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कई बार ऐसा होता है कि चलते-फिरते, उठते-बैठते या फिर सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय घुटने में चोट लग जाती है। खासकर, खिलाड़ियों को घुटने की चोट से ज्यादा जूझना पड़ता है। हालांकि, घुटने में चोट लगना कोई गंभीर विषय नहीं है, लेकिन कई बार चोट इतनी गहरी होती है कि उसके लिए घुटनों के दर्द की दवा लेनी पड़ती है। वहीं, कुछ लोगों को अर्थराइटिस के कारण भी घुटने का दर्द होता है। वहीं, इससे बचने के लिए घरेलू उपचार प्रभावी हो सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम कुछ ऐसे ही घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको इसके इलाज से जुड़ी अन्य जानकारी भी यहां मिलेगी।
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आइए, सबसे पहले जानते हैं कि घुटनों में दर्द होने के पीछे मुख्य वजह क्या है।
घुटनों में दर्द के कारण – Causes of Knee Pain in Hindi
घुटनों के दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ के लिए डॉक्टरी इलाज की जरूरत होती है, तो कुछ थोड़ी देखभाल और आराम करने से ठीक हो जाते हैं। जानते हैं घुटनों के दर्द के पीछे छुपे कुछ महत्वपूर्ण कारणों के बारे में (1) (2)। इसके बाद घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज के बारे में जानकारी दी गयी है।
- पेटेलर टेंडिनाइटिस : यह घुटने के आगे वाले हिस्से को प्रभावित करता है। इस कारण घुटने में तेज दर्द होता है और सीढ़ियां चढ़ना व उतरना तक मुश्किल हो जाता है (3)।
- गाउट : यह एक प्रकार का गठिया रोग होता है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने पर गाउट की समस्या होती है। साथ ही घुटने का दर्द होता है।
- ऑस्टियोअर्थराइटिस : इस अवस्था में भी घुटने का दर्द व जोड़ों का दर्द होता है। साथ ही घुटनों में सूजन भी आ जाती है, जिस कारण पीड़ित को काफी तकलीफ होती है।
- बेकर्स सिस्ट : घुटने के जोड़ में सिनोवियल फ्लूड का निर्माण होता है, जो जोड़ों को आपस में रगड़ने से रोकता है। जब यह फ्लूड अधिक मात्रा में बनने लगता है, तो घुटने के पिछले हिस्से में इकट्ठा होने लगता है, जिस कारण घुटने में सूजन आती है और पीड़ित व्यक्ति असहज महसूस करता है।
- बर्साइटिस : यह समस्या बर्सा में सूजन के कारण होती है। बर्सा त्वचा के नीचे और जोड़ों के ऊपर तरल पदार्थ से भरी एक थैली होती है। यह थैली हड्डियों के लिए कुशन का काम करती है।
- रुमेटाइड अर्थराइटिस : शरीर में इम्यून सिस्टम के खराब होने पर यह समस्या होती है। इसमें जोड़ों का दर्द व घुटने की सूजन का सामना करना पड़ता है। साथ ही जोड़ आपस में रगड़ खाने लगते हैं।
- डिस्लोकेशन : जोड़ के अपनी जगह से हिल जाने या उखड़ जाने के कारण भी दर्द होने लगता है।
- मेनिस्कस टियर : एक या एक से ज्यादा कार्टिलेज (जोड़ों में पाए जाने वाले कठोर व लचीले टिशू) टूटने पर जोड़ों का दर्द होता है।
- लिगामेंट का टूटना : चोट लगने पर इनके टूट जाने से भी घुटनों व जोड़ों का दर्द होता है। लिगामेंट एक प्रकार के लचीले टिशू होते हैं, जो जोड़ों को आपस में जोड़ कर रखते हैं।
- घुटने में संक्रमण : घुटने में संक्रमण होने पर भी दर्द की स्थिति बनी रह सकती है।
- बोन ट्यूमर (ओस्टियोसारकोमा): ओस्टियोसारकोमा एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार का कैंसरकारी बोन ट्यूमर है, जो आमतौर पर किशोरों में विकसित होता है। यह घुटने के आसपास पनपता है (4)।
अंत तक पढ़ें
आइए, अब जानते हैं कि घुटने में दर्द के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं।
घुटने के दर्द के लक्षण – Symptoms of Knee Pain in Hindi
घुटने में दर्द कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह ऊपर बताए गए घुटनों में दर्द के कारणों का एक लक्षण हो सकता है। हालांकि, इसके होने पर निम्नलिखित स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जो कुछ इस प्रकार हो सकती हैं (1) –
- घुटने में सूजन हो सकती है।
- प्रभावित जगह का सुन्न होना।
- झनझनाहट का एहसास।
- उठने बैठने में अत्यधिक परेशानी।
- घुटने में जकड़न महसूस करना।
- घुटने पर लालिमा और स्पर्श करने पर गर्मी निकलना।
- घुटने को पूरी तरह से सीधा करने में असमर्थता।
- कई मामलों में बुखार भी आ सकता है।
अधिक जानकारी आगे है
आर्टिकल के इस अहम हिस्से में जानिए कि घुटने के दर्द का इलाज कैसे किया जाए?
घुटने के दर्द (जोड़ों का दर्द) का घरेलू इलाज – Home Remedies for Knee Pain in Hindi
1. सेब का सिरका
सामग्री :
- 2 चम्मच सेब का सिरका
- 1 गिलास गर्म पानी
प्रयोगकीविधि :
- सेब के सिरके को पानी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
- फिर इस पानी को पी जाएं। संभव हो, तो भोजन से पहले इसे पिएं।
- सेब के सिरके को थोड़े-से नारियल तेल में मिक्स करके प्रभावित जगह पर लगा भी सकते हैं।
कितनीबारकरें :
- प्रतिदिन कम से कम दो बार तो जरूर करें।
कैसेहैफायदेमंद :सेब के सिरके एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरा होता है, इसलिए इसे मांसपेशियों के दर्द और अर्थराइटिस से राहत देने में सहायक माना जा सकता है
। इस गुण के कारण ही यह जोड़ों में दर्द व घुटने की सूजन को कम कर सकता है । घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए इस विधि को अपना सकते हैं।
2. हल्दी
सामग्री :
- एक चम्मच हल्दी
- एक गिलास नारियल/बादाम का दूध
प्रयोगकीविधि :
- सबसे पहले दूध को गर्म कर लें।
- फिर इसमें हल्दी को डालकर मिक्स कर दें।
- अब इस दूध को हल्का गर्म होने पर पिएं।
कितनीबारकरें :
- घुटने के दर्द का उपाय के रूप में रोज दो बार यह दूध पी सकते हैं।
कैसेहैफायदेमंद :
घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज हल्दी की मदद से किया जा सकता है। हल्दी में करक्यूमिन नामक प्रमुख तत्व पाया जाता है। यह एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। कुछ वैज्ञानिक शोधों में पाया गया है कि हल्दी के प्रयोग से जोड़ों के दर्द व घुटने की सूजन को कम किया जा सकता है (5) (6)। इसलिए, हल्दी के जरिए घुटने के दर्द और घुटने पर सूजन का इलाज किया जा सकता है।
3. अदरक
सामग्री :
- अदरक का एक इंच टुकड़ा
- एक कप पानी
- साफ कपड़ा
प्रयोगकीविधि :
- अदरक को पानी में डालकर करीब पांच मिनट तक उबालें।
- इसके बाद पानी को छानकर थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
- फिर कपड़े को इस पानी में डालकर निचोड़ लें और प्रभावित जगह पर रखें।
- अब शरीर के प्रभावित हिस्से को इस कपड़े से लपेट दें।
- इस पानी को चाय की तरह पी भी सकते हैं।
कितनीबारकरें :
- बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में कई बार किया जा सकता है।
कैसेहैफायदेमंद :
अगर किसी को ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण घुटने में दर्द हो रहा है, तो इससे निपटने के लिए अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं (7)। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) के अनुसार, अदरक में जिंजेरॉल पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह काम कर सकता है। यह घुटने के दर्द का उपाय हो सकता है। साथ ही इसे एनाल्जेसिक यानी दर्द को कम करने वाली जड़ी-बूटी भी माना गया है (8)। इसलिए, ऐसा कहा जाता है कि घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए अदरक का प्रयोग कर सकते हैं।
4. लाल मिर्च
सामग्री :
- तीन चम्मच लाल मिर्च
- एक कप जैतून का तेल
- आधा कप बीवैक्स का चूर्ण
- एक डबल बाॅयलर
- एक जार
प्रयोगकीविधि :
- लाल मिर्च को जैतूल के तेल में मिक्स कर दें।
