Written by Puja Kumari, (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)
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व्यंजनों का जायका बढ़ाने और इनमें इच्छानुसार तीखापन लाने के लिए लाल मिर्च की अहम भूमिका होती है। हालांकि, कई लोगों को जानकर हैरानी होगी कि व्यंजनों की दुनिया से अलग लाल मिर्च का उपयोग औषधीय रूप से भी किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम शरीर के लिए लाल मिर्च के फायदे के साथ-साथ लाल मिर्च का उपयोग भी बताएंगे। साथ ही सावधानी के तौर पर लेख के अंत में हम लाल मिर्च के नुकसान की भी जानकारी देंगे, ताकि इसका अत्यधिक सेवन न करें। तो लाल मिर्च के फायदे, उपयोग और अन्य जानकारियों के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।
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लेख में लाल मिर्च खाने के फायदे और नुकसान से पहले जानते हैं कि लाल मिर्च क्या है।
लाल मिर्च क्या है? – What is Cayenne Pepper (Lal Mirch) in Hindi
विश्व भर में विभिन्न प्रकार की मिर्च पाई जाती है, जिनमें से एक कैयेने पेपर (लाल मिर्च) भी है। लाल मिर्च का वैज्ञानिक नाम कैप्सिकम एनम (Capsicum annuum) है और यह सोलेनेसी (Solanaceae) परिवार से संबंध रखती है। ये मिर्च लंबी और आमतौर पर पतली होती है (1)। यह स्वाद में तीखी तो होती ही है, साथ ही इसकी तासीर को गर्म माना जाता है। लाल मिर्च कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिसके बारे में लेख में आगे विस्तारपूर्वक बताया गया है।
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लाल मिर्च के बारे में जानने के बाद यहां हम बता रहे हैं लाल मिर्च खाने के फायदे के बारे में।
लाल मिर्च के फायदे – Benefits of Cayenne Pepper in Hindi
लाल मिर्च को सही मात्रा में लिया जाए, तो यह कई तरह से शारीरिक लाभ पहुंचाने का काम कर सकती है। हालांकि, ध्यान रहे लाल मिर्च किसी भी गंभीर बीमारी का पूर्ण इलाज नहीं है, बल्कि बीमारियों से बचाव या उनके लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकती है। तो अब नीचे जानिए सेहत के लिए लाल मिर्च के फायदे, जो कुछ इस प्रकार हैं:
1. वजन कम करने के लिए
वजन को संतुलित रखना है तो आहार में कुछ मात्रा में लाल मिर्च को शामिल करना एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प हो सकता है।
दरअसल, लाल मिर्च में एंटीओबीसिटी गुण होते हैं, जिस कारण यह मोटापे या वजन बढ़ने के जोखिम को कम कर सकता है। इसके साथ ही, लाल मिर्च चयापचय संबंधी विकार को कम करने और हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है (1)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर इस विषय में प्रकाशित जानकारी से यह माना जाता है कि लाल मिर्च में कैप्साइसिन नामक अल्कालॉयड होते हैं। ये तत्व मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। साथ ही शरीर के फैट पर प्रभावकारी हो सकते हैं। हालांकि, इस पर अभी और शोध की जरूरत है (2)। बता दें, मेटाबॉलिज्म एक अहम शारीरिक और रासायनिक प्रक्रिया है, जो शरीर में भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने का काम कर सकता है (3)।
2. पाचन संबंधी विकार के लिए
पाचन संबंधी विकार को दूर करने के लिए लाल मिर्च का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक लाल मिर्च एंटीऑक्सिडेंट और अन्य यौगिकों से भरपूर होती है। यह पेट की खराबी, गैस, दस्त और ऐंठन जैसी अन्य पाचन समस्याओं को शांत करने में मददगार हो सकता है। इसके साथ ही इसमें एंटी इर्रिटेंट प्रभाव होता है, जो पेट की जलन और अल्सर की समस्या पर प्रभावकारी हो सकता है। देखा जाए तो यह लगभग सभी पाचन संबंधी समस्याओं के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है (4)।
हालांकि, ध्यान रहे अधिक मिर्ची और मसाले युक्त भोजन पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। विशेषकर, आंत के लिए जो आगे चलकर गैस्ट्रिक अल्सर होने का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए लाल मिर्च को डाइट में सीमित मात्रा में ही शामिल करें। वहीं, अगर किसी को पेट संबंधी समस्या है तो डॉक्टरी सलाह पर ही सेवन करें।
3. रक्तचाप को कम करने के लिए
बढ़ते रक्तचाप से परेशान लोगों के लिए लाल मिर्च किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। यह बढ़ते रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम कर सकती है। दरअसल, कैयेन में कैप्साइसिन (Capsaicin) नामक एक शक्तिशाली घटक पाया जाता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक साबित हो सकता है(3)। इसके अलावा लाल मिर्च के घटक, कैप्साइसिन में एंटीहाइपरटेंसिव प्रभाव पाया जाता है, जो रक्तचाप की समस्या को कुछ हद तक कम करने में या उससे बचाव करने में मददगार हो सकता है (1)।
