Neelanjana Singh, RD
Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

केसर की गिनती दुनिया के सबसे महंगे मसालों में की जाती है। इसका आकर्षक रंग और खुशबू इसे सबसे अलग बनाने का काम करते हैं। इसका इस्तेमाल दूध या दूध से बने पकवानों में ज्यादा किया जाता है। आपको जानकर हैरान होगी कि केसर अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको शरीर के लिए केसर के फायदे बताने जा रहे हैं। वहीं, पाठक इस बात का ध्यान रखें कि केसर किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। इसका सेवन समस्या से बचाव व उसके लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है। बीमारी के पूर्ण इलाज के लिए डॉक्टरी उपचार जरूरी है। केसर के फायदे और नुकसान के बारे में जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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आर्टिकल में सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं कि केसर क्या है?

केसर क्या है? – What is Saffron (Kesar) in Hindi

केसर एक लोकप्रिय मसाला है, जिसे क्रोकस सैटाइवस नाम के फूल से निकाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम क्रोकस सैटाइवस है और इसका इस्तेमाल एक मसाले और कलर एजेंट के रूप में किया जाता है। यह दिखने में छोटे-छोटे धागों जैसा होता है। इसे विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे हिंदी में केसर, बंगाली में जाफरान, तमिल में कुमकुमापू, तेलुगु में कुमकुमा पुब्बा और अरबी भाषा में जाफरान आदि। केसर क्या है, जानने के बाद आगे जानिए इसके स्वास्थ्य फायदों के बारे में।

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जानते हैं कि केसर के गुण सेहत के लिए किस प्रकार फायदेमंद हैं।

केसर आपकी सेहत के लिए क्यों अच्छा है?

केसर का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में कई प्रकार से किया जाता रहा है। इससे जुड़े शोध के अनुसार, केसर में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला), एंटीअल्जाइमर, एंटीकॉनवल्सेन्ट (मिर्गी के दौरे को रोकने वाला) और एंटीऑक्सीडेंट (फ्री रेडिकल्स को दूर करने वाला) जैसे गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा, केसर का उपयोग बलगम निकालने, भूख बढ़ाने, मेंसुरेशन फ्लो को बढ़ाने, अच्छे हाजमे और मसूड़ों की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है (1)। इसके अलावा, यह कई तरह के खास पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसमें फाइबर, मैंगनीज, विटामिन-सी, पोटेशियम, आयरन, प्रोटीन, और विटामिन-ए जैसे जरूरी तत्व शामिल हैं (2)। केसर में पाए जाने वाले गुण और पोषक तत्व इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं। सेहत के लिए केसर के फायदों के लिए हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं ।

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यहां हम जानकारी दे रहे हैं सेहत के लिए केसर खाने के क्या फायदे हैं।

केसर के फायदे – Benefits of Saffron in Hindi

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि केसर एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जो शरीर को विभिन्न रूपों में फायदा पहुंचा सकता है। इसका इस्तेमाल आतंरिक स्वास्थ्य से लेकर त्वचा व बालों के लिए किया जा सकता है। नीचे जानिए केसर के फायदे।

1. कैंसर से बचाव में सेफ्रॉन के फायदे

केसर का उपयोग कैंसर से बचाव में किया जा सकता है। इससे जुड़े वैज्ञानिक शोध के अनुसार केसर में मौजूद क्रॉकेटिन (crocetin), कोलोरेक्टल कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है। इसके अलावा, केसर  प्रोस्टेट कैंसर और स्किन कैंसर के जोखिम को भी कम करने में मददगार हो सकता है (3)। वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार, केसर का अर्क मानव ट्यूमर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने का काम कर सकता है (4)। हालांकि, इस बात को ध्यान में जरूर रखें कि केसर का उपयोग कैंसर से बचाव में कुछ हद तक सहायक हो सकता है, लेकिन यह इसका उपचार नहीं है। कैंसर के उपचार के लिए डॉक्टरी चिकित्सा बहुत जरूरी है।

2. अनिद्रा में केसर खाने के फायदे

केसर के गुण में अनिद्रा की समस्या से छुटकारा भी शामिल है। दरअसल, इससे जुड़े एक वैज्ञानिक अध्ययन में जिक्र मिलता है कि केसर का उपयोग अवसाद (Depression) की स्थिति में सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकता है, जिससे एक अच्छी नींद लेने में मदद मिल सकती है (5)। वहीं, एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार केसर में मौजूद क्रॉकेटिन नींद को बढ़ावा देने का काम कर सकता है (6)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि केसर का उपयोग अनिदा की समस्या में फायदेमंद साबित हो सकता है।

3. मस्तिष्क स्वास्थ्य में सेफ्रॉन के फायदे

मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी केसर खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, एक दिन में 30 मिलीग्राम केसर का सेवन करने से अल्जाइमर के रोगियों की स्थिति को सुधारा जा सकता है। वहीं, केसर में मौजूद दो खास तत्व क्रॉकेटिन और एथेनॉल से प्राप्त अर्क (extract) में एंटीडिप्रेसेंट गुण देखे गए हैं, जो अवसाद और चिंता को कम करने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, केसर सिजोफ्रेनिया (मानसिक विकार) के रोगियों पर भी सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (1)।

वहीं, एक अध्ययन से पता चलता है कि सेरेब्रल इस्किमिया पर भी केसर का अर्क एक सुरक्षात्मक भूमिका दिखा सकता है। यह वह स्थिति होती है, जिसमें धमनी में रुकावट हो जाती है और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं पहुंच पाता है, जिससे मस्तिष्क के टिश्यु को नुकसान पहुंच सकता है (7)। इसके अलावा, एक अन्य शोध बताता है कि केसर स्मरण शक्ति को बढ़ाने का काम भी कर सकता है (8)।

4. पाचन को बढ़ावा देने के लिए सेफ्रॉन के फायदे

अच्छे पाचन के लिए भी केसर फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, केसर में यूपेप्टिक (Eupeptic) यानी पाचन को अच्छा बनाने वाला औषधीय गुण पाया जाता है (1)। वहीं, एक अन्य शोध में पता चलता है कि केसर का उपयोग पेट को मजबूत करने के साथ ही भूख और गैस्ट्रिक एसिड को कम करने और पाचन में सुधार करने में लाभदायक हो सकता है (9)।

5. गर्भावस्था के दौरान केसर खाने के फायदे

गर्भावस्था के दौरान भी केसर का सेवन फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, चीनी पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार, केसर का उपयोग प्रसव के दौरान कठिनाई और प्रसवोत्तर रक्तस्राव के दौरान किया जा सकता है। इस बात का जिक्र इससे जुड़े एक शोध में मिलता है। वहीं, यह भी माना जाता है कि केसर पहली तिमाही में भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि पहली तिमाही के बाद लगभग 0.5-2 ग्राम प्रतिदिन ली जाने वाली खुराक प्रसव में मददगार हो सकती है। शोध में आगे यह भी जिक्र मिलता है कि केसर का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं में नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है (10)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और सटीक शोध की आवश्यकता है। वहीं, गर्भावस्था में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

6. आंखों के लिए केसर के लाभ

केसर के फायदे में आंखों की रोशनी में सुधार होना भी शामिल है। केसर एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो एएमडी (बढ़ती उम्र से जुड़ा नेत्र रोग) पर प्रभावी असर दिखा सकता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण रेटिना स्ट्रेस से छुटकारा दिलाने का काम भी कर सकते हैं (11)।  इसके अलावा, एक और शोध में पाया गया है कि केसर में पाया जाने वाला कंपाउंड क्रोसेटिन प्रोलिफेरेटिव विटेरियोनेटिनोपैथी (Proliferative vitreoretinopathy) यानी पीवीआर की समस्या में फायदेमंद हो सकता है।  पीवीआर रेटिना में होनी वाली एक गंभीर समस्या है।

इसके अलावा, केसर के क्रॉकेटिन में पाया जाने वाला एंटी-ट्यूमरजेनिक गुण रेटिनोब्लास्टोमा (आंख का ट्यूमर) की रोकथाम और उपचार में योगदान कर सकता है (12)। इसके अलावा, शोध में पाया गया कि केसर का उपयोग लैक्रिमेशन (लगातार आंसू बहना), खराब दृष्टि, दिन में अंधापन और मोतियाबिंद के लिए भी किया जा सकता है (9)।

7. गठिया में सेफ्रॉन के फायदे

गठिया की समस्या में जोड़ों में सूजन और दर्द हो सकता है। इस समस्या से केसर का उपयोग छुटकारा दिलाने में मददगार हो सकता है। शोध में पाया गया कि केसर में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो गठिया के दौरान होने वाली सूजन और दर्द को दूर करने में मददगार हो सकते हैं (13)।

