Dr. Zeel Gandhi, BAMS
Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

मुंह हमारे शरीर का वह हिस्सा है, जिसकी सेहत और स्वास्थ्य को अमूमन लोग नजरअंदाज कर जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग इस लापरवाही के चलते मसूड़े की सूजन से परेशान रहते हैं। कभी किसी ने सोचा है कि मसूड़ों में अचानक सूजन आ जाने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं या फिर इससे निजात पाने के लिए किन सावधानियों और उपायों को अपनाया जा सकता है? अगर जवाब न में हैं तो यह लेख सिर्फ आपके लिए ही है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको मसूड़ों में सूजन के घरेलू उपचार के साथ ही मसूड़े की सूजन के लक्षण और मसूड़े फूलने का कारण भी बताएंगे। वहीं, लेख में आपको मसूड़े फूलने का इलाज कैसे किया जाता है, इस संबंध में भी पूरी जानकारी दी जाएगी। ध्यान रहे, घरेलू उपचार समस्या में राहत दिला सकते हैं, लेकिन इन्हें उन समस्याओं का इलाज नहीं कहा जा सकता।

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आगे लेख में आप मसूड़े की सूजन से जुड़ी कई जरूरी बातें जानेंगे, लेकिन उससे पहले आइए हम मसूड़ों की सूजन के प्रकार के बारे में जान लेते हैं।

मसूड़ों की सूजन के प्रकार – Types of Swollen Gums in Hindi

मसूड़ों में सूजन के प्रकार को विशेष रूप से परिभाषित नहीं किया गया है। फिर भी मसूड़े के प्रभावित क्षेत्र और मसूड़े में सूजन की गंभीरता के आधार पर इसके प्रकार को समझा जा सकता है, जो कुछ इस प्रकार है (1)

  1. आंशिक सूजन – जब मसूड़े का त्रिकोणीय आकार का क्षेत्र जिसे पपिले (Papillae) कहा जाता है, में हल्की सूजन हो और केवल एक दांत से जुड़ा मसूड़ा प्रभावित हो तो इसे आंशिक मसूड़े की सूजन कहा जाता है।
  2. वृहद सूजन – जब एक से अधिक दांत से जुड़े पपिले (Papillae) क्षेत्र में सूजन हो तो इसे वृहद मसूड़े की सूजन कहा जाता है।
  3. विस्तृत सूजन – जब मसूड़े में पैपिली क्षेत्र के साथ-साथ मार्जिनल भाग यानी बाहरी किनारे के छोर तक सूजन होती है तो इसे विस्तृत मसूड़े की सूजन के रूप में देखा जाता है।

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लेख के अगले भाग में अब हम मसूड़ों में सूजन के कारण जानने की कोशिश करेंगे।

मसूड़े फूलने के कारण – What Causes Swollen Gums In Hindi

मसूड़े क्यों फूल जाते हैं? इस सवाल का जवाब पाने के लिए निम्न बिंदुओं के माध्यम से हम मसूड़ों में सूजन के कारण जानकर पा सकते हैं (1)

  • जिंजिवाइटिस (बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होने वाली मसूड़ों से संबंधित एक बीमारी) के कारण सूजन
  • वायरस या फंगस इन्फेक्शन के कारण।
  • पोषण की कमी के कारण।
  • डेन्चर (नकली दांत) या मुंह से अन्य उपकरणों की खराब फिटिंग के कारण।
  • गर्भावस्था के कारण।
  • टूथपेस्ट या माउथवाश के प्रति अधिक संवेदनशीलता के कारण।
  • स्कर्वी (विटामिन सी की कमी से होने वाला रोग) के कारण।
  • किसी दवा विशेष के दुष्परिणाम के कारण।
  • दांतों या मसूड़ों में फंसे खाद्य अंश के कारण।

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मसूड़े फूलने का कारण जानने के बाद अब हम आपको मसूड़े की सूजन के लक्षण से जुड़ी जानकारी देंगे।

मसूड़ों में सूजन के लक्षण – Symptoms For Swollen Gums In Hindi

मुख्य रूप से मसूड़े की सूजन के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (2)

  • मसूड़ों से खून आना।
  • मसूड़े लाल हो जाना और इनमें सूजन आना
  • मसूड़ों में दर्द होना।
  • ढीले दांत।
  • दांतों में संवेदनशीलता।
  • सांस से बदबू आना।