वहीं, अगर उच्च रक्तचाप की समस्या गंभीर अवस्था में हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, अगर कोई ब्लड प्रेशर की दवा का सेवन करता हो, तो भी लाल मिर्च को आहार में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की राय लें।
4. दर्द को कम करे
दर्द से पीड़ित लोगों के लिए लाल मिर्च उपयोगी साबित हो सकती है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि इसमें कैप्साइसिन (Capsaicin) नामक एक खास तत्व पाया जाता है। यह तत्व गठिया की समस्या में होने वाले जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द, जबड़े के दर्द और अन्य प्रकार के दर्द को कुछ हद तक कम कर सकता है(5)।
इसके साथ ही एक अन्य शोध में इस बात की पुष्टी की गई है कि लाल मिर्च में एनाल्जेसिक यानी दर्दनिवारक प्रभाव भी होता है (6)। ऐसे में घरेलू उपाय के तौर पर हल्के-फुल्के दर्द में लाल मिर्च या लाल मिर्च युक्त क्रीम का उपयोग लाभकारी हो सकता है। हालांकि, ध्यान रहे अगर दर्द किसी घाव या कटने के वजह से हो तो वहां लाल मिर्च का उपयोग बिल्कुल न करें।
5. कैंसर के जोखिम को कम करे
लाल मिर्च कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का काम कर सकती है, जिनमें से एक कैंसर भी शामिल है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की ओर से प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, लाल मिर्च में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर के जोखिम से बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसमें मौजूद कैप्साइसिन फेफड़े के कैंसर के साथ-साथ गैस्ट्रिक कैंसर से बचाने में भी मदद कर सकता है। कैप्साइसिन कैंसर का कारण बनने वाली कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (7)। बेशक, लाल मिर्च का सेवन कैंसर से बचाव कर सकता है, लेकिन अगर किसी को कैंसर है, तो उसके लिए मेडिकल ट्रीटमेंट ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
6. हृदय को सुरक्षा प्रदान करने के लिए
तंदुरुस्त शरीर के लिए हृदय का स्वस्थ रहना जरूरी है। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए लाल मिर्च का सेवन लाभकारी हो सकता है। जैसा कि लेख में ऊपर बताया गया है कि लाल मिर्च में कैप्साइसिन नामक तत्व होता है। यह उच्च रक्तचाप को कम करने का काम कर सकता है और उच्च रक्तचाप को हृदय रोग होने के मुख्य कारणों में गिना जाता है (8)(9)।
इसके अलावा, यह कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाले हृदय रोग से भी बचाव करने में भी सहायक हो सकता है। साथ ही साथ कैप्साइसिन हृदय में ब्लड फ्लो को भी बेहतर करने में सहायक हो सकता है (10)। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि लाल मिर्च हृदय को स्वस्थ रखने में सहयोग दे सकती है, लेकिन इसमें अभी और शोध की आवश्यकता है।
7. सोरायसिस में सुधार
सोरायसिस एक तरह की त्वचा संबंधी समस्या है, जिसमें त्वचा लाल और पपड़ीदार हो जाती है (11)। सोरायसिस की समस्या से राहत पाने के लिए लाल मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन सहायक हो सकता है। इसके लिए कैप्साइसिन युक्त क्रीम या लोशन का उपयोग किया जा सकता है (5)। एक अन्य शोध के मुताबिक कैप्साइसिन प्रुरिटिक सोरायसिस का प्रभावी ढंग से इलाज करने में मददगार हो सकता है (12)। अच्छा होगा इसके के लिए एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
8. जोड़ों के दर्द में सहायक
जोड़ों का दर्द दूर करने वाली हर्बल दवाइयों में लाल मिर्च को भी शामिल किया जा सकता है।
एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार लाल मिर्च का उपयोग ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द में राहत पाने के लिए उपयोगी घरेलू उपाय करने की बात सामने आयी है (13)।
ऑस्टियोआर्थराइटिस ऐसी अवस्था है, जो जोड़ों की सूजन या फिर डिजनरेशन के कारण होती है। इसमें जोड़ों की हड्डियां प्रभावित हो सकती है। साथ ही इसमें दर्द, सूजन और जकड़न जैसी परेशनियां हो सकती है (14)। जोड़ों के दर्द में लाल मिर्च का लेप हर्बल दवा के तौर पर किया जा सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक अध्ययन किए जाने की जरूरत है।
9. बंद नाक की समस्या में
नाक में होने वाली सूजन के कारण अक्सर राइनाइटिस जैसी बीमारी होने की आशंका हो सकती है। इसमें छींक आना, नाक से खून बहना, नाक बंद होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है (15)। राइनाइटिस की इस समस्या से लाल मिर्च का उपयोग कुछ हद तक राहत दिला सकता है। दरअसल, लाल मिर्च में कैप्साइसिन नामक कंपाउंड होता है और रिसर्च के अनुसार कैप्साइसिन नाॅन एलर्जिक राइनाइटिस की समस्या में कुछ हद तक प्रभावी हो सकता है (16)। हालांकि, इस विषय पर अधिक शोध की आवश्यक्ता है।
10. डिटॉक्सिफाई करने में मददगार
शरीर में मौजूद विषाक्त पादार्थों को निकालने में यानी कि शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में भी लाल मिर्च का उपयोग मददगार साबित हो सकता है।
इससे जुड़ी जानकारी के अनुसार लाल मिर्च सेहत की कई समस्याओं में फायदा पहुंचाने के साथ ही डिटॉक्सिफाई करने में भी लाभदायक हो सकता है (17)। हालांकि, लाल मिर्च का कौन सा गुण इसमें मदद कर सकता है यह अभी शोध का विषय है।
सेहत और त्वचा के साथ ही लाल मिर्च बालों के लिए फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, लाल मिर्च में कैप्साइसिन और आइसोफ्लेवोन नामक घटक पाए जाते हैं। वहीं, शोध के अनुसार कैप्साइसिन और आइसोफ्लेवोन बालों को मजबूती प्रदान करने के साथ ही बालों की ग्रोथ यानी कि बालों के विकास को बढ़ाने में भी उपयोगी हो सकते हैं (18)।साथ ही यह बालों को स्वस्थ रखने में भी उपयोगी हो सकती है। हांलाकि, संवेदनशील त्वचा वालों के लिए लाल मिर्च लगाने से जलन की समस्या हो सकती है (4)।
आगे पढ़ें कुछ खास
लेख के इस भाग में हम आपको बता रहे हैं लाल मिर्च के पौष्टिक तत्वों के बारे में।
लाल मिर्च के पौष्टिक तत्व – Cayenne Pepper Nutritional Value in Hindi
लाल मिर्च में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व ही इसे सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद बनाते हैं। ऐसे में यहां हम आपको इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं (19)।
पोषक तत्व
मात्रा प्रति 1 चम्मच
पानी
8.05 g
ऊर्जा
318 kcal
प्रोटीन
12 g
टोटल लिपिड (फैट)
17.3 g
कार्बोहाइड्रेट
56.6 g
फाइबर
27.2 g
शुगर, टोटल
10.3 g
कैल्शियम
148 mg
आयरन
7.8 mg
मैग्नीशियम
152 mg
फास्फोरस
293 mg
पोटेशियम
2010 mg
सोडियम
30 mg
जिंक
2.48 mg
मैंगनीज
2 mg
सेलेनियम
8.8 µg
विटामिन सी , टोटल एस्कॉर्बिक एसिड
76.4 mg
थियामिन
0.328 mg
राइबोफ्लेविन
0.919 mg
नियासिन
8.7 mg
विटामिन बी -6
2.45 mg
फोलेट
1061 µg
कोलिन
51.5 mg
विटामिन ए, RAE
2080 µg
विटामिन ए, आई यू
41600 IU
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)
29.8 mg
विटामिन के
80.3 µg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड
3.26 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड
2.75 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड
8.37 g
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ऊपर लाल मिर्च में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में आपने जाना, आगे जानिए इसका उपयोग कैसे किया जा सकता है।
लाल मिर्च का उपयोग – How to Use Cayenne Pepper (Lal Mirch) in Hindi
लाल मिर्च के फायदे जानने के बाद अब इसके उपयोग से जुड़ी जानकारी रखना भी आवश्यक है। तो अब नीचे जानिए लाल मिर्च को आहार में शामिल करने के विभिन्न तरीकों के बारे में, जो कुछ इस प्रकार हैं:
कैसे खाएं:
सब्जी बनाने में लाल मिर्च का उपयोग किया जा सकता है।
सलाद में इसकी चुटकी भर मात्रा का छिड़काव किया जा सकता है।
इसे सिरका के साथ मिलाया जा सकता है।
विभिन्न प्रकार के अचार बनाने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
कब खाएं:
जब भी भोजन बनाएं, तब स्वादानुसार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
दोपहर या शाम के वक्त सलाद के खा सकते हैं या खाते समय ऊपर से इसे चुटकी भर डाल सकते हैं।
कितना खाएं:
इच्छानुसार तीखेपन के लिए इसकी मात्रा का चयन किया जा सकता है। हालांकि, एक व्यक्ति के लिए बनाए जाने वाले भोजन (एक वक्त) में इसकी दो-तीन चुटकी काफी है। वहीं, यदि साबुत मिर्च का उपयोग कर रहे हैं तो जरूरत के अनुसार एक से दो मिर्च तक का उपययोग किया जा सकता है। सटीक मात्रा के लिए आप आहार विशेषज्ञ से पूछ सकते हैं। ध्यान रहे, इसका अधिक मात्रा में सेवन विभिन्न प्रकार के दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है, जिसके बारे में लेख में आगे विस्तार से बताया गया है।
पढ़ते रहें
फायदे और उपयोग के बाद यहां जानते हैं कि लाल मिर्च का चयन और स्टोर किस प्रकार से कर सकते हैं।
लाल मिर्च का चुनाव और स्टोर और स्टोर करने के तरीके – How To Select And Store Cayenne Pepper in Hindi?
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