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बच्चे अपने विकास के दौरान तमाम तरह की नई चीजें सीखते हैं। इन्हीं में से एक शेयरिंग की आदत भी है। इसे एक तरह का सोशल स्किल कहा जा सकता है, जो बच्चा समय के साथ धीरे-धीरे ही सीखता है। शेयरिंग करना बच्चे के लिए कितना जरूरी है और उसे माता-पिता किस तरह से यह कौशल सीखा सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी मॉमजंक्शन लेकर आया है। यहां वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर यह भी बताया गया है कि बच्चे शेयरिंग करना किस उम्र में शुरू करते हैं। इन सभी जानकारी के लिए लेख के अंत तक हमारे साथ जुड़े रहें।

सबसे पहले जानिए कि बच्चोंं में शेयरिंग की आदत कब आती है।

बच्चे आमतौर पर किस उम्र में चीजें साझा करना (शेयरिंग) शुरू करते हैं?

रिसर्च के अनुसार, बच्चे दो साल की उम्र के बाद चीजों को साझा करना शुरू कर देते हैं। यह आदात पूरी तरह से चार से पांच साल की उम्र में विकसित होती है (1)। एक अध्ययन की मानें, तो दो साल की उम्र में बच्चे खुद अपनी मर्जी से गिनी-चुनी बार ही चीजें साझा करते हैं। लेकिन, तीन साल के होते-होते बच्चे खुद शेयरिंग स्किल सीख लेते हैं (2)। दरअसल, दो साल से छोटी उम्र के बच्चों के लिए अपनी चीजें किसी को भी देना मुश्किल होता है (1)

हां, 18 महीने के बच्चे कभी-कभी रिश्तेदारों और परिवार वालों को अपना खाना और खिलौने कुछ देर के लिए दे देते हैं। किसी खास परिस्थिति में 18 महीने के 40 और 24 महीने के 60 प्रतिशत बच्चे चीजें साझा करते हैं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि बच्चे 18 या 24 महीने की उम्र से ही हल्की शेयरिंग शुरू कर देते हैं (1)। एक रिसर्च के अनुसार, बच्चों को समय से चीजें साझा करना सिखाया जाए, तो वो 12 महीने के होते-होते ही शेयरिंग शुरू कर सकते हैं (3)

बच्चों में चीजें बांटने की आदत कैसे डालें, इसके जवाब से पहले जानिए कि शेयरिंग सीखना क्यों जरूरी है।

बच्चों को शेयरिंग करना सिखाना क्यों महत्वपूर्ण है?

बच्चों को शेयरिंग सिखाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसे सीखने के क्या फायदे हैं, यह हम नीचे क्रमवर बता रहे हैं (3) (4)

  • शेयरिंग से मेलजोल बढ़ता है
  • टीमवर्क के लिए शेयरिंग सीखना जरूरी है
  • नए दोस्त बनाने में शेयरिंग से मदद मिलती है
  • शेयरिंग से सामने वाले का ख्याल रखना यानी केयरिंग की आदत पड़ती है
  • घर के बड़ों का आदर करना और उनका मान रखना सीखते हैं
  • शेयरिंग भरोसा करना सिखाता है
  • निष्पक्षता का ज्ञान मिलता है
  • सहयोग करने की आदत आती है

मन में सवाल है कि बच्चों में शेयरिंग की आदत कैसे डालें, तो लेख को आगे पढ़ें।

बच्चों को शेयरिंग सिखाने के 13 प्रभावी तरीके

बच्चों को जितनी छोटी उम्र से शेयरिंग सिखाई जाती है उतनी ही जल्दी वो इस कौशल को सीख लेते हैं। इसके लिए माता-पिता कुछ प्रभावी तरीके अपना सकते हैं, जिनके बारे में हमने नीचे विस्तार से बताया है।

1. शेयरिंग वाले गेम खेलें

बच्चे को शेयरिंग सिखाने के लिए गेम की मदद ले सकते हैं। उसके साथ शेयरिंग गेम खेलें। इसमें सबसे आसान गेम है, तकिया पास करने का। इससे बच्चे को समझ आएगा कि शेयर की हुई चीज अस्थायी होती है। इसके अलावा, बाजार में कई ऐसे गेम मौजूद हैं, जिनसे वो शेयरिंग सीख सकते हैं। ऐसे खिलौने लाकर बच्चों को शेयरिंग सिखाई जा सकती है।

2. बताएं कि यह अस्थायी है

बच्चा अपनी चीजें किसी के साथ बिल्कुल भी साझा नहीं करता, तो उसे बताएं कि शेयरिंग अस्थायी होती है। कुछ समय बाद उसे अपनी चीज वापस मिल सकती है। इसके अलावा, उसे यह भी समझा सकते हैं कि सामने वाले को दी हुई चीज की जगह उसे जल्द ही नई चीज मिल सकती है। इससे वो शेयरिंग के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

3. रोल प्ले करें

रोल प्ले करके भी बच्चे को शेयरिंग के बारे में समझाया जा सकता है। इसमें बच्चे को कहें कि वो मम्मी बने और आप बच्चा बन जाएं। इसके बाद उसे चीजें दें और उससे चीजें मांगें। इस दौरान उसे याद दिलाएं कि जैसे मम्मी आपको सामान देती है, वैसे ही आपको मुझे चीजें देनी होगी, क्योंकि फिलहाल के लिए आप मम्मी या पापा का रोल प्ले कर रहे हो। इससे शेयरिंग करने की आदत बच्चे में जल्दी आ सकती है।