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मसूड़े की सूजन के लक्षण जानने के बाद अब हम मसूड़ों में सूजन के घरेलू उपचार के बारे में जानकारी देंगे।

मसूड़ों में सूजन दूर करने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Swollen Gums in Hindi

1. नमक का पानी

सामग्री

  • एक चम्मच नमक
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें

  • गुनगुने पानी में नमक डालकर इससे कुल्ला करें।
  • अधिक फायदे के लिए इस प्रक्रिया को सुबह और रात को दोहरा सकते हैं।
  • इसके अलावा, खाना-खाने के कुछ देर बाद भी यह प्रक्रिया दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

मसूड़े की सूजन का घरेलू उपचार करने के लिए नमक का पानी लाभदायक सिद्ध हो सकता है। दरअसल, मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए नमक के पानी से कुल्ला एक प्रचलित और प्रभावी घरेलू उपचार माना जाता है, जिसे विशेषज्ञ भी स्वीकार करते हैं (3)। वहीं, मसूड़ों की सूजन से संबंधित नमक के पानी पर किए गए एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध में भी इस बात को माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि यह मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मददगार हो सकता है। वहीं, शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि यह ओरल वूंड हीलिंग को बढ़ावा देने का काम भी कर सकता है। इस कारण यह मसूड़े में सूजन की समस्या को कम करने में भी कुछ हद तक कारगर साबित हो सकता है (4)। फिलहाल, इससे जुड़े सटीक प्रमाण के लिए और शोध की आवश्यकता है।

इसके अलावा, एक अन्य शोध में एल्वोलर ओसटेटिस (Alveolar Osteitis) की स्थिति में नमक का पानी लाभकारी हो सकता है। एल्वोलर ओसटेटिस, दांत निकालने के बाद होने वाले असहनीय दर्द की स्थिति है, जिसमें मसूड़े के नीचे स्थित एल्वोलर हड्डी प्रभावित होती है (5)। वहीं, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि सैलाइन सोल्युशन, इन्फ्लेमेशन (सूजन) को कम करने में मदद कर सकता है (6)

इन सभी तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि मसूड़ों की सूजन और दर्द की स्थिति में नमक का पानी कुछ हद तक राहत पहुंचा सकता है। हालांकि, स्पष्ट प्रमाणों की कमी के चलते अभी इस पर और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

2. लौंग का तेल

सामग्री

  • दो-तीन बूंद लौंग का तेल

कैसे इस्तेमाल करें

  • सूजे हुए मसूड़ों पर लौंग का तेल लगाएं और धीरे-धीरे मालिश करें।
  • बाद में इसे अपने मसूड़ों पर ऐसे ही लगा छोड़ दें।
  • मसूड़ों की सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए लौंग के तेल को काली मिर्च के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बेहतर लाभ के लिए कुछ घंटों के अंतराल पर इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

विशेषज्ञों के मुताबिक लौंग के तेल में बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने, सूजन को कम करने के साथ ही दर्दनिवारक गुण मौजूद होता है। इन गुणों के कारण ही लौंग का तेल जिंजिवाइटिस (मसूड़ों में सूजन) की समस्या से राहत दिलाने में सहायक साबित हो सकता है (7) (8)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि मसूड़े की सूजन के उपचार के तौर पर लौंग के तेल के फायदे लाभदायक साबित हो सकते हैं।

3. अदरक

सामग्री

  • अदरक का एक छोटा टुकड़ा
  • आधा चम्मच नमक

कैसे इस्तेमाल करें

  • अदरक को पीस लें और उसमें नमक मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • अदरक के पेस्ट को सूजन वाले मसूड़ों पर रगड़ें और 10 से 12 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • फिर बाद में पानी से कुल्ला कर लें।
  • यह प्रक्रिया दिन में दो से तीन बार तक दोहराई जा सकती है।

कैसे है लाभदायक

अदरक से भी मसूड़े की सूजन का घरेलू उपचार किया जा सकता है। अदरक से संबंधित एक शोध में इसके औषधीय गुणों का जिक्र मिलता है। इसमें माना गया कि अदरक में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला), एंटीमाइक्रोबियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) और एंटीफंगल (फंगस इन्फेक्शन कम करने वाला) प्रभाव पाए जाते हैं। साथ ही इस बात की पुष्टि की गई कि मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में यह तीनों गुण संयुक्त रूप से मदद कर सकते हैं (9)। इसलिए, यह माना जा सकता है कि अदरक का उपयोग कुछ हद तक मसूड़ों की सूजन और दर्द से राहत दिलाने में भी सहायक साबित हो सकता है।

