)।

12. थायराइड में फायदेमंद

तिल के बीच का सेवन करने से थायराइड की समस्या को कुछ कम किया जा सकता है। दरअसल, गले में मौजूद ग्रंथी को थायराइड कहते हैं, जो पूरे शरीर में हार्मोन को संचारित करती है। इस ग्रंथी के ठीक से काम न करने पर थायराइड की समस्या होती है। अगर कोई समस्या से ग्रस्त है, तो तिल का तेल इसे कुछ हद तक संतुलित करने में मदद कर सकता है। तिल के तेल में सिलेनियम होता है, जो थायराइड हार्मोन को बेहतर करने में मदद करता है। साथ ही इसमें फैटी एसिड होता है, जो थायराइड ग्रंथी को सुरक्षित रखता है, ताकि यह ठीक से काम करे (12)।

13. हार्मोन संतुलन के लिए उपयोगी

तिल में मौजूद औषधीय गुण हार्मोन संतुलन के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर इसी संबंध में एक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई महिला रजोनिवृत्ति के बाद तिल का इस्तेमाल करती है, तो ब्लड लिपिड के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट व यौन संबंधी हार्मोन के स्तर में सुधार हो सकता है (13)।

बने रहें हमारे साथ

लेख के अगले भाग में हम बता रहे हैं तिल में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं।

तिल के पौष्टिक तत्व – Sesame Seeds Nutritional Value in Hindi 

तिल व तिल के तेल के फायदे के बाद अब हम आपको तिल के पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं। इसमें कॉपर और मैंगनीज जैसे मिनरल्स का भंडार होता है। आइए, जानते हैं कि 100 ग्राम तिल में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं (1)।

पोषक तत्वमात्रा (प्रति 100 ग्राम)
पानी5 g
ऊर्जा567 kcal
            प्रोटीन16.96  g
      टोटल लिपिड (फैट)48 g
                       कार्बोहाइड्रेट26.04  g
फाइबर, टोटल डायटरी16.9 g
आयरन7.78 mg
मैग्नीशियम346 mg
फास्फोरस774 mg
पोटैशियम406 mg
सोडियम39 mg
जिंक10.23  mg
कॉपर1.457  mg
सेलेनियम34.4 µg
विटामिन सी, टोटल एस्कॉर्बिक एसिड0 mg
थियामिन1.205  mg
राइबोफ्लेविन0.466  mg
नियासिन5.438  mg

आगे है और जानकारी

तिल का उपयोग – How to Use Sesame Seeds in Hindi

तिल के लाभ कई तरह से उठाए जा सकते हैं। तिल के बीज को इस्तेमाल करने व तिल खाने का तरीका यहां दिया गया है:

कैसे खाएं:

  • तिल से बने तेल का उपयोग सब्जी बनाने में किया जा सकता है।
  • इसे सलाद में ऊपर से डालकर खाया जा सकता है।
  • इसे सूप में मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
  • तिल का तेल निकालकर इसे फ्राइड राइस तैयार करके खाए जा सकते हैं
  • तिल के तेल को विनगेट्रेट की तरह लिया जा सकता है। विनगेट्रेट में तेल को कुछ एसिडिक पदार्थ के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है, जैसे सिरका या नींबू का रस।
    ●  तिल को गुड़ में मिक्स करके भी खा सकते हैं। अमूमन इसका उपयोग सर्दियों में ज्यादा किया जाता है।

कब खाएं:

  • इसे सुबह सलाद में मिलाकर खाया जा सकता है।
  • तिल के तेल को शाम के सूप के साथ ले सकते हैं।
  • इससे बनी सब्जी का सेवन दोपहर और रात के समय किया जा सकता है।

कितना खाएं: तिल के फायदे के लिए एक बार में इसके एक से तीन चम्मच (30 ग्राम) लिए जा सकते हैं, लेकिन इसे प्रतिदिन लेना सही नहीं होगा। हां, अगर कोई किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है, तो इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। साथ ही इसकी खुराक की मात्रा व्यक्ति की उम्र, कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य पर भी निर्भर करती है।

अभी बाकी है जानकारी

आइए, अब जानते हैं कि घर में तिल का तेल कैसे बना सकते हैं।

तिल का तेल बनाने की विधि

यहां हम बता रहे हैं कि घर में तिल का तेल बनाने की विधि क्या है। इसकी पूरी प्रक्रिया नीचे दी गई है। 

सामग्री :