4. शेयरिंग के फायदे बताएं

बच्चे को बताएं कि शेयरिंग से मेलजोल बढ़ता है और नए दोस्त बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, शेयरिंग न करने से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दें, जैसे कि अकेले पड़ना, दोस्त न बनना, जरूरत के समय लोगों का पास न आना। शेयरिंग के फायदे और नुकसान समझने के बाद बच्चा अपनी चीजें साझा करने में आनाकानी नहीं करेगा।

5. घर में शेयरिंग का माहौल बनाएं

घर में एक दूसरे को चीजें देना और मदद करना ये सब करते रहें। दरअसल, बच्चे अपने आस-पास जो भी हो रहा है, उससे काफी कुछ सीखते हैं। कई बार तो उसकी नकल तक करने लगते हैं। ऐसे में घर का माहौल भी शेयरिंग वाला ही रहेगा, तो बच्चे को इसे सीखने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

6. चीजें शेयर करने का मौका दें

बच्चों को चीजें बांटने का मौका भी दें। इससे पता चलेगा कि उसमें यह आदत कितनी आई है और कितनी नहीं। खाना खाते समय या किसी और कार्य के दौरान उसे सबको चीजें बांटने के लिए कहा जा सकता है। इसके अलावा, अपनी-अपनी चीजें दूसरों को देने वाला गेम खेल सकते हैं। इस दौरान पता चलेगा कि वो चीजें बांट रहा है या नहीं।

7. बताएं कि शेयरिंग से अंदरूनी खुशी मिलती है

शेयरिंग सिखाने का एक तरीका यह भी है कि उन्हें समझाया जाए कि इससे अंदरूनी खुशी मिलती है। बच्चे को बताएं कि जिसके साथ वो चीजें साझा कर रहा है उसे भी अच्छा लगेगा और मदद करने के बाद बच्चे को खुद भी खुशी का एहसास होगा।

8. दवाब न डालें और डर न दिखाएं

बच्चे को शेयरिंग सिखाने के भले ही कोई भी तरीके अपनाएं, लेकिन प्यार से अच्छा तरीका कुछ भी नहीं है। हर बात को प्यार और मीठे तरीके से ही पेश करें। किसी भी तरह का गुस्सा, डर या दवाब से काम नहीं चलेगा। इन सारी चीजों का असर नकारात्मक ही होगा, इसलिए शेयरिंग के तरीकों को प्यार से बताएं और समझाएं।

9. घर की पुरानी चीजें चैरिटी करेंं

चैरिटी से बच्चों को शेयरिंग सीखा सकते हैं। जी हां, घर की ऐसी चीजें, जो आपके काम की नहीं हैं, उन्हें किसी संस्था में ले जाकर दान कर दें। बस इस दौरान बच्चे को अपने साथ रखें। बच्चा जब देखेगा कि चैरिटी से लोगों को कितना अच्छा लगता है और लोग इस काम की कितनी तारीफ करते हैं, तो वो भी इसके प्रति प्रेरित होगा। कभी-कभी बच्चे को नए खिलौने दिलाकर घर के पुराने खिलौने भी दान कर दें। जब वो किसी बच्चे को अपने पुराने खिलौने लेकर खुश होता हुआ देखेगा, तो उसे शेयरिग की अहमियत और अच्छे से समझ आएगी।

10. शेयरिंग से जुड़ी कहानी सुनाएं

शेयरिंग से जुड़ी कई किताबें आती हैं। आप उनमें मौजूद कुछ कहानी व किस्से बच्चे को सुना सकते हैं। कहानी से मिलने वाली सीख से बच्चा चीजें शेयर करने के लिए प्रेरित हो सकता है।

11. तारीफ करें

बच्चा जब कभी भी चीजें शेयर करे, तो उसकी तारीफ जरूर करें। इससे बच्चे को दोबारा ऐसा करने की प्रेरणा मिलेगी। उसे समझ आएगा कि यह अच्छा काम है, जिसे करने पर सब उसे प्यार करते हैं।

12. खाने की थाली भी करेगी मदद

खाने की थाली से भी बच्चे को शेयरिंग सिखाई जा सकती है। बच्चे को साथ में बैठाकर खिलाएं और अपनी थाली से उन्हें पसंद की चीजें खाने दें। कभी-कभी उनकी थाली से भी कुछ ले लें। ऐसे उन्हें अपनी चीजें शेयर करने की प्रेरणा मिलेगी।

13. चीजें दोहराएं या दोबारा समझाएं

बच्चे किसी भी बात को एक ही बार में नहीं समझ पाते हैं। इसी वजह से उन्हें शेयरिंग गेम, शेयरिंग के फायदे और अन्य चीजें दोबारा समझाते और सिखाते रहना जरूरी है। कहते हैं न कि प्रैक्टिस से ही व्यक्ति सीखता है, तो यही बात बच्चों पर भी लागू होती है।

अपनी चीजों को साझा करना एक कला है, जिसमें बच्चों को निपुण होना चाहिए। इससे जीवन के हर पड़ाव में मदद मिलती है। चाहे आगे चलकर टीम वर्क करना हो या किसी के साथ साझेदारी, हर कार्य में शेयरिंग काम आती है। बस तो इतनी जरूरी आदत को बच्चों में डालने के लिए इस लेख की मदद लें और उन्हें शेयरिंग सिखाएं। शेयरिंग का महत्व और इसे सिखाने के तरीकों को आप ऊपर पढ़ सकते हैं। ऐसे ही अन्य लेख के लिए विजिट करते रहें मॉमजंक्शन की वेबसाइट।

References

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