4. बेकिंग सोडा

सामग्री

  • एक चम्मच बेकिंग सोडा
  • एक चुटकी हल्दी

कैसे इस्तेमाल करें

  • हल्दी और बेकिंग सोडा को मिलाकर इससे मसूड़ों की मालिश करें।
  • फिर पानी से कुल्ला कर लें।
  • बेकिंग सोडा से ब्रश करने से भी मसूड़ों की सूजन दूर हो सकती है।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना सुबह-शाम दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

मसूड़े की सूजन के उपचार के तौर पर बेकिंग सोडा भी प्रयोग में लाया जा सकता है। न्यूयार्क विश्वविद्यालय के दंत विभाग द्वारा कि गए एक शोध में बेकिंग सोडा को मौखिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया। शोध में जिक्र मिलता है कि इसमें एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) गुण पाया जाता है, जो दांतों पर जमा प्लाक के खिलाफ काम करता है। वहीं, इसमें मौजूद एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) प्रभाव मसूड़ों की सूजन कम करने में मदद कर सकता है (10)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बेकिंग सोडा के फायदे इस समस्या में लाभकारी साबित हो सकते हैं।

5. नींबू का रस

सामग्री

  • एक चम्मच नींबू का रस
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें

  • गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर कुल्ला करें।
  • आराम न मिलने तक इस प्रक्रिया को हर दिन दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

मसूड़े की सूजन का घरेलू उपचार करने के लिए नींबू को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन के कारण मसूड़ों में सूजन की समस्या हो सकती है। ऐसे में नींबू के रस में मौजूद एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाले) और एंटीफंगल (फंगस कम करने वाले) प्रभाव सहायक साबित हो सकते हैं। वहीं, इसमें सीधे तौर पर एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) प्रभाव भी मौजूद होता है (11)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि नींबू का रस मसूड़ों की सूजन और दर्द में लाभकारी प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है।

6. एसेंशियल ऑयल्स

सामग्री

  • दो बूंद कैमोमाइल एसेंशियल ऑयल
  • दो बूंद टी-ट्री एसेंशियल ऑयल
  • दो बूंद पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें

  • सभी तेल को एक गिलास पानी में डालें। इस पानी को मुंह में भर लें और दो-तीन मिनट के लिए रखें।
  • फिर कुल्ला करते हुए पानी मुंह से फेंक दें और साफ पानी से कुल्ला कर लें।
  • ब्रश करते समय अपने टूथपेस्ट में कुछ बूंद टी-ट्री ऑयल मिलाने से भी मसूड़ों की सूजन से राहत मिल सकती है।
  • इस माउथवॉश को दिन में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक

घरेलू तौर पर मसूड़े फूलने का इलाज करने के लिए एसेंशियल ऑयल्स को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एनसीबीआई के तीन अलग-अलग शोध का आंकलन करने पर पता चलता है कि कैमोमाइल, टी-ट्री और पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल में एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला)  प्रभाव पाया जाता है (12) (13) (14)। इन्हीं प्रभावों के कारण यह तीनों एसेंशियल ऑयल्स मसूड़े की सूजन के उपचार के तौर पर इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं।

7. अरंडी के बीज का तेल

सामग्री

  • कपूर की एक गोली
  • कुछ बूंद अरंडी का तेल

कैसे इस्तेमाल करें

  • कपूर को पीसकर इसमें अरंडी का तेल मिलाएं और पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट से अपने मसूड़ों की मालिश करें।
  • इसे दो-तीन मिनट तक लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से अच्छी तरह मुंह साफ कर लें।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना एक बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक

अरंडी के तेल को भी मसूड़े की सूजन का घरेलू उपचार करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कपूर में दर्द निवारक गुण मौजूद होता है, जो मसूड़ों और दांत से संबंधित दर्द को कम करने में सहायक माना जाता है (15)। वहीं, दूसरी ओर अरंडी के तेल में मौजूद रिसिनोलेइक एसिड (Ricinoleic Acid) में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) गुण पाया जाता है (16)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि अरंडी के तेल और कपूर से तैयार मिश्रण मसूड़ों की सूजन में राहत दिलाने का काम कर सकता है।