8. अस्थमा का इलाज

अस्थमा के कारण फेफड़ों की कोशिकाओं में सूजन की समस्या हो सकती है। केसर के उपयोग से इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। चूहों पर हुए शोध में पाया गया कि केसर के अर्क में  एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो फेफड़े की सूजन को कम कर अस्थमा में लाभदायक हो सकता है (14)।

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9. हृदय स्वास्थ्य के लिए केसर के लाभ

स्वस्थ हृदय के लिए केसर का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। शोध में पाया गया कि केसर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो धमनियों और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हृदय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। शोध में आगे जानकारी दी गई कि केसर की चाय में मोजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय संबंधित रोगों के जोखिम को कम कर सकते हैं। केसर थियामिन और राइबोफ्लेविन जैसे पोषक तत्वों में भी समृद्ध होता है, जो स्वस्थ हृदय को के साथ ही हृदय संबंधी विभिन्न समस्याओं को रोकने में मदद कर सकते हैं। केसर में मौजूद क्रोसेटिन नामक कंपाउंड रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे दिल के दौरे की आशंका को कम हो सकती है (15)।

10. दर्द और सूजन की समस्या में सेफ्रॉन के फायदे

यह तो हम बता चुके हैं कि केसर का उपयोग गठिया और अस्थमा के दौरान होने वाली सूजन को कम करने के लिए किया जा सकता है। केसर की यह सूजन को कम करने की क्षमता उसमें मौजूद क्रोसेटिन और क्रॉकेटिन के कारण होती है। शोध में पाया गया कि इन दोनों कंपाउंड में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो इसे सूजन को दूर करने के लिए फायदेमंद बनाते हैं। वहीं, एक अध्ययन में इसके दर्दनिवारक यानी एनाल्जेसिक प्रभाव के बारे में भी पता चलता है (1)। इसके अलावा, केसर इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव भी प्रदर्शित कर सकता है, जिससे इन समस्याओं से निपटने में अंदरूनी रूप से ताकत मिल सकती है (16)।

11. मासिक धर्म में केसर के लाभ

मासिक धर्म के लक्षणों से राहत देने में केसर की भूमिका देखी जा सकती है। दरअसल, केसर युक्त एक ईरानी हर्बल दवा प्राइमेरी डिसमेनोरिया (माहवारी के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन) से राहत देने में कारगर पाई गई है (17)। इसके अलावा, केसर का उपयोग प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम, जैसे कि मूड स्विंग, टेंडर ब्रेस्ट, फूड क्रेविंग, थकान, चिड़चिड़ापन और अवसाद को कम करने में भी फायदेमंद हो सकता है (10)। हालांकि, मासिक धर्म के लक्षणों और केसर के संबंध पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

12. लिवर स्वास्थ के लिए

एक अध्ययन के अनुसार लिवर मेटास्टेसिस से पीड़ित रोगियों पर केसर अपना सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। लीवर मेटास्टेसिस एक कैंसर ग्रस्त ट्यूमर है। यह शरीर में किसी भी स्थान से शुरू होकर लीवर में फैल जाता है। इसे सेकेंडरी लिवर कैंसर भी कहा जाता है (18)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि केसर विभिन्न क्रियाओं के द्वारा हेपाटोटॉक्सिटी (लिवर विषाक्तता) के जोखिम को कम कर सकता है। इनमें एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम को नियंत्रित करना और लिवर डैमेज में सुधार करना जैसी क्रियाएं शामिल हैं (19)।

13. प्रतिरक्षा और ऊर्जा के लिए केसर के लाभ

केसर में मौजूद कैरोटीनॉयड सकारात्मक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि केसर कैरोटीनॉयड से समृद्ध होता है और कैरोटीनॉयड प्रतिरक्षा को प्रभावित कर सकता है। प्रतिदिन 100 मिलीग्राम केसर बिना किसी हानिकारक प्रभाव के अस्थाई इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गतिविधि के लिए सहायक हो सकता है (20)। वहीं, इसका सेवन शरीर में उर्जा के लिए भी किया जा सकता है, क्योंकि इसमें कैलोरी अच्छी मात्रा में पाई जाती है (2)

14. घाव भरने के लिए केसर के गुण

केसर का उपयोग घाव भरने के लिए भी किया जा सकता है। इससे जुड़े शोध में पाया गया कि केसर में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट जलने वाले घावों को तेजी से भरने में मददगार हो सकते हैं (21)। हालांकि, इस विषय पर अधिक शोध की आवश्यकता है।