- इसे डबल बॉयलर में डालकर मध्यम आंच पर करीब 10 मिनट तक उबालें।
- अब इसमें बीवैक्स को डालकर लगातार हिलाते रहें।
- बीवैक्स के पूरी तरह घुलने और मिश्रण के मुलायम होने तक इसे हिलाते रहें।
- इसके बाद मिश्रण को करीब 10 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें और बाद में बाहर निकालकर फिर से फेंटें।
- अब इसे फिर से 15 मिनट के लिए ठंडा होने दें और एक बार फिर अच्छी तरह फेंटें।
- आपका मिश्रण तैयार है। अब इसे जार में डालकर ढक दें और फ्रिज में रख दें।
- अब जब भी जरूरत हो, इसका इस्तेमाल करें।
कितनीबारकरें :
- घुटने के दर्द का उपाय चाहते हैं, तो इस पेस्ट को दिनभर में कई बार प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।
कैसेहैफायदेमंद :
घुटने के दर्द का उपाय के रूप में लाल मिर्च भी कारगर हो सकती है। लाल मिर्च में कैप्साइसिन पाया जाता है, जो घुटनों के दर्द को ठीक करने का काम कर सकता है। कैप्साइसिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी व एनाल्जेसिक (दर्द कम करने वाले) गुण पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से दर्द निवारक यानी घुटनों के दर्द की दवा का काम कर सकते हैं (9)। इसलिए, घुटने के दर्द का इलाज लाल मिर्च से किया जा सकता है।
5. मेथी दाने
सामग्री :
- दो चम्मच मेथी दाने
- एक गिलास पानी
प्रयोगकीविधि :
- पानी में मेथी दाने डालकर रातभर के लिए छोड़ दें।
- अगली सुबह पानी को छानकर पी लें।
- पानी के साथ मेथी दानों को पीसकर पेस्ट भी बना सकते है। फिर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं।
कितनीबारकरें :
- रोज एक बार इस पेस्ट का इस्तेमाल जरूर करें।
कैसेहैफायदेमंद :
घुटने के दर्द का उपचार मेथी से संभव हो सकता है। मेथी दानों में लिनोलेनिक और लिनोलिक एसिड पाए जाते हैं, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी अर्थराइटिक प्रभाव डाल सकते हैं और घुटने के दर्द से राहत दे सकते हैं। इसके इस्तेमाल से घुटने की सूजन को कम किया जा सकता है (10)। मेथी दाने के इस्तेमाल से घुटने के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
6. सेंधा नमक
सामग्री :
- एक कप सेंधा नमक
- पानी आवश्यकतानुसार
- पुदीने के तेल की कुछ बूंदें
प्रयोगकीविधि :
- बाथ टब में पानी भरकर उसमें सेंधा नमक मिक्स कर दें।
- इसमें पुदीने के तेल की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं।
- अब इस पानी में करीब 20-30 मिनट तक बैठें।
कितनीबारकरें :
- प्रतिदिन एक बार ऐसा किया जा सकता है।
कैसेहैफायदेमंद :
सेंधा नमक में मैग्नीशियम और सल्फेट होता है, जो दर्द निवारक की तरह काम कर सकता है। खासकर, मैग्नीशियम सूजन को कम कर सकता है। यही कारण है कि घुटनों में दर्द होने पर सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह तरीका न सिर्फ सस्ता है, बल्कि आसान भी है (11)। सेंधा नमक से घुटने के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
7. नींबू
सामग्री :
- एक नींबू
- एक चम्मच तिल का तेल
प्रयोगकीविधि :
- नींबू का रस निकालकर तिल के तेल में मिक्स कर दें।
- अब इस मिश्रण को घुटनों पर लगाएं और 30-40 मिनट के लिए छोड़ दें।
- नींबू का जूस पीने से और फायदा हो सकता है।