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8. बबूल के पेड़ की छाल

सामग्री

  • बबुल के पेड़ की छाल का एक टुकड़ा
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें

  • बबुल की छाल को पांच से सात मिनट तक पानी में उबालें।
  • इस पानी को माउथवॉश के तौर पर इस्तेमाल करें।
  • बेहतर लाभ के लिए इस पानी से दिन में तीन से चार बार कुल्ला कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

बबूल की छाल को भी मसूड़े की सूजन के उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड बायोएलायड साइंसेज द्वारा किए गए एक शोध में माना गया कि बबूल मसूड़ों की सूजन में कारगर साबित हो सकता है। शोध में जिक्र मिलता है कि बबूल जिंजिवाइटिस (मसूड़ों में सूजन से संबंधित विकार) को पैदा करने वाले ओरल पैथोजेन्स (बैक्टीरिया) खत्म करने में सहायक साबित हो सकता है (17)। इस तथ्य को देखते हुए यह माना जा सकता है कि बबूल की छाल मसूड़े की सूजन कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

9. एलोवेरा जेल

सामग्री

  • एक एलोवेरा की पत्ती

कैसे इस्तेमाल करें

  • एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालकर मसूड़ों पर लगाएं।
  • जितनी देर हो सके इसे मसूड़ों पर लगा रहने दें।
  • मसूड़ों में सूजन से राहत पाने के लिए आप एलोवेरा के जेल से गरारा भी कर सकते हैं।
  • बेहतर लाभ के लिए इस प्रक्रिया को दिन में दो बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक

मसूड़ों की सूजन में एलोवेरा जेल के फायदे भी कारगर साबित हो सकते हैं। दरअसल, इंडियन सोसाइटी ऑफ पीरियडोनटोलॉजी द्वारा किए गए एक शोध में एलोवेराजेल को मसूड़ों की सूजन पर कारगर माना गया है। शोध में माना गया कि एलोवेरा जेल में एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव मौजूद होता है। यह दोनों प्रभाव संयुक्त रूप से जिंजिवाइटिस (मसूड़ों की सूजन) कम करने में सहायक हो सकते है (18)

10. हल्दी

सामग्री

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर
  • आधा चम्मच नमक
  • आधा चम्मच सरसों का तेल

कैसे इस्तेमाल करें

  • सभी सामग्री मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे मसूड़ों पर लगाएं।
  • इसे 10-12 मिनट तक लगा रहने दें।
  • फिर बाद में पानी से कुल्ला कर लें।
  • इस प्रक्रिया को सप्ताह में करीब दो बार दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

मौखिक स्वास्थ्य से संबंधित हल्दी पर किए गए एक शोध से इस बात का प्रमाण मिलता है कि यह जिंजीवाइटिस (मसूड़ों में सूजन का एक विकार) में राहत पहुंचाने का काम कर सकती है। इस काम में हल्दी में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) प्रभाव मुख्य भूमिका निभाते हैं (19)

11. सेब का सिरका

सामग्री

  • एक चम्मच सेब का सिरका
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें

  • एक गिलास पानी में सेब का सिरका मिलाएं और इस पानी से कुल्ला करें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में करीब दो से तीन बार तक दोहराया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक

जैसा कि हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि जिंजीवाइटिस (मसूड़ों में सूजन का एक विकार) मसूड़ों में सूजन के मुख्य कारणों में शामिल है। वहीं, सेब के सिरका इस समस्या से राहत पहुंचाने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। दरअसल, सेब के सिरके में एंटीमाइक्रोबियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) और एंटीफंगल (फंगस खत्म करने वाला) प्रभाव मौजूद होता है। यह दोनों प्रभाव मिलकर मसूड़ों में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (20)

12. वनीला एक्सट्रेक्ट

सामग्री

  • 1-2 बूंद वनीला का एक्सट्रेक्ट

कैसे इस्तेमाल करें

  • उंगली की मदद से वनीला के एक्सट्रेक्ट को अपने मसूड़ों पर लगाएं।
  • इसे मसूड़ों पर लगा रहने दें।
  • इस प्रक्रिया को करीब दिन में दो बार तक दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक

वनीला एक्सट्रेक्ट से संबंधित एक शोध में माना गया कि इसमें एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण वनीला एक्सट्रेक्ट को माउथ वाश के तौर इस्तेमाल किया जाता है। इससे मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिलती है (21)। वहीं, मौखिक स्वास्थ्य से संबंधित एनसीबीआई के एक शोध में भी वनीला एक्सट्रेक्ट को मसूड़ों और मुंह के विकारों में सहायक माना गया है (22)। जैसा कि हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी मसूड़ों में सूजन के कारणों में शामिल है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि वनीला एक्सट्रेक्ट मसूड़ों में सूजन को कम करने में कुछ हद तक तो मदद कर सकता है।

13. एप्सम साल्ट

सामग्री

  • एक चम्मच एप्सम साल्ट
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें

  • पानी में एप्सम साल्ट मिलाकर इस पानी से कुल्ला करें।
  • बेहतर लाभ के लिए इसे दिन में दो बार सुबह और रात में सोने से पहले दोहराया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक

मसूड़ों में सूजन की दवा के तौर पर एप्सम साल्ट को इस्तेमाल किया जा सकता है। एप्सम साल्ट में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। साथ ही यह सूजन के कारण होने वाले दर्द को कम करने में भी सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (23)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि मसूड़ों में सूजन की समस्या में भी कुछ हद तक एप्सम साल्ट लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि यह कितना कारगर साबित होगा, स्पष्ट प्रमाण न होने के कारण यह कह पाना मुश्किल होगा।

पढ़ते रहें आर्टिकल

मसूड़ों में सूजन के घरेलू उपचार के बाद अब हम आपको मसूड़े फूलने का इलाज बताएंगे। 

मसूड़ों में सूजन का इलाज – Swollen Gums Treatment in Hindi

मसूड़ों की सूजन का इलाज निम्न बिंदुओं के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है (24)

  1. भौतिक परीक्षण – मसूड़ों में सूजन का इलाज की बात करें तो डॉक्टर सबसे पहले सूजन के कारण को जानने की कोशिश करेगा। उसके साथ ही डॉक्टर मरीज को मुंह की साफ-सफाई रखने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे सकता है। वहीं, अगर रोगी तंबाकू या सिगरेट का सेवन करता है तो उसे इन पदार्थों को छोड़ने की राय दी जा सकती है, ताकि समस्या को जल्द ठीक करने में आसानी हो।
  2. डीप क्लीनिंग – गंदगी या साफ सफाई न होने के कारण मसूड़ों में सूजन है तो डॉक्टर मसूड़ों में सूजन का इलाज करने के लिए स्केलिंग (विशेष उपकरण से दांत और मसूड़ों के बीच सफाई) कर सकता है। कुछ विशेष स्थितियों में डॉक्टर प्लाक हटाने के लिए लेजर विधि का भी प्रयोग कर सकता है।
  3. मेडिकेशन – सामान्य तौर पर समस्या को खत्म करने और डीप क्लीनिंग के साथ भी डॉक्टर कुछ मसूड़ों में सूजन की दवा लेने की सलाह दे सकता है, जो मसूड़ों में सूजन का इलाज करने में मदद करेंगी।
  4. सर्जरी – वहीं, समस्या के अधिक जटिल होने की स्थिति में डॉक्टर सर्जरी कर मसूड़ों में सूजन के कारण यानी जमें पस को या सड़े हुए भाग को अलग कर सकता है।

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मसूड़ों की सूजन का इलाज जानने के बाद अब हम इस समस्या में क्या खाना चाहिए इस बारे में बात करेंगे। 

मसूड़ों की सूजन में क्या खाना चाहिए – What to Eat During Swollen Gums in Hindi

सामान्य तौर पर मसूड़े में सूजन की स्थिति में संतुलित आहार के साथ फल व सब्जियां लेने की सलाह दी जाती है (1)। वहीं, अधिक दर्द की स्थिति में नर्म खाद्य का सेवन किया जाना चाहिए, जो कुछ इस प्रकार हैं।

  • मिल्कशेक
  • बैंगन
  • पका हुआ अनाज
  • पनीर
  • स्मूद सूप
  • मसले हुए आलू
  • हलवा
  • फलों की स्मूदी
  • प्रोटीन शेक

