Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

शारीरिक रूप से दुबले-पतले लोगों की चाह होती है कि उनका शरीर भी सामान्य लोगों की तरह ही दिखे। इसके लिए लोग बाजार में मौजूद तरह-तरह के उत्पाद इस्तेमाल करने लगते हैं। मुमकिन है कि इन उत्पादों के कुछ दुष्प्रभाव भी हों। ऐसे में अश्वगंधा और शतावरी जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का चुनाव काफी लाभकारी हो सकती हैं। इसलिए स्टाइल क्रेज के इस लेख में हम वजन बढ़ाने में अश्वगंधा और शतावरी किस प्रकार मदद करती हैं, यह वैज्ञानिक प्रमाण के साथ समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, आपको यह भी समझना होगा कि यह दोनों जड़ी-बूटियां केवल वजन बढ़ाने में कुछ मदद कर सकती हैं। इस समस्या का पूर्ण निवारण डॉक्टर की सलाह पर ही निर्भर करता है।

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तो आइए वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी किस प्रकार लाभकारी हैं, यह जान लेते हैं।

वजन बढ़ाने में अश्वगंधा और शतावरी क्यों फायदेमंद हैं?

वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का उपयोग काफी प्रभावी साबित हो सकता है। यह बात दो अलग-अलग शोध देखने पर स्पष्ट होती है। मुर्गियों पर आधारित अश्वगंधा से संबंधित एक शोध में पाया गया कि यह पाचक रसों की सक्रियता को बढ़ाकर भूख को बढ़ावा देता है। साथ ही यह पाचन प्रक्रिया को भी मजबूती प्रदान करने में मदद करता है। इन दोनों ही खूबियों के कारण इसे वजन बढ़ाने के उपाय तौर पर उपयोगी माना जा सकता है (1)

वहीं शतावरी से जुड़े एक शोध में पाया गया कि इसका एफ्रोडिसिएक (यौन इच्छा को बढ़ावा देने वाला) गुण वजन को बढ़ाने में मददगार हो सकता है (2)

इतना ही नहीं मोटापा बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का एक साथ प्रयोग अधिक प्रभावशाली माना जाता है। यह बात एक अन्य शोध में मानी गई है। शोध में जिक्र मिलता है कि अश्वगंधा और शतावरी को एक साथ मिलाकर लेने पर वजन बढ़ाने के मामले में अधिक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले (3)। इन सभी तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि मोटापा बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का चूर्ण या मिश्रण काफी उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी इंसानों पर शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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आगे अब हम वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का सेवन कैसे करें, यह जानेंगे। 

वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का सेवन कैसे करें?

वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी किस प्रकार फायदेमंद है, यह तो हमने जान ही लिया है। ऐसे में जरूरी है कि अश्वगंधा शतावरी के फायदे हासिल करने के लिए इसका सेवन करने के तरीके भी जान लिए जाएं। तो आइए वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का उपयोग करने के कुछ आसान तरीके जान लेते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

1. पाउडर के रूप में

अश्वगंधा और शतावरी चूर्ण या पाउडर बाजार में आसानी से मिलता है। दोनों को 100 या 200 ग्राम की मात्रा में अलग-अलग लेकर दोनों को बराबर वजन के अनुसार आपस में मिला लें। इस मिश्रण को रोज सुबह नाश्ते के साथ और रात में सोते समय एक गिलास दूध में एक चम्मच मिलाकर पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. जड़ को घर में पीस कर

लेख में हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि अश्वगंधा और शतावरी दोनों जड़ीबूटियां हैं। ऐसे में अगर किसी के आस-पास के क्षेत्र में यह दोनों आसानी से उपलब्ध हैं, तो इनका चूर्ण घर पर ही तैयार किया जा सकता है। इसके लिए इन दोनों जड़ी-बूटियों को पहले अच्छी तरह से धोकर धूप में सुखा लें। इसके बाद इसे बराबर मात्र में लेते हुए मिक्सी या सिलबट्टे पर बारीक पीस कर पाउडर बना लें। फिर इसे बंद डिब्बे में रख लें। घर पर तैयार अश्वगंधा और शतावरी के इस पाउडर को भी सुबह या शाम को एक गिलास गुनगुने दूध के साथ एक चम्मच मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. गोली या कैप्सूल के रूप में

अश्वगंधा और शतावरी चूर्ण के फायदे तो हैं ही, इसके अलावा अश्वगंधा और शतावरी की गोली और कैप्सूल भी बाजार में उपलब्ध हैं। वजन बढ़ाने के लिए इन कैप्सूल को भी डॉक्टर की सलाह पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

नोट :- अश्वगंधा और शतावरी के उपयोग के साथ ही वजन बढ़ाने के लिए डाइट का भी विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

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अश्वगंधा और शतावरी का सेवन कैसे करें, यह जानने के बाद हम इसकी सुरक्षित खुराक बताएंगे।

वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी की प्रतिदिन की खुराक क्या होना चाहिए?

अश्वगंधा और शतावरी चूर्ण के फायदे  और  इसके उपयोग का तरीका जानने के बाद यह समझना भी जरूरी है कि इसकी प्रतिदिन कितनी खुराक सुरक्षित है। तो बता दें कि अश्वगंधा को दिन में करीब 3 ग्राम तक लेना सुरक्षित माना जाता है। वहीं दिन में 2 ग्राम शतावरी का सेवन पर्याप्त है (4)। दूसरी ओर वजन बढ़ाने में अश्वगंधा और शतावरी के फायदे समझने के लिए मुर्गियों पर आधारित शोध में भी 2.5 ग्राम अश्वगंधा और 2.5 ग्राम शतावरी को मिलाकर लेने के बारे में बताया गया है (3)। इस आधार पर हम इन दोनों जड़ी-बूटियों से तैयार पाउडर की पांच ग्राम मात्रा को प्रतिदिन की सुरक्षित खुराक मान सकते है। फिर भी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और उम्र के आधार पर इस खुराक में परिवर्तन संभव हैं। इसलिए इसे सेवन में लाने से पूर्व इसकी ली जाने वाली मात्रा के बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

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अश्वगंधा और शतावरी से होने वाले नुकसान और इस्तेमाल में बरती जाने वाली सावधानियां

बेशक प्राकृतिक जड़ी बूटी होने के कारण दुबले-पतले शरीर वाले लोगों में मोटापा बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी फायदेमंद हैं। मगर, इसके उपयोग से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। वजह यह है कि कई लोगों को किसी विशेष स्थिति या बीमारी के कारण इससे नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में अश्वगंधा और शतावरी के कