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पिंपल निकलने की समस्या बेहद आम हो गई है। खासकर जिनकी त्वचा ऑयली यानी तैलीय है, उन्हें पिंपल ज्यादा परेशान करते हैं। पिंपल न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती को कम करता है, बल्कि कई बार असहनीय दर्द भी देते हैं। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर पिम्पल कैसे हटाएं। इस सवाल का जवाब हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में देंगे। यहां हम पिंपल होने के कारण के साथ ही मुंहासे हटाने के उपाय के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। साथ ही पिंपल हटाने के घरेलू उपाय की भी जानकारी देंगे। पाठक ध्यान दें कि लेख में शामिल मुंहासों के लिए घरेलू उपाय पिंपल का ट्रिटमेंट नहीं हैं, ये केवल इनसे बचाव और इनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने का एक तरीका जरूर हो सकता है।

पढ़ते रहें लेख
मुंहासे हटाने के उपाय से पहले पिंपल्स के प्रकार के बारे में हम बता रहे हैं।
पिम्पल कितने प्रकार के होते हैं?
मुंहासों व पिम्पल के मुख्य तीन प्रकार हैं, जिनके बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं (1) (2)।
कॉमेडोनिका (Comedonica) : यह माइल्ड मुंहासे होते हैं। इसमें ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स शामिल हैं। इसमें त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा में जितना तेल जमा होता है, उतना बैक्टीरिया बढ़ने लगता है। इसी वजह से इंफ्लामेटरी एक्ने बनने लगते हैं।
पेपुलर–पुस्टुल्स (Papular-Pustules) : यह मॉडरेट यानी मध्यम मुंहासे होते हैं। इस दौरान पिंपल थोड़े सूज जाते हैं। साथ ही मुंहासों में पीले रंग का पस जम जाता है, जिसे पुस्टुल्स कहा जाता है।
नोड्यूल्स (Nodules): नोड्यूल्स मुंहासों के दौरान पिंपल में सूजन होने के साथ ही इसमें पीले रंग का पस भी जम जाता है। यह सिवियर यानी गंभीर किस्म के मुंहासे होते हैं।
आगे है और जानकारी
पिम्पल्स को कैसे रोके, यह जानने के लिए इसके कारण के बारे में पता होना जरूरी है। नीचे पढ़ें मुंहासे होने के कारण क्या-क्या होते हैं।
पिम्पल/मुंहासे होने के कारण – What Causes Pimple in Hindi
- अनुवांशिकता – पिंपल की समस्या अनुवांशिक हो सकती है। अगर परिवार में किसी को बार-बार पिंपल होते हैं, तो अन्य व्यक्तियों को भी मुंहासे होने की आशंका बढ़ जाती है (3) (4)।
- हार्मोनल बदलाव – बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से भी पिंपल होते हैं। खासकर महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के समय शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण पिंपल हो सकते हैं (4)।
- दवाओं के कारण – कभी-कभी तनाव, मिर्गी या मानसिक बीमारी से जुड़ी कुछ दवाओं के सेवन से भी पिंपल निकल सकते हैं (4) (5)।
- कॉस्मेटिक का ज्यादा इस्तेमाल – कॉस्मेटिक यानी सौंदर्य प्रसाधनों का अधिक इस्तेमाल करने से भी पिंपल निकल आते हैं। कई बार महिलाएं पूरे दिन मेकअप में रहती हैं और रात को ठीक से मेकअप नहीं उतारती, इस वजह से भी पिंपल हो सकते हैं (4) (5)।
- खानपान से जुड़ी आदतें – जर्नल ऑफ द एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की ओर से प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भोजन में ट्रांस फैट, दूध और मछली पिंपल बढ़ने की वजह बन सकते हैं (6)।
- तनाव – तनाव में रहने से भी पिंपल्स हो सकते हैं। तनाव की वजह से शरीर में अंदरूनी बदलाव होते हैं, जिस कारण पिंपल हो सकता है। साथ ही स्ट्रेस पिंपल को गंभीर भी काम कर सकता है (7)।
आगे पढ़ें लेख
मुंहासों के लक्षण – Symptoms And Signs Of Acne
निम्न बिन्दुओं के माध्यम से हम मुंहासों के लक्षणों को जान सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (5):
- त्वचा पर कठोर उभार नजर आना।
- त्वचा में पस का जमा होना।
- छोटे लाल उभार का दिखना।
- सफेद या पीले रंग के पस के साथ त्वचा उभार का दिखना।
- त्वचा का लाल होना।
- त्वचा पर निशान पड़ना।
- व्हाइट हेड्स (सफेद पस वाले छोटे उभार)।
- ब्लैकहेड्स (उभार जो ऊपर हल्का कालापन लिए हों)।
बने रहें हमारे साथ
पिम्पल्स को कैसे रोके, इस सवाल के जवाब के लिये नीचे पढ़ें पिंपल हटाने के घरेलू उपाय।
पिंपल हटाने के घरेलू उपाय – Pimple Home Remedies in Hindi
1. टी ट्री ऑयल
टी ट्री ऑयल को आमतौर पर पिंपल के इलाज के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। इसका इस्तेमाल मुंहासों पर एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण की वजह से किया जाता है (8)। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में भी इस बात का जिक्र किया गया है (9)। इन्हीं गुणों को देखते हुए मुंहासे की दवा यानी क्रीम व जेल में भी टी-ट्री ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से माना जाता है कि टी-ट्री ऑयल को पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे की तरह इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
इस्तेमाल कैसे करें:
- दो से तीन बूंद टी-ट्री ऑयल को आधे चम्मच एलोवेरा जेल में मिलाकर चेहरे पर लगा लें।
- कुछ देर बाद पेस्ट जब सूख जाए तो सामान्य पानी से चेहरे को धो लें।
- रोजाना दो से तीन बार इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।
2. एलोवेरा
पिंपल हटाने का घरेलू उपाय एलोवेरा जेल हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लामेट्री गुण बैक्टीरिया की वजह से होने वाले पिंपल को पनपने से रोकने के साथ ही इससे संबंधित सूजन को कम कर सकते हैं। साथ ही एलोवेरा में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण भी बैक्टीरिया को त्वचा पर पनपने से रोक सकता है। एलोवेरा को लेकर एनसीबीआई में मौजूद एक शोध में यह भी कहा गया है कि इसमें एंटी-एक्ने गुण भी होते हैं, जो मुंहासों से बचाव कर सकते हैं (10)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- एलोवेरा के पत्ते से ताजा जेल निकालें और सीधे पिम्पल प्रभावित हिस्से पर लगा लें।
- करीब 10-20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें।
3. ग्रीन टी
बार-बार मन में उठने वाले सवाल पिम्पल कैसे हटाएं का जवाब ग्रीन टी हो सकता है। जी हां, इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स मुंहासे के घरेलू उपचार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह पॉलीफेनोल्स सीबम (त्वचा ग्रंथियों से निकलने वाला तैलीय पदार्थ) के स्राव को कम कर सकता है। इससे मुंहासे ठीक हो सकते हैं या इनसे कुछ हद तक राहत मिल सकती है (11)। इसके अलावा, ग्रीन टी में एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मुंहासे से लड़ने में सहायता कर सकते हैं (12)। इसी वजह से ग्रीन टी को पिम्पल हटाने का तरीका माना जाता है।
इस्तेमाल कैसे करें:
- ग्रीन टी का रोज सेवन किया जा सकता है।
- इसके अलावा, ग्रीन टी बैग्स को उबालकर, ठंडा करने के बाद चेहरे पर भी लगा सकते हैं।
4. नारियल का तेल
नारियल के तेल में जीवाणुरोधी यौगिक के साथ ही विटामिन-ई होता है। इसी वजह से नारियल के तेल का इस्तेमाल पिम्पल हटाने के उपाय और इसकी वजह से चेहरे में पड़ने वाले धब्बों के उपचार के रूप में किया जा सकता है (13)। इसके अलावा, नारियल तेल त्वचा को मॉस्चराइज करके नरम रखने के साथ ही स्किन इंफेक्शन से बचाने में भी मदद कर सकता है (14)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे के रूप नारियल तेल का इस्तेमाल करने के लिए पहले इसकी कुछ बूंदों में थोड़ा सा शहद मिलाएं।
- फिर इसे अच्छे से फेंटकर चेहरे पर लगा लें।
- कुछ देर बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।
5. शहद और दालचीनी
शहद और दालचीनी के पाउडर भी पिंपल हटाने का घरेलू उपाय हो सकता है। कहा जाता है कि यह पिंपल को कम कर सकता है (15)। दरअसल, दालचीनी और शहद एक्ने के बैक्टीरिया से लड़कर पिम्पल ट्रीटमेंट में मदद कर सकते हैं। दोनों शहद और दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। साथ ही दालचीनी में मौजूद सिनामलडिहाइड केमिकल कंपाउंड में एंटीइंफ्लामेटरी गुण भी होते हैं, जो पिंपल का उपचार करने में लाभदायक हो सकता है।
वहीं, एनसीबीआई के एक शोध में जिक्र है कि शहद का एसिडिक नेचर और एंटीबायोटिक गुण मुंहासे के बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ ही इसे पनपने से रोक सकते हैं। इसके अलावा, एंटीइंफ्लामेटरी गुण एक्ने की वजह से चेहरे में आने वाली रेडनेस को कम करने का काम कर सकता है (16)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- तीन चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट तैयार करें।
- अब इस पेस्ट को अच्छी तरह से मुंहासे प्रभावित हिस्सों पर लगाएं।
- सोने से पहले पेस्ट लगाने के परिणाम प्रभावी हो सकते हैं।
- रातभर इसे चेहरे में लगा रहने दें और सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
- दो हफ्तों तक इसे रोजाना दोहराया जा सकता है (15)।
6. जोजोबा ऑयल
मुंहासे हटाने के घरेलू नुस्खे के रूप में जोजोबा ऑयल का लंबे समय से इस्तेमाल होता आ रहा है। शोध भी इस बात का समर्थन करते हैं कि जोजोबा ऑयल एक्ने के लिए लाभदायक हो सकता है। एक शोध में पाया गया कि त्वचा के हल्के मुंहासों को ठीक करने में जोजोबा ऑयल फेशियल मास्क प्रभावी हो सकता है। शोध में प्रति सप्ताह दो से तीन बार जोजोबा ऑयल मास्क लगाने वाले प्रतिभागियों के मुंहासों में कमी देखी गई है (17)।
दरअसल, जोजोबा ऑयल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल जैसे अनेक गुण होते हैं। इन्हीं की वजह से यह मुंहासों को कम करने में मदद कर सकता है (18)। जोजोबा ऑयल को पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे के रूप में और एक्ने के लक्षण कम करने के हर्बल तरीके की तरह जाना जाता है (19)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- जोजोबा ऑयल की कुछ बूंदों को रूई की मदद से चेहरे पर लगा लें।
- इसे लगाने के करीब 20 मिनट बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।
पढ़ते रहें घरेलू उपाय
7. लहसुन
लहसुन को भी पिम्पल हटाने का तरीका माना जाता है। इसमें एलिसिन (Allicin) होता है, जो एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करता है। यह त्वचा को बैक्टीरिया से मुक्त रखने के साथ ही इन्हें पनपने से रोकने का काम कर सकता है (20)। इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। ये गुण मिलकर मुंहासे को कम करने में लाभदायक हो सकते है। इसके हाइड्रोक्लोरिक अर्क से एंटी-एक्ने जेल भी बनाया जाता है (21)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- आवश्यकतानुसार लहसुन का पेस्ट बनाकर तैयार करें।
- अब इसमें थोड़ा सा शहद और पानी की कुछ बूंदें डालकर चेहरे पर लगा लें।
- मिश्रण लगाने के बाद जब सूख जाए तो त्वचा को धो लें।
8. आर्गन ऑयल
आर्गन ऑयल का इस्तेमाल भी एक्ने से राहत पाने के लिए किया जा सकता है। प्राचीन समय से हर तरह एक्ने व पिम्पल हटाने के उपाय के रूप में इसे इस्तेमाल में लाया जाता रहा है (22)। रिसर्च के मुताबिक आर्गन ऑयल चेहरे के सीबम (ऑयल) को कम करके एक्ने से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (23)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- कॉटन की मदद से आर्गन तेल को सीधे या अन्य तेल की बूंदों के साथ मिलाकर चेहरे पर लगा लें।
- इसके साथ नारियल या बादाम के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
9. अरंडी का तेल
कैस्टर ऑयल यानी अरंडी का तेल त्वचा की गंदगी को साफ करने का काम कर सकता है (24)। साथ ही कैस्टर ऑयल में त्वचा संबंधी समस्याओं से लड़कर स्किन को स्वस्थ और मुलायम बनाने का काम भी कर सकता है (25) (26)। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण भी पाए जाते हैं। इसी वजह से कहा जा सकता है कि अरंडी का तेल मुंहासों से बचाव में भी मदद कर सकता है (27)। हालांकि, इसको लेकर किसी तरह का प्रत्यक्ष प्रमाण या शोध मौजूद नहीं है।
इस्तेमाल कैसे करें:
- आवश्यकतानुसार अरंडी का तेल और एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
- मिश्रण के सूख जाने पर त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें।
10. हल्दी
हल्दी का उपयोग भी पिम्पल हटाने का तरीका हो सकता है। इसके एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और हीलिंग गुण की वजह से इसे पिंपल के लक्षण कम करने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है (28)। साथ ही हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी के साथ ही एंटीमाइक्रोबियल गुण प्रदर्शित करता है। ये गुण मिलकर पिंपल व मुंहासों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं (29)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- चुटकी भर हल्दी में शहद मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
- अब इसे चेहरे पर 20 मिनट तक लगा रहने दें।
- इसके बाद चेहरे को धो लें।
11. सेंधा नमक
पिंपल हटाने का आसान तरीका सेंधा नमक भी है। इसमें मौजूद मैग्निशियम हार्मोन्स को बैलेंस करके एक्ने के लक्षण को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह स्किन में मौजूद डेड सेल्स को साफ करके त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाने में मदद कर सकता है (30)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- पानी से भरे टब में सेंधा नमक डालकर एक्ने प्रभावित हिस्से को पानी में भिगोएं।
- या एक रूई को सेंधा नमक के पानी में डूबोकर मुंहासों के ऊपर रख दें।
- करीब 20 से 30 मिनट बाद तौलिए से त्वचा को पोंछ कर ऐसे ही छोड़ दें।
12. फिश ऑयल
मछली के तेल का सेवन भी मुंहासे हटाने के उपाय के रूप में किया जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं, जो इंफ्लामेशन की वजह से होने वाले एक्ने से राहत पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। एनसीबीआई में मौजूद एक शोध में भी इस बात का उल्लेख है कि रोजाना फिश ऑयल का सेवन 12 हफ्ते तक करने से एक्ने में सुधार हो सकता है (31)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- डॉक्टरी परामर्श पर फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन किया जा सकता है।
13. नींबू
पिम्पल ट्रीटमेंट के लिए कई अन्य घरेलू पदार्थों की तरह ही नींबू का उपयोग भी किया जा सकता है (32)। दरअसल, इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड जीवाणुरोधी गतिविधि को प्रदर्शित करते हैं। यही वजह है कि ये त्वचा में बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते, जिससे एक्ने में राहत मिल सकती है। इसके अलावा, नींबू में मौजूद सिट्रस एसिड भी प्रोपिओनी बैक्टीरियम एक्ने (Propionibacteriumacnes) को बढ़ने नहीं देता (33)। इसी वजह से नींबू को पिंपल के घरेलू उपाय के रूप में जाना जाता है।
इस्तेमाल कैसे करें:
- आधे नींबू का रस निचोड़कर एक कटोरी में निकाल लें।
- कुछ बूंदें पानी की डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें।
- अब पानी और नींबू के रस के मिश्रण को रूई की मदद से मुंहासों पर लगाएं।
- करीब 30 मिनट बाद चेहरे को धो लें।
14. नीम
पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे के तौर पर नीम का इस्तेमाल काफी प्रचलित है। नीम की पत्तियों में एंटीइंफ्लामेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं (34)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया है कि नीम के इथेनॉल अर्क से एंटी-एक्ने पैक तैयार किया जा सकता है। यह पैक बनाते समय नीम के साथ तुलसी, ग्रीन टी और कई अन्य सामग्रियों का भी इस्तेमाल किया गया।
इस रिसर्च में पाया गया कि इन सामग्रियों की मदद से बनाया गया एंटी-एक्ने फॉर्मूला प्रोपियोबैक्टीरियम के साथ ही स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिस (एक्ने और मुंहासे की वजह बनने वाले जीवाणु) के खिलाफ काम कर सकता है (35)। इन्हीं खूबियों की वजह से नीम की पत्तियों को पिंपल के उपचार के लिए औषधि माना जाता है।
इस्तेमाल कैसे करें:
- नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर एक्ने पर लगा सकते हैं।
- इसके अलावा, नीम को पानी में उबालकर उसके ठंडे काढे से चेहरा धो सकते हैं।
- नीम के साथ ही तुलसी और ग्रीन टी को एक साथ पिसकर भी इस लेप को चेहरे पर लगाया जा सकता है।
15. मुल्तानी मिट्टी
मुल्तानी मिट्टी भी मुंहासे हटाने के घरेलू नुस्खे में से एक है। दरअसल, एक्ने त्वचा की तेल ग्रंथियों द्वारा सीबम (तैलीय पदार्थ) बनने की वजह से होते हैं (4)। मुल्तानी मिट्टी त्वचा में बनने वाले इस प्राकृतिक तेल को सोखकर चेहरे पर जमी गंदगी को साफ कर सकती है। इसी वजह से माना जाता है कि मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से चेहरे पर मुंहासे कम हो सकते हैं। मुल्तानी मिट्टी चेहरे के दाग-धब्बों को भी कम कर सकती है, क्योंकि यह त्वचा को गहराई से साफ कर सकती है (36)।
मुल्तानी मिट्टी में एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं, जो एक्ने बैक्टीरिया को खत्म करने और उन्हें पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं (37)। इसी वजह से एंटी-एक्ने जेल बनाने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है (38)।
इस्तेमाल कैसे करें:
- तीन चम्मच मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच शहद और आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें।
- अब इसे चेहरे पर लगाएं और कुछ देर बाद चेहरा धो लें।
16. सेब का सिरका
पिंपल्स ट्रीटमेंट एट होम में सेब का सिरका भी शामिल है। त्वचा के पीएच लेवल में असंतुलन की वजह से भी मुंहासे हो सकते हैं (39)। इसी वजह से पिम्पल हटाने के उपाय के रूप में सेब के सिरके का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, सेब का सिरका त्वचा के पीएच को संतुलित करने का काम कर सकता है। इसके अलावा, सेब के सिरके के एंटीबैक्टीरियल गुण एक्ने बैक्टीरिया को खत्म करके मुंहासे को कम कर सकते हैं।
इस्तेमाल कैसे करें:
- एक चम्मच सेब के सिरके में आधा चम्मच पानी मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
- कुछ देर बाद चेहरे को पानी से धो लें।
17. विच हेजल
मुंहासों की समस्या को कम करने के लिए विच हेजल का इस्तेमाल भी किया जाता है। इसमें पाया जाने वाला टैनिन (Tannin) तैलिय त्वचा के लिए एस्ट्रिंजेंट की तरह काम कर सकता है। मतलब, एक ऐसे पदार्थ की तरह, जो चेहरे से सीबम (तैलीय पदार्थ) बनने को कम करता हो। इसी वजह से विच हेजल को पिंपल का उपचार करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा, विच हेजल में एंटी-इन्फ्लामेटरी गुण भी मौजूद होते हैं (26) (40)। इस आधार पर कह सकते हैं कि विच हेजल को पिंपल के घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस्तेमाल कैसे करें:
- विच हेजल के तेल को रूई की मदद से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
- फिर कुछ देर बार गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
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चलिए, जानते हैं हाउ टू रिमूव पिंपल विद डाइट।
पिंपल से बचाव के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं – Diet for Pimples in Hindi
जैसा कि हम लेख में ऊपर भी बता चुके हैं कि गलत खान-पान की वजह से भी मुंहासे होते हैं। इसी वजह से पिम्पल हटाने के उपाय के साथ ही खान-पान की आदतों में सुधार भी मुंहासों से बचाव के लिए जरूरी है। इसी वजह से आगे हम पिंपल से बचाव के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं बता रहे हैं।
क्या खाएं:
मुंहासों से बचे रहने के लिए इन खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में जगह दी जा सकती है (4) –
- फल
- सब्जियां
- साबूत अनाज
- कम रिफाइंड चीजें
क्या न खाएं:
- उच्च ग्लाइसेमिक भोजन जैसे हाई शुगर युक्त ड्रिंक्स (6) (4)।
- चॉकलेट (41)।
- दूध (41)।
- रिफाइन्सड चीजें (4)।
- प्रोसेसड प्रोडक्ट (4)।
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आगे हम बता रहे हैं कि पिम्पल्स का इलाज किस प्रकार किया जा सकता है।
मुंहासे का इलाज – Pimple Treatments in Hindi
पिंपल की समस्या अगर घरेलू नुस्खों से दूर न हो पाए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए। नीचे हम बता रहे हैं कि पिम्पल्स का इलाज क्या-क्या हो सकता है।
- 1. टॉपिकल ट्रीटमेंट – मुंहासे के ट्रीटमेंट के लिए चेहरे पर लगाने के लिए दवाएं भी दी जाती है। अगर इन दवाओं से असर नहीं होता है, तब आगे चलकर डॉक्टर पिंपल के उपचार के रूप में अन्य विकल्प की सलाह दे सकते हैं (42)।
- 2. लेजर उपचार – पिंपल का उपचार की इस आधुनिक विधि में मुंहासे में मौजूद बैक्टीरिया को मारने के लिए लेजर किरणों का इस्तेमाल किया जाता है। यह विधि मुंहासों को नियंत्रित करती है और भविष्य में मुंहासे होने की आशंका को कम कर सकती है (42)।
- 3. होम्योपैथी – कील-मुंहासे का इलाज इस विधि से भी किया जाता है। इससे मुंहासे के ब्रेकआउट से राहत पाने में मदद मिल सकती है (43)।
- 4. ब्लू व रेड लाइट से उपचार – इस लाइट थेरेपी का भी कील-मुंहासे का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, प्रोपेयोनिबैक्टीरियम एक्नेस नाम के बैक्टीरिया को मुंहासों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। वहीं, नीली व लाल रोशनी के संपर्क में आते ही ये बैक्टीरिया नष्ट हो जाता है। इससे त्वचा की तेल ग्रंथियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे कम सीबम बनता है। मुंहासों के लिए यह एक अच्छा उपचार हो सकता है (44)।
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अब हम बताएंगे प्रेगनेंसी में पिम्पल होने की वजह क्या है।
प्रेगनेंसी के वक्त पिम्पल क्यों होते हैं?
गर्भावस्था के समय मुंहासे होने की वजह मेटरनल एण्ड्रोजन हार्मोन और सीबम का उत्पादन होता है। अक्सर, गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में मुंहासे ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई बार यह तीसरे ट्राइमेस्टर में बहुत ज्यादा हो जाते हैं (45)।
आगे, हम बता रहे हैं कि मुंहासों से बचाव कैसे किया जा सकता है।
पिम्पल से बचाव – Pimple Prevention Tips in Hindi
पिम्पल्स को कैसे रोके, इस सवाल का जवाब हम ऊपर दे चुके हैं। क्या आपको पता है कि अपनी जीवनशैली में बदलाव करने से भी इससे बचा जा सकता है। लेख में नीचे दिए गए सुझावों को आदत में शामिल करना भी पिम्पल हटाने का तरीका हो सकता है (46) –
- चेहरे को नियमित धोएं – अपने चेहरे को हर रोज दो बार धोएं। इससे चेहरे पर जमने वाली धूल-मिट्टी साफ होगी और चेहरे पर तेल नहीं जमेगा।
- समय–समय पर चेहरा एक्सफोलिएट करें – त्वचा को एक्सफोलिएट करने से गहराई से चेहरे की सफाई होती है। साथ ही छिद्र भी अच्छे से साफ होते हैं।
- मेकअप ब्रश को रोज धोएं – अपने मेकअप ब्रश का इस्तेमाल करने के बाद उसे अच्छी तरह से धोएं। इससे ब्रश पर बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं।
- खूब पानी पिएं – हर रोज कम-से-कम आठ गिलास पानी जरूर पिएं। इससे शरीर की अशुद्धियां बाहर निकल जाएंगी।
- स्ट्रेस न लें – ऊपर हम बता चुके हैं कि तनाव की वजह से मुंहासे हो सकते हैं। इसी वजह से स्ट्रेस व तनाव न लें।
- चेहरे को न छुएं – बार-बार चेहरे को छूने की आदत छोड़ दें। हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया चेहरे पर पिंपल की वजह बन सकता है।
- मेकअप को ध्यान से चुनें – कुछ मेकअप चेहरे के रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देते हैं। इसी वजह से जरूरी है कि नॉन-कॉमेडोजेनिक और नॉन-एक्नेजेनिक मेकअप का ही इस्तेमाल करें, यह चेहरे के रोम छिद्रों को ब्लॉक नहीं करते।
- खानपान की सही आदत डालें – जैसा कि हम पहले भी जिक्र कर चुके हैं कि बुरी खानपान की आदत की वजह से भी मुंहासे हो सकते हैं। इसलिए, पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें (6)।
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चलिए, आगे जानते हैं कि पिम्पल के लिए सबसे अच्छी क्रीम कौन सी होती हैं।
पिम्पल के लिए कौन सी क्रीम अच्छी होती हैं?