15. कामोत्तेजक के रूप में केसर खाने के फायदे

केसर इंसानों के यौन जीवन में सुधार कर सकता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार केसर पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है। शोध में बताया गया है कि केसर का अर्क और इसमें मौजूद क्रॉकेटिन कामोत्तेजक के रूप में प्रभावी हो सकते हैं (22)।

इसके अलावा, केसर में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और गतिशिलता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है (23)। वहीं, केसर में मौजूद क्रॉकेटिन निकोटीन के उपयोग से पुरुष प्रजनन प्रणाली को होने वाले नुकसान को उलट सकता है (24)।

16. केसर के फायदे स्किन के लिए

अध्ययनों से पता चलता है कि केसर के फायदे स्किन के लिए भी हो सकते हैं। केसर का उपयोग प्राकृतिक औषधि के रूप में सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों के प्रभाव को दूर करने के लिए किया जा सकता है। इसमें केवेरफोल और क्यूरेसेटीन जैसे फ्लेवोनोइड यौगिक होते हैं, जो यूवी विकिरणों को रोकने में योगदान दे सकते हैं। इसके अलावा, शोध में पाया गया कि केसर के फोटोप्रोटेक्टिव गुण इसके अन्य फेनोलिक यौगिकों जैसे टैनिक, गैलिक, कैफिक और फेरुलिक एसिड के कारण भी हो पाए जाते हैं, जिस कारण इसका उपयोग विभिन्न सनस्क्रीन और स्किन लोशन में किया जाता है (25)।

एक अन्य शोध की मानें, तो केसर का उपयोग त्वचा के लिए मॉइस्चराइजिंग, त्वचा को मुलायम करने, खुजली को दूर करने, त्वचा की चमक, पिगमेंट को कम करने व आंखों के नीचे काले घेरे, मुंहासे, फुंसी और अन्य त्वचा की समस्याओं के उपचार में किया जा सकता है (9)।

17. बालों के लिए

केसर बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध के अनुसार, यह बालों को बढ़ाने में मदद कर सकता है। शोध में पाया गया कि केसर बालों के झड़ने से रोकने में मदद कर एलोपीसिया जैसी बालों से जुड़ी समस्या में फायदेमंद हो सकता है (26)।

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यहां हम आपको केसर में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों की जानकारी दे रहे हैं।

केसर के पौष्टिक तत्व – Saffron Nutritional Value in Hindi

केसर में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों के कारण ही यह सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। यहां हम आपको बता रहे हैं केसर में मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में (2)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी11.9 ग्राम
कैलोरी310 kcal
प्रोटीन11.43 ग्राम
फैट5.85 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट65.37 ग्राम
फाइबर3.9 ग्राम
कैल्शियम111 मिलीग्राम
आयरन11.1 मिलीग्राम
मैग्नीशियम264 मिलीग्राम
फास्फोरस252 मिलीग्राम
पोटेशियम1724 मिलीग्राम
सोडियम148 मिलीग्राम
जिंक1.09 मिलीग्राम
कॉपर0.328 मिलीग्राम
मैंगनीज28.408 मिलीग्राम
सेलेनियम5.6 माइक्रोग्राम
विटामिन-सी80.8 मिलीग्राम
थियामिन0.115 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.267 मिलीग्राम
नियासिन1.46 मिलीग्राम
विटामिन-बी 61.01 मिलीग्राम
फोलेट93 माइक्रोग्राम
बीटा कैरोटिन27 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए IU530 IU
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड1.586 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.429 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड2.067 ग्राम

आगे है कुछ खास

आइए जानते हैं कि केसर का उपयोग कैसे करें।

केसर का उपयोग – How to Use Saffron in Hindi

केसर को निम्नलिखित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है-

  • रात में सोने से पहले केसर दूध पीने के फायदे हो सकते हैं। एक गिलास दूध में केसर के कुछ धागों या केसर पाउडर को मिलाकर पी सकते हैं।
  • दूध से बने पकवान जैसे खीर, मीठाई आदी में केसर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • केसर पाउडर का इस्तेमाल चिकन जैसी नॉन वेज डिश बनाने के लिए भी कर सकते हैं।
  • केसर का इस्तेमाल चावल के व्यंजन (पुलाव या बिरयानी) बनाने में कर सकते हैं।
  • केसर का उपयोग मावा और मिष्ठान बनाने के लिए भर किया जा सकता है।

कितनी मात्रा :

  • एक गिलास दूध में चुटकी भर केसर पाउडर या तीन-चार केसर के धागों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अल्जाइमर की स्थिति में एक दिन में दो बार 15 एमजी केसर की खुराक ली जा सकती है (1)। हालांकि, इस दौरान इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