नोट – ऊपर दी गई खाद्य सामग्रियों में चीनी का इस्तेमाल बिलकुल भी नहीं किया जाना चाहिए।

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लेख के अगले भाग में अब हम मसूड़ों की सूजन में परहेज के बारे में बताएंगे।

मसूड़ों की सूजन में परहेज – What to Avoid During Swollen Gums in Hindi

मसूड़ों का फूलना जैसी समस्या होने पर निम्न चीजों का परहेज करना चाहिए (1)

  • पॉपकॉर्न और चिप्स जैसी चीजों का सेवन न करें। यह मसूड़ों के नीचे फंस कर सूजन का कारण बन सकते हैं
  • मसूड़ों में सूजन होने पर चीनी युक्त खाद्य या पेय नहीं पीना चाहिए।
  • शराब और तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी खास ब्रांड के माउथवाश या टूथ पेस्ट से अगर मसूड़ों में सेंसिटिविटी की शिकायत है तो उनका उपयोग बंद कर दें।

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अब हम लेख के अगले भाग में मसूड़ों में सूजन के लिए कुछ उपाय बताएंगे।

मसूड़ों में सूजन के लिए कुछ और उपाय  – Other Tips For Swollen Gums in Hindi

मसूड़ों का फूलना जैसी समस्या से बचाव के सामान्य उपाय कुछ इस प्रकार हैं।

  • नियमित रूप से ब्रश करें ताकि दांतों की साफ-सफाई बनी रहे।
  • खाना खाने के बाद हमेशा साफ पानी से कुल्ला करने की आदत डालें, ताकि मसूड़ों के बीच खाद्य के टुकड़े जमा होकर सड़े नहीं
  • भोजन चबाने के लिए सूजन वाले हिस्से को कम से कम इस्तेमाल में लाएं।
  • रात में सोने से पहले भूलकर भी मीठी या कोई चिपचिपी चीज न खाएं।

लेख को पढ़ने के बाद अब आपको यह तो पता चल ही गया होगा कि मसूड़े क्यों फूल जाते हैं। वहीं, आपको यह भी समझ आ गया होगा कि मसूड़ों का फूलना कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन अगर इसे यूं ही नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर भी हो सकती है। इसलिए, जरूरी है कि इस समस्या के प्रति आप सजग रहें और लेख में दिए गए सभी बिंदुओं को अच्छे से पढ़ें। वहीं, अगर आपके आस-पड़ोस कोई इस समस्या से जूझ रहा हो तो लेख में सुझाए गए घरेलू उपाय उन्हें भी बताएं, ताकि समय रहते वे भी इन उपायों का बेहतर लाभ उठा सकें। साथ ही इस बात को भी जरूर ध्यान रखें कि घरेलू उपाय समस्या से केवल राहत दिला सकते हैं। समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए डॉक्टरी इलाज अतिआवश्यक है।

References

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  20. The Effect of Apple Cider Vinegar (ACV) as an Antifungal in a Diabetic Patient (Type II Diabetes ) with Intraoral Candidosis (A Case Report)
    https://www.biocoreopen.org/ijdoh/The-Effect-of-Apple-Cider-Vinegar-ACV-as-an-Antifungal-in-a-Diabetic-Patient-Type-II-Diabetes–with-Intraoral-Candidosis.pdf
  21. Efficacy of vanillin as principle constituent of mouth rinse
    https://www.researchgate.net/publication/333092903_Efficacy_of_vanillin_as_principle_constituent_of_mouth_rinse
  22. Oral Health Self-Care Behaviors of Rural Older Adults
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2784128/
  23. THE USE OF EPSOM SALTS, HISTORICALLY CONSIDERED
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1584988/pdf/canmedaj00347-0031.pdf
  24. Periodontal (Gum) Disease Causes, Symptoms, and Treatments
    https://www.nidcr.nih.gov/sites/default/files/2017-09/periodontal-disease_0.pdf


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Dr. Zeel Gandhi is an Ayurvedic doctor with 7 years of experience and an expert at providing holistic solutions for health problems encompassing Internal medicine, Panchakarma, Yoga, Ayurvedic Nutrition, and formulations. She graduated as a top ranker from Dr. D.Y.Patil College of Ayurveda and Research Centre , Navi Mumbai, and is a specialist in Panchakarma therapies. She believes that Ayurveda...read full bio