Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

सुंदर और सुडौल शरीर हर महिला को पसंद होता है, लेकिन अनियमित जीवनशैली के चलते शरीर का प्राकृतिक आकार बिगड़ जाता है। इस कारण कुछ महिलाएं मोटापे का शिकार हो जाती हैं। अब जब मोटापा आता है, तो अपने साथ कई शारीरिक समस्याएं भी लेकर आता है। ऐसी ही एक समस्या स्तनों को जरूर से ज्यादा बड़ा होना भी है (1)। अब सवाल यह उठता है कि इस परेशानी का हल क्या है? इस संबंध में हम बस यही कहेंगे कि हर शारीरिक व मानसिक समस्या का समाधान सिर्फ योग है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ब्रेस्ट कम करने के लिए योग के बारे में बता रहे हैं। यहां आप जानेंगे कि सीने की चर्बी कम करने के योग किस तरह लाभदायक हो सकते हैं। साथ ही हम ब्रेस्ट साइज कम करने के लिए योग करने का तरीका भी बताएंगे।

आइए शुरू करें लेख

सबसे पहले भाग में आप जानेंगे कि ब्रेस्ट साइज कम करने के लिए योग किस तरह फायदेमंद हो सकता है।

ब्रेस्ट साइज कम करने में योग कैसे मदद करता है? – How Yoga Helps in Reduce Breast Fat in Hindi

योग करना शरीर के लिए कई तरीकों से फायदेमंद है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि योग पूरे शरीर का फैट कम करने और मोटापे के कारण होने वाली बीमारियों से बचाने में सहायक हो सकता है। कई मामलों स्ट्रेस के कारण शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का स्तर बढ़ने से भी मोटापे आ सकता है। ऐसे में योग करके मोटापे को कम किया जा सकता है। साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहा जा सकता है (2)। विभिन्न तरह के योगासन पूरे शरीर का फैट कम करने में मदद कर सकते हैं, जिसका असर स्तनों के आकार पर भी नजर आ सकता है। अब ब्रेस्ट साइज कम करने के लिए योग किस तरह से लाभदायक होता है, इस पर अभी कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है। लेख में आगे हम पूर शरीर का फैट कम करने के योगासन बता रहे हैं, जिनका उपयोग ब्रेस्ट कम करने के लिए योगासन की तरह किया जा सकता है।

नीचे पढ़ें विस्तार से

लेख के इस भाग में जानिए सीने की चर्बी कम करने के लिए योग।

ब्रेस्ट साइज कम करने के लिए योग – Yoga for Reduce Breast Fat in Hindi

जैसा कि हम बता चुके हैं कि योग पूरे शरीर का फैट कम करने में सहायक हो सकता है। महिलाएं इन योगासन को ब्रेस्ट कम करने के लिए योग के रूप में अपना सकती हैं। यहां हम एक बार फिर स्पष्ट कर दें कि अभी ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जो यहा साबित कर सके कि नीचे बताए गए योगासन स्तनों का आकार कम करने के रूप में प्रभावी साबित होंगे।

1. पश्चिमोत्तानासन

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि पश्चिमोत्तानासन करने से पूरे शरीर का फैट घटाने में सहायता मिल सकती है। इस आसन को करते समय पूरा शरीर आगे की ओर झुकता है, जिससे पीठ के साथ-साथ सीने की चर्बी पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है (3)।

करने की विधि :

  • सबसे पहले साफ, शांत और समतल जगह पर योग मैट बिछाकर बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों को सीधा करके सामने की ओर फैला लें।
  • कमर और पीठ को पूरी तरह सीधा रखें।
  • इसके बाद गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुककर हाथों से पैरों के पंजे पकड़ने की कोशिश करें और अपने सिर को अपने घुटनों से छूने की कोशिश करें।
  • कुछ देर इस स्थिति में बने रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • प्रयास करें कि इस दौरान आपके घुटने न मुड़ें।
  • इसके बाद सांस लेते हुए धीरे-धीरे सीधे हो जाएं।
  • एक गहरी सांस लें और प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।

2. सूर्य नमस्कार

Surya Namaskar
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सीने की चर्बी कम करने के लिए योग के रूप में सूर्य नमस्कार के फायदे भी उठाए जा सकते हैं। माना जाता है कि सूर्य नमस्कार पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लाने का काम करता है और शरीर के आकार में सुधार लाने में सहायक हो सकता है। यह खासतौर से सीने, पैर, पीठ और नितंब की मांसपेशियों पर काम करता है (4)। इसमें 12 आसन शामिल हैं, जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है :

करने की विधि :