और जानें

यहां हम आपको बता रहे हैं अच्छे केसर के चयन और उसे सुरक्षित रखने के टिप्स के बारे में।

केसर का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

नीचे हम केसर के चयन और इसे स्टोर करने से जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

कैसे करें चयन :

  • केसर खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वे गहरे लाल रंग के हों। लाल रंग, बेहतर केसर की गुणवत्ता है।
  • इनका सिरा नारंगी होना चाहिए और इनमें कोई रंग भिन्नता नहीं होनी चाहिए। ध्यान रहे कि इनमें पीले रंग का कोई निशान नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनकी कोई उपयोगिता नहीं होती।
  • अगला कदम इसकी सुगंध की जांच करना है। केसर में एक मजबूत और ताजी सुगंध होनी चाहिए। इसकी सुगंध मीठी होनी चाहिए न की खराब।
  • केसर को धागे और पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध होता है। अगर संभव हो, तो धागे को पसंद करना उचित रहेगा, क्योंकि पीसे हुए केसर की शेल्फ लाइफ केसर के रेशों की तुलना में कम होती है।
  • इसके अलावा, केसर महंगा मसाला है। अगर यह कम कीमत पर उपलब्ध है, तो यह खराब गुणवत्ता का हो सकता है या नकली भी हो सकता है।

कैसे करें स्टोर :  

  • केसर को एयरटाइट कंटेनर में स्टोर किया जाना चाहिए। अच्छा होगा कि केसर से भरा जार ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखा जाए। केसर के लिए आदर्श स्टोर तापमान 68° F से कम और आर्द्रता 40% से कम होनी चाहिए।
  • अन्य जड़ी-बूटियों और मसालों की तरह, केसर भी प्रकाश के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए पारदर्शी कंटेनर में रखते समय इसे पहले फॉइल में लपेट लें। केसर के धागे आपस में चिपके न, इसलिए जार में रखने से पहले रेशों को अलग-अलग कर लें। इस तरह आराम से एक-एक धागे को बाहर निकाला जा सकता है।
  • अगर केसर को ठीक से स्टोर किया जाए, तो यह कई वर्षों तक रह सकता है। स्टोर किए गए केसर को दो साल के भीतर उपयोग करने की सलाह दी जाती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है।

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आगे हम आपको बता रहे हैं कि केसर कहां से खरीद सकते हैं।

केसर कहां से खरीदें?

केसर के धागे या पाउडर किसी प्रतिष्ठित दुकान से ही खरीदे जाने चाहिए। केसर सुपर मार्केट और विशेष दुकानों में पूरे वर्ष उपलब्ध रहता है। यह दो रूपों में उपलब्ध है – केसर के धागे और केसर का पाउडर।

अंत तक पढ़ें

फायदे और केसर का उपयोग कैसे करें जानने के बाद जानते हैं केसर के नुकसान के बारे में।

केसर के नुकसान – Side Effects of Saffron in Hindi

केसर एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जिसके नुकसान कम ही देखे गए हैं। हालांकि, इसका अत्यधिक सेवन निम्नलिखित समस्याओं का कारण बन सकता है –

  • केसर कैल्शियम से समृद्ध होता है और केल्शियम की अत्यधिक मात्रा कब्ज का कारण बन सकती है (2), (27)।
  • केसर में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसकी अत्यधिक मात्रा हाइपरकलेमिया (शरीर में पोटेशियम अधिक हो जाना) का कारण बन सकता है। जिससे सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, जी मिचलाना और उल्टी हो सकती है (2), (28)।
  • गर्भावस्था के पहली तिमाही के दौरान यह गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है, जो गर्भपात का कारण बन सकता है (10)।

इस लेख को पढ़ने के बाद अब आप समझ गये होंगे कि केसर कितना खाना चाहिए और केसर खाने से क्या होता है। दोस्तों, केसर भले ही महंगा है, लेकिन सेहत के लिए इसकी थोड़ी मात्रा को खरीदा जा सकता है। इसे दैनिक जीवन में शामिल कर आप केसर के लाभ उठा सकते हैं। वहीं, इसके नियमित उपयोग के दौरान अगर लेख में बताए गए दुष्प्रभाव नजर आते हैं, तो इसका सेवन बंद करें और संबंधित डॉक्टर से संपर्क करें। आशा करते हैं कि आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए फायदेमंद रही होगी। सेहत से संबंधित अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1 ग्राम केसर की कीमत कितनी है?