  • दो किलो तिल
  • एक बड़ा-सा बाउल
  • तिल को धोने के लिए पानी
  • तिल में मिलाने के लिए 850 मिली गर्म पानी
  • तिल का पेस्ट बनाने के लिए ब्लेंडर
  • पेस्ट को रखने के लिए एक बर्तन
  • एक बड़ा-सा चम्मच
  • तिल के तेल को रखने के लिए डिब्बा

बनाने की प्रक्रिया :

  • सबसे पहले तिल को एक बर्तन में निकाल लें।
  • फिर तिल में पानी मिलाएं।
  • पानी मिलाने बाद तिल को अच्छे से धोकर छान लें।
  • छानने के बाद तिल को एक अलग पैन में निकाल लें।
  • फिर उस तिल को हल्की आंच पर तब तक भूनें जब तक तिल भूरे न हो जाएं।
  • इसके बाद गैस बंद करके तिल को ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • जब तिल अच्छे से ठंडे हो जाएं, तो उन्हें ब्लेंडर में डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
  • तिल को तब तक ब्लेंड करें जब तक कि उनका अच्छी तरह से पेस्ट न बन जाए।
  • पेस्ट बनने के बाद तिल को एक बड़े बर्तन में निकाल लें और उसमें 850 मिली गर्म पानी मिला लें।
  • जब तिल के पेस्ट में पानी डालें, तो उसे साथ-साथ में अच्छी तरह से मिलाते रहें।
  • तिल के पेस्ट को तब तक मिलाते रहें, जब तक कि दोनों मिश्रण अच्छे न मिल जाए और पेस्ट बर्तन की निचली सतह पर जम न जाए।
  • जब पेस्ट निचली सतह पर जम जाए, तो एक चम्मच की मदद से ऊपर-ऊपर से तिल के तेल को निकाल लें।
  • इस तरह से तिल का तेल आसानी से निकाला जा सकता है। आपको बता दें कि 2 किलो तिल में लगभग 450 मिली तेल निकाला जा सकता है।

पढ़ते रहें यह लेख

आगे आप पढ़ेंगे कि तिल को स्टोर करके कैसे रखना चाहिए।

तिल का चयन और लंबे समय तक सुरक्षित रखना 

ऐसे करें तिल का चयन :

  • असली सफेद तिल की निशानी यह है कि उनका रंग पूरी तरह से सफेद नहीं होता। ये तिल बीच-बीच में से हल्के पीले और क्रीमी रंग के हो सकते हैं।
  • अच्छी तिल की अन्य पहचान ये है कि वो थोड़े मोटे होते हैं। ऐसे तिल ताजे और अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं। इसलिए, अगर तिल सपाट और सूखे-सूखे नजर आएं, तो उसका इस्तेमाल न करें।
  • वहीं, काले तिल का रंग हमेशा डार्क ब्राउन से ब्लैक या फिर पिच ब्लैक जैसा होना चाहिए। पिच ब्लैक वाले तिल को अच्छी गुणवत्ता वाला माना जाता है।

ऐसे रखें तिल को सुरक्षित :

  • तिल को हमेशा एक साफ और एयर टाइट डब्बे में रखें।
  • तिल को समय-समय पर धूप लगाते रहें।
  • तिल को भूनकर भी रखा जा सकता है।
  • तिल को इसके छिलके साथ भी रखा जा सकता है।

तिल को सुरक्षित रखने के तरीके जानने के बाद हम पता करेंगे कि तिल कितना नुकसानदायक हो सकता है। 

तिल के नुकसान – Side Effects of Sesame Seeds in Hindi

तिल के तेल के फायदे तो कई हैं, लेकिन कई बार इसका अधिक उपयोग नुकसानदायक भी हो सकता है, जो इस प्रकार है:

  • कुछ लोगों को तिल के तेल के उपयोग से एलर्जी हो सकती है (14)।
  • अधिक मात्रा में तिल का सेवन करने से त्वचा प्रभावित हो सकती है, जिसमें खुजली व लालिमा आदि शामिल है (15)।
  • गर्भवती को तिल का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि तिल से होने वाले किसी भी नुकसान से बचा जा सके।

इस लेख को पढ़ने के बाद आप सभी को इस बात की तो जानकारी अच्छे से मिल गई होगी कि तिल के फायदे क्या हैं और इसके अधिक सेवन से कितना नुकसान हो सकता है। साथ ही आप यह भी जान गए होंगे कि तिल खाने का तरीका क्या है और घर में तिल के तेल को निकालने की विधि क्या है। इसके बाद अब अपने अनुसार तिल का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि हम यहां साफ कर दें कि तिल किसी भी बीमारी का पूरी तरह से इलाज नहीं हैं, बल्कि यह किसी भी समस्या को कुछ समय के लिए दूर कर सकता है। रोग के सही उपचार के लिए डॉक्टर के पास जाना जरूरी है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारा यह लेख आपको जरूर पसंद आया होगा।

आइए, अब लेख के अंत में कुछ पाठकों के सवाल भी ले लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या तिल को पचाना मुश्किल है?

हां, तिल को अधिक मात्रा में खाने से इसे पचाना मुश्किल हो सकता है।

क्या रोज तिल का सेवन करना ठीक है?

नहीं, पहली बात तो यही कि तिल की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे सिर्फ सर्दियों में खाना ही बेहतर होता है। साथ ही इसे प्रतिदिन खाने से पेट में गर्मी हो सकती है। ऐसे में तिल के फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

क्या तिल से गैस बन सकती है?

नहीं, तिल के सेवन से गैस की समस्या नहीं हो सकती है। इस तरह का जिक्र किसी वैज्ञानिक शोध में नहीं मिलता है।

क्या तिल का उबटन लगाना सामान्य है?

हां, तिल का उबटन लगाना सामान्य है। ऐसे में भी तिल के तेल के फायदे हो सकते हैं। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा से बैक्टीरिया और फंगस को दूर करने में मदद कर सकते हैं, जिससे त्वचा साफ रह सकती है (2)।

क्या कच्चे तिल खा सकते हैं?

हां, इसे कच्चा खाने से भी तिल के फायदे मिल सकते हैं।

कौन-सा बेहतर है, काला या सफेद तिल?

सफेद तिल की तुलना में काले तिल मानव स्वास्थ्य के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं (16)।

क्या हम रात को तिल खा सकते हैं?

हां, तिल का सेवन रात में किया जा सकता है, लेकिन इसका सेवन हमेशा उचित मात्रा में ही करना चाहिए।

क्या तिल से वजन बढ़ता है?

नहीं,  तिल के उचित उपयोग से वजन नहीं बढ़ता है (17)।

क्या मुझे तिल धोने की जरूरत है?

हां, अगर आप तिल को बाजर से खरीद कर लाते हैं, तो उसे उपयोग से पहले अच्छे से धो लें, फिर उसका इस्तेमाल करें।

कौन सा तिल बेहतर है, कच्चा या भुना हुआ?

तिल का इस्तेमाल दोनों तरीकों से किया जा सकता है। इसे कच्चा भी खा सकते हैं और भून कर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

References

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  1. Food Data Central
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/784464/nutrients
  2. Value addition in sesame: A perspective on bioactive components for enhancing utility and profitability
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4127822/
  3. Proteins
    https://medlineplus.gov/ency/imagepages/19823.htm
  4. Type 1 Diabetes, Cardiovascular Complications and Sesame (芝麻 Zhī Má)
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4032840/
  5. Preventive effect of sesame seed cake on hyperglycemia and obesity against high fructose-diet induced Type 2 diabetes in rats
    https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S0308814612001902
  6. Anti-inflammatory and Antioxidant Effects of Sesame Oil on Atherosclerosis: A Descriptive Literature Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5587404/
  7. Anti-Inflammatory and Anticancer Properties of Bioactive Compounds from Sesamum indicum L.—A Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6943436/
  8. Sesame oil attenuates ovalbumin-induced pulmonary edema and bronchial neutrophilic inflammation in mice
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/23710463/
  9. Preventive effects of flaxseed and sesame oil on bone loss in ovariectomized rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/18819621/
  10. Calcium, vitamin D, and your bones
    https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000490.htm
  11. Sesame seeds essential oil and Sesamol modulate the pro-inflammatory
    function of macrophages and dendritic cells and promote Th2 response
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6377006/
  12. Effect of Sesame Oil on Serum and Liver Lipid Profile in Hyperlipidemic Rats.
    https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.653.9200&rep=rep1&type=pdf
  13. Sesame ingestion affects sex hormones, antioxidant status,
    and blood lipids in postmenopausal women
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16614415/
  14. Sesame seed and sesame seed oil contain masked allergens of growing importance
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/9020427/
  15. Amended Safety Assessment of Sesamum Indicum (Sesame) Seed Oil, Hydrogenated Sesame Seed Oil, Sesamum Indicum (Sesame) Oil Unsaponifiables, and Sodium Sesame Seeds
    https://journals.sagepub.com/doi/pdf/10.1177/1091581811406987
  16. Identification of Nutritional Components in Black Sesame Determined by Widely Targeted Metabolomics and Traditional Chinese Medicines
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6100530/
  17. Effect of Diet Contains Sesame Seed on Adult Wistar Rat Testis
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.945.2625&rep=rep1&type=pdf
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