  • प्रणाम आसन : सबसे एक साफ और शांत जगह पर योग मैट बिछाकर उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों को जोड़ें और नमस्कार मुद्रा में लाकर अपने सीने के सामने ले आएं।
  • हस्तउत्तानासन : अब सांस लेते हुए हाथों को सीधे सिर के ऊपर ले जाएं। इसके बाद हाथों को सीधे पीछे की ओर ले जाते हुए हल्का-सा पीछे की ओर झुकें। इस दौरान हाथों को कान के साथ सटाकर रखें।
  • पादहस्तासन : अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपनी हथेलियों को पैर पास जमीन से सटाने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने न मुड़ें। साथ ही सिर को भी घुटनों से स्पर्श करने का प्रयास करें।
  • अश्व संचालनासन : इसके बाद हाथों को उठाए बिना सांस अंदर लेते हुए दाएं पैर के घुटने को मोड़ें और बाएं पैर को पीछे की तरफ सीधा करके स्ट्रेच करें। इस पैर को जितना ज्यादा हो सके पीछे की ओर खींचें। साथ ही बाएं घुटने को हल्का-सा जमीन पर रखें व गर्दन को जितना पीछे ले जा सकते हैं ले जाएं और ऊपर की ओर की देखें।
  • पर्वतासन : अब सांस छोड़ते हुए दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं और पंजों को जमीन से टिका दें। साथ ही कमर व नितंब के हिस्से को ऊपर उठाएं। इस दौरान तलवे और हथेलियां जमीन से पूरी तरह सटे होने चाहिए और हाथ व पैर पूरी तरह सीधे होने चाहिए। वहीं, नजर नाभि की ओर होनी चाहिए।
  • अष्टांगासन : इस आसन में आने के लिए सांस लेते हुए नीचे आएं और फिर छोड़ते हुए दोनों घुटनों को जमीन से टिका दें, लेकिन नितंबे के हिस्से को हवा में उठाए रखें। साथ ही दोनों हथेली को सीने के बाजू में रखें और सीने व ठोड़ी को भी जमीन पर टिका दें। इस दौरान सांस थमी रहेगी।
  • भुजंगासन : भुजंगासन करने के लिए सांस लेते हुए दोनों हाथों से जमीन पर दबाव डालते हुए नाभि से ऊपर से हिस्से को हवा में उठाकर पीछे की ओर देखने का प्रयास करें। इस दौरान सीना बाहर निकलेगा व हथेलियां जमीन से जुड़ी रहेंगी और हाथ बिल्कुल सीधे रहेंगे।
  • पर्वतासन : अब सारे आसन उल्टे क्रम में होंगे। सांस छोड़ते हुए हथेलियों और तलवों को जमीन से जोड़ें और कमर के हिस्से को पूरा हवा में उठा लें। हाथ, पैर और रीढ़ पूरी तरह सीधे होने चाहिए। एक तरह से आपको अंग्रेजी का लैटर वी उल्टा बनाना है।
  • अश्व संचालनासन : इसमें सांस लेते हुए बाएं पैर का घुटना मोड़ें और दाएं पैर को पीछे की ओर पूरी तरह सीधा करके स्ट्रेच करें। हथेलियों को जमीन पर टिकाएं और ऊपर देखने की कोशिश करें।
  • पादहस्तासन : अब सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को साथ लाएं और खड़े हो जाएं, लेकिन कमर से ऊपर का हिस्सा आगे की तरफ ही झुका रहेगा। बिना घुटने मोड़े आगे की ओर झुककर हथेलियों को जमीन से टिके रहने दें।
  • हस्तउत्तानासन : इसे करने के लिए सांस लेते हुए हाथों को नमस्कार मुद्रा में लाकर सीधे सिर के ऊपर ले जाएं। हाथों को सीधा रखते हुए कानों से सटाकर रखें और पीठ को हल्का-सा पीछे की ओर झुकाएं।
  • प्रणाम आसन : अब एकदम सीधे खड़े होकर, नमस्कार मुद्रा में ही हाथों को सीने के सामने लाएं और सूर्य नमस्कार का एक चक्र पूरा करें। ऐसे तरह के आप करीब 10 चक्र कर सकते हैं।

3. वीरभद्रासन

Veerabhadrasana
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वीरभद्रासन पूरे शरीर का पोश्चर सही बनाए रखने में सहायक हो सकता है (5)। इसमें हाथ जोड़ कर पीछे की ओर झुका जाता है, जिससे सीने की मांसपेशियों को सुडौल बनाने में सहायता मिल सकती है।

करने की विधि :

  • सबसे पहले अपने योग मैट को साफ और शांत जगह पर बिछा लें।
  • अब इस पर ताड़ासन की मुद्रा में खड़े हो जाएं।
  • इसके बाद एक पैर को आगे और एक पैर को पीछे रखें और दोनों में लगभग 3 फीट की दूरी रखें।
  • आगे वाले पैर को घुटने से मोड़ कर 90 डिग्री का एंगल बनाएं।
  • वहीं, पीछे वाले पैर को जितना हो सके स्ट्रेच करने की कोशिश करें।
  • इस दौरान सांस को अंदर लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और नमस्कार की मुद्रा बनाएं।
  • अब आसमान की ओर देखने की कोशिश करें।
  • कुछ देर इस स्थिती में रहने के बाद यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं।