पिंपल के लिए अच्छी क्रीम की लिस्ट में उन्हीं क्रीम का नाम आता है, जो त्वचा के अधिक तेल उत्पादन को कंट्रोल करें। साथ ही त्वचा के छिद्रों को गहराई से साफ भी करें। इसके अलावा, अगर पिंपल दूर करने वाली क्रीम में ही इसके दाग से छुटकारा दिलाने का गुण हो, तो और भी बेहतर है। इसलिए, बाजार जाएं तो इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर पिंपल के लिए बेस्ट क्रीम का चुनाव करें।
पिंपल के बार-बार आने से त्वचा की चमक और खूबसूरती पर कहीं-न-कहीं असर जरूर पड़ता है। याद रखें कि हर कोई अपने आप में बेहद खुबसूरत है, पिंपल और मुंहासे मन और व्यक्तित्व की खूबसूरती को कम नहीं कर सकते। इसी वजह से बे-झिझक बिना किसी शर्मिंदगी के कहीं भी बाहर आइए और जाइए। पिंपल आज नहीं तो कल ठीक जरूर हो जाएंगे। हल्के से मध्यम मुंहासों के लिए लेख में दिए गए एक्ने हटाने के घरेलू उपाय अपना सकते हैं। वहीं, अगर मुंहासे गंभीर हो जाएं, तो हिचकिचाने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय रहते एक्ने ट्रिटमेंट करने से इसे बढ़ने से रोका जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रातों-रात पिंपल्स से छुटकारा पाना संभव है?
जी नहीं, रातों-रात पिंपल्स से छुटकारा नहीं पाया जा सकता है।
पिंपल्स को छूने से क्यों बचना चाहिए?
पिंपल्स को बार-बार छूने से उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। साथ ही पिंपल की स्थिति जटिल हो सकती है (47)।
मुंहासे और एक्ने के बीच अंतर क्या है?
एक्ने एक आम त्वचा विकार है और पिंपल इस स्थिति का एक लक्षण है।
क्या पिंपल को दबाना और नोचना चाहिए?
नहीं, पिंपल दबाने और नोचने से और बढ़ सकते हैं। साथ ही चेहरे पर दाग पड़ सकते हैं। इसी वजह से न तो पिंपल को छूना चाहिए और न ही दबाना और नोचना चाहिए।
पिंपल में सफेद तरल पदार्थ क्या है?
पिंपल में मौजूद सफेद पदार्थ मवाद यानी पस होता है।
क्या टूथपेस्ट पिंपल्स के लिए अच्छा है?
नहीं, लोग इसका इस्तेमाल जरूर करते हैं, लेकिन इसके प्रयोग से जुड़ा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
क्या बर्फ पिंपल्स के लिए अच्छा होता है?
हां, बर्फ एक्ने और पिंपल्स से राहत पहुंचाने में कुछ हद तक मदद कर सकता है (48)। हालांकि, यह कितना कारगर होगा, इससे जुड़ा सटीक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।
कुछ फुंसियां व मुंहासे कठोर क्यों होते हैं?
ऑयल, बैक्टीरिया और गंदगी की वजह से मुंहासे कठोर हो सकते हैं। फिलहाल, इससे जुड़ा कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।
पिम्पल्स के लिए डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
पिम्पल्स जब ज्यादा बढ़ने लगें और घरेलू उपचार काम न करें तो तुरंत मुंहासे के ट्रीटमेंट के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
References
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