शुद्ध 1 ग्राम कश्मीरी केसर की कीमत लगभग 520 रुपये तक हो सकती है।

क्या केसर खराब हो जाता है?

हां, ठीक से अगर इसे स्टोर न किया जाए, तो यह जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए, लेख में बताए गए केसर को स्टोर करने के तरीके को जरूर अपनाएं।

कैसे पता चलेगा कि केसर शुद्ध है?

केसर की शुद्धता को जांचने के तीन स्टेप्स हैं, उसकी तेज गंध, छूने पर भुरभुरा होना और उसका गहरा लाल रंग।

केसर को स्टोर करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

केसर को स्टाेर करने के सबसे अच्छा तरीका है उसे एयरटाइट कंटेनर में बंद करें और किसी ठंड़ी, सूखी और अंधेरी जगह में रख दें।

क्या केसर मुंहासों का इलाज करने में मदद करता है?

हां, केसर का उपयोग मुंहासों को दूर करने वाली कई क्रीमों में किया जाता है (29)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि यह मुंहासों के ऊपर प्रभावकारी हो सकता है।

क्या मैं रोजाना केसर/केसर वाला दूध ले सकता हूं?

हां, केसर को दूध के साथ और अन्य तरीकों से रोजाना ले सकते हैं।

केसर इतना महंगा क्यों है?

एक पाउंड यानी लगभग 450 ग्राम केसर को बनाने में लगभग 75,000 केसर के फूल लगते हैं, इस कारण से यह बहुत महंगा है।

क्या चाय में केसर डाल सकते हैं?

हां, केसर की चाय बनाकर पी जा सकती है।

गर्भावस्था के दौरान केसर कब लिया जाता है?

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में केसर लेना फायदेमंद हो सकता है। बेहतर यही होगा कि इससे जुड़ी जानकारी डॉक्टर से जरूर लें।

क्या केसर फेयरनेस में सुधार कर सकता है?

हां, केसर का उपयोग पिगमेंटेशन को कम करने और टोन को सुधारने के लिए किया जा सकता है (29)।

क्या वजन घटाने के लिए केसर उपयोगी है?

हां, केसर का उपयोग वजन को कम करने और मोटापे को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है (30)।

क्या केसर बच्चों के लिए अच्छा है?

हां, सीमित मात्रा में देने पर बच्चों के लिए केसर के फायदे हो सकते हैं।

केसर की तासीर कैसी होती है?

केसर की तासीर गर्म मानी जाती है।

References

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  17. The effect of an Iranian herbal drug on primary dysmenorrhea: a clinical controlled trial
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19720342/
  18. Effect of saffron on liver metastases in patients suffering from cancers with liver metastases: A randomized, double blind, placebo-controlled clinical trial
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4599117/
  19. Saffron as an antidote or a protective agent against natural or chemical toxicities
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4418072/
  20. Immunomodulatory effects of saffron: a randomized double-blind placebo-controlled clinical trial
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21480412/
  21. The effect of saffron (Crocus sativus) extract for healing of second-degree burn wounds in rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19110531/
  22. The effect of saffron, Crocus sativus stigma, extract and its constituents, safranal and crocin on sexual behaviors in normal male rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/17962007/
  23. Effect of saffron on semen parameters of infertile men
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19101900/
  24. Crocin Improves Damage Induced by Nicotine on A Number of Reproductive Parameters in Male Mice
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4845532/
  25. Does Saffron Have Antisolar and Moisturizing Effects?
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3862060/
  26. SAFFRON-A TREASURE OF THE ANCIENT MEDICINE CHEST-AN OVERVIEW
    https://www.researchgate.net/publication/316453831_SAFFRON-A_TREASURE_OF_THE_ANCIENT_MEDICINE_CHEST-AN_OVERVIEW
  27. Calcium
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Calcium-HealthProfessional/
  28. High potassium level
    https://medlineplus.gov/ency/article/001179.htm
  29. Razi’s Al-Hawi and saffron (Crocus sativus): a review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4744354/
  30. Saffron: A Natural Potent Antioxidant as a Promising Anti-Obesity Drug
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4665515/#:~:text=Despite%20the%20lack%20of%20supporting,or%20promoting%20weight%20loss%20in

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Neelanjana Singh has over 30 years of experience in the field of nutrition and dietetics. She created and headed the nutrition facility at PSRI Hospital, New Delhi. She has taught Nutrition and Health Education at the University of Delhi for over 7 years.

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