4. धनुरासन

Dhanurasan
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मोटापा कम करने के लिए योग में विभिन्न तरह के आसान किए जा सकते हैं, जो पूरे शरीर का फैट घटाने में सहायक हो सकते हैं। इन्ही में से एक धनुरासन भी है, जो मोटापे के कारण होने वाले मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद कर सकता है (6)। इसमें योग करने वाले का शरीर धनुष की तरह बन जाता है, जिससे सीने की मांसपेशियों पर खिंचाव आता है। इसलिए, ब्रेस्ट कम करने के लिए योग के रूप में धनुरासन के फायदे भी उठाए जा सकते हैं।

करने की विधि :

  • सबसे पहले अपनी योग मैट को स्वच्छ जगह पर बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं।
  • इसके बाद घुटनों को मोड़कर पैर को जांघों से पीछे की ओर उठाएं और अपने टखनों को हाथों से पकड़ने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपने नाभि से ऊपर के हिस्से को भी हवा में उठाकर सीने पर खिंचाव महसूस करें।
  • इस दौरान आपका शरीर एक धनुष की तरह लगेगा।
  • कुछ देर इस स्थिति में बने रहकर सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • आखिर में धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ते हुए पेट के बल लेट जाएं।
  • पूरी प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराएं।
  • इस योग मुद्रा को करने के लिए शरीर को उतना ही खींचे जितनी आपकी क्षमता हो।
  • ज्यादा खिंचाव लाने से मोच या अकड़न आ सकती है।

5. शीर्षासन

Headstand
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बेस्ट साइज कम करने के लिए योग में एक नाम शीर्षासन का भी शामिल है। ऐसा माना जाता है कि शीर्षासन ब्रेस्ट की मांसपेशियों को टोन करने में मदद कर सकता है, लेकिन इस पर कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह करना कुछ लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है, इसलिए शुरुआत में इसे करने के लिए दीवार और अपने योग ट्रेनर की मदद लें। नीचे जानिए शीर्षासन करने की विधि

करने की विधि :

  • अपने योग मैट को साफ व शांत जगह पर बिछा लें और उस पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • इसके बाद हाथों की उंगलियों को आपस में लॉक करके हाथों को जमीन पर रखें। हथेलियों की दिशा आसमान की तरफ रहेगी।
  • इसके बाद अपने सिर को सामने की ओर झुकाते हुए अपने हथेलियों पर रखें और पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर हवा में उठाएं।
  • इसके बाद आप सिर के बल खड़े हो जाएंगे।
  • इस मुद्रा में कुछ सेकंड बने रहें और सांस लेते रहें।
  • फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वज्रासन में आ जाएं।
  • शुरुआत में इसे करने के लिए दीवार का सहारा लें।

6. ताड़ासन

Tadasan
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सीने की चर्बी कम करने के योग के रूप में ताड़ासन भी किया जा सकता है। बताया जाता है कि ताड़ासन के फायदे पूरे शरीर का फैट कम करने के साथ-साथ हाइट बढ़ाने और सुडौल रीढ़ की हड्डी के लिए भी हैं (7)। ताड़ासन करने का तरीका हमने नीचे बताया है।

करने की विधि :

  • सबसे पहले एक साफ और शांत जगह चुनकर वहां योग मैट बिछा लें और उस पर सीधे खड़े हो जाएं।
  • इस दौरान दोनों पैरों को एक दूसरे के एकदम पास रखें और दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें।
  • इसके बाद दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में इंटरलॉक करके सिर के ऊपर हवा में उठाएं और हथेलियों की दिशा आसमान की तरफ रखें।
  • इसके बाद सांस अंदर लेते हुए पंजों के बल खड़े होकर अपने पूरे शरीर को ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें जैसे अंगड़ाई ले रहे हो।
  • जब शरीर इस मुद्रा में पूरी तरह से तन जाए, तो सामान्य तरीके से सांस लेते रहें और कुछ सेकंड इसी मुद्रा में बने रहें।
  • इसके बाद सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • इस पूरी प्रक्रिया को तीन से चार बार दोहराएं।

7. वृक्षासन

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वृक्षासन करते समय आपका शरीर एक पेड़ की तरह दिखता है, जिस कारण इसे वृक्ष+आसन कहा जाता है। इस दौरान एक पैर पर खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर की तरफ ले जाया जाता है, जिससे सीने की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है। इससे ब्रेस्ट को टोन करने में सहायता मिल सकती है, जिस कारण इसे ब्रेस्ट कम करने के लिए योग में शामिल किया गया है।