कितनीबारकरें :
- इस मिश्रण को प्रतिदिन तीन-चार बार घुटनों पर लगा सकते हैं।
- दिन में दो बार नींबू पानी का सेवन कर सकते हैं।
कैसेहैफायदेमंद :
नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो घुटनों की सूजन और दर्द को कम कर सकते हैं (12)। वहीं, शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ जाने पर घुटनों में दर्द का कारण माने जाने वाले रोग पैदा हो सकते हैं, जैसे गाउट (13)। वहीं, नींबू पानी का सेवन करने से सीरम यूरिक एसिड में कमी आ सकती हैं। इसलिए, कहा जा सकता हैं नींबू यूरिक एसिड घटाकर, घुटने के दर्द में राहत दे सकता है (14)।
8. सरसों का तेल
सामग्री :
- सरसों का तेल (आवश्यकतानुसार)
प्रयोगकीविधि :
- सरसों के तेल को अपनी उंगलियों पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से घुटनों की मालिश करें।
- इस तेल में लहसुन की कलियों को पीसकर मिक्स कर सकते हैं।
कितनीबारकरें :
- दिनभर में कई बार इस तेल से मालिश कर सकते हैं।
कैसेहैफायदेमंद :
घुटने पर सरसों का तेल लगाने से दर्द व सूजन से राहत मिल सकती है (15)। अगर घुटनों के दर्द का इलाज घर बैठे करना चाहते हैं, तो सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरसों का तेल जोड़ों के दर्द में हल्की फुल्की राहत दे सकता है और साथ ही यह प्रभावित त्वचा को मुलायम भी बना सकता है (16)।
9. लहसुन
सामग्री :
- 50 ग्राम लहसुन
- 25 ग्राम अजवाइन
- 10 ग्राम लौंग
- 200 ग्राम सरसों का तेल
प्रयोगकीविधि :
- लहसुन, अजवाइन और लौंग को पीस लें।
- अब इन सभी सामग्रियों को तेल में डालकर जला लें।
- जब तेल ठंडा हो जाए, तो कांच की बोतल में डालकर रख दें।
- अब जब भी जरूरत हो, इससे घुटनों की मालिश करें।
कितनीबारकरें :
- इस तेल से दिन में एक या दो बार मालिश की जा सकती है।
कैसेहैफायदेमंद :
लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घुटने के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (17)। वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि लहसुन ऑस्टियोआर्थराइटिस से लक्षणों (जैसे जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन) में सुधार का काम कर सकता है (18)। अगर घुटने के दर्द का उपाय खोज रहे हैं, तो लहसुन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
10. जैतून का तेल
सामग्री :
- एक्स्ट्रा वर्जिन जैतूल का तेल (आवश्यकतानुसार)
प्रयोगकीविधि :
- जितना तेल चाहिए, उतना अपनी उंगलियों पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से मालिश करें।
- तेल को लगा रहने दें, ताकि वह अपने आप स्किन में अवशोषित हो जाए।
- अगर किसी को इसका चिपचिपापन अच्छा नहीं लगे, तो करीब 30 मिनट बाद उसे साफ कर दें।
कितनीबारकरें :
- अच्छे परिणाम के लिए यह तेल दिन में तीन-चार बार लगा सकते हैं।
कैसेहैफायदेमंद :
जैतून के तेल में पॉलीफेनॉल्स जैसे हाइड्रॉक्सीटेरोसोल, टायरोसोल, ओलेओकैंथल और ओलेयूरोपिन जैसे कई बायोलॉजिकल तत्व होते हैं। ये सभी तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (19)। इसलिए, घुटने के दर्द का उपाय व घुटने में दर्द का इलाज जैतून के तेल से किë

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