करने की विधि :

  • योग मैट को साफ और शांत जगह बिछाकर उस पर सीधे खड़े हो जाएं।
  • इसके बाद दाएं पैर के तलवे को उठाकर बाएं पैर की जांघ पर अंदर की ओर रखें।
  • इस दौरान हाथों को नमस्कार की मुद्रा में लाकर सिर के ऊपर ले जाकर खड़े रहें और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें।
  • इस मुद्रा में कुछ सेकंड अपने शरीर का संतुलन बनाए रखें और सामने की ओर देखें।
  • इसके बाद सामान्य अवस्था में आकर दूसरे पैर से इस पूरी प्रक्रिया को दोहराएं।

8. अर्धचन्द्रासन

Ardha Chandrasana
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मोटापा कम करने के लिए कई योगासन किए जाते हैं, जिनमें एक नाम अर्धचंद्रासन का भी शामिल है। एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक स्टडी में वजन कम करने के लिए लोगों से विभिन्न तरह के योगासन करवाए गए, जिसमें अर्धचंद्रासन भी शामिल था। यह वजन कम करने में सहायक होने के साथ-साथ मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद कर सकता है (8)।

करने की विधि :

  • सबसे पहले योग मैट को साफ और शांत जगह पर बिछाएं और उस पर सीधे खड़े हो जाएं।
  • इसके बाद दोनों पैरों के बीच लगभग 3 फीट की दूरी रखें और हाथों को शरीर से दूर फैलाते हुए कंधे के स्तर तक सीधा कर लें।
  • अब अपने शरीर को बाईं ओर झुकाते हुए बाएं हाथ से जमीन को छूने की कोशिश करें और दायां हाथ हवा में ले जाएं।
  • इसके बाद दायां पैर जितना हो सके उतना हवा में सीधा उठा लें।
  • इस दौरान दाएं पैर की एड़ी को तना हुआ रखें।
  • आपके शरीर का सारा वजन बाएं पैर पर ले आएं और गर्दन ऊपर की ओर मोड़कर दाएं हाथ को देखें।
  • इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें व सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सीधे खड़े हो जाएं और फिर दूसरी तरफ से इस आसन को दोहराएं।

इस लेख में आप विस्तार से यह जान चुके हैं कि ब्रेस्ट साइज कम करने के लिए योग किस तरह लाभकारी हो सकता है। दोस्तों, योग ऐसा जरिया है, जिसे रोज करने से आप शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। यह आपके पूरे शरीर को सुडौल बनाए रखने में सहायक हो सकता है। वहीं, अगर आप खासतौर से पेट, हाथ, पैर या सीने की चर्बी कम करने के लिए योग करना चाहते हैं, तो वो आपको उस विशेष अंग की मांसपेशियों को टोन करने में मदद करेगा। बस इस बात का ध्यान रखें कि शुरुआत में योग को किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। याद रखिए कि स्वस्थ शरीर ही जीवन की असली पूंजी है।

References

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  1. Effects of obesity on breast size, thoracic spine structure and function, upper torso musculoskeletal pain and physical activity in women
    https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2095254619300559#bib0046
  2. Effects of Yoga Training on Body Composition and Oxidant-Antioxidant Status among Healthy Male
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5934944/
  3. Response of Paschimottanasana and Kapalabhati on anthropometric parameters in obese individuals as per Prakriti
    https://www.researchgate.net/publication/286543948_Response_of_Paschimottanasana_and_Kapalabhati_on_anthropometric_parameters_in_obese_individuals_as_per_Prakriti
  4. Measuring Immediate Effects of Surya Namaskar on Trunk and Hip Flexibility among Young College Going Students
    https://www.ijhsr.org/IJHSR_Vol.9_Issue.10_Oct2019/11.pdf
  5. Anatomical Correlation of Core Muscle Activation in Different Yogic Postures
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5433114/
  6. Reducing psychological distress and obesity through Yoga practice
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3573546/
  7. Obesity and its control through yogic practices
    https://www.kheljournal.com/archives/2017/vol4issue1/PartB/4-1-28-349.pdf
  8. Effects of a 12-Week Hatha Yoga Intervention on Metabolic Risk and Quality of Life in Hong Kong Chinese Adults with and without Metabolic Syndrome
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4482438/
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Anuj Joshi

Anuj Joshiचीफ एडिटर

अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट व ऑनलाइन मीडिया जगत में काम करते हुए करीब 11 वर्ष हो गए हैं। इन्हें एडिटिंग व लेखन का अच्छा खासा अनुभव है। हिंदी के कई प्रमुख अखबारों में विभिन्न विषयों पर इनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं। मुख्य रूप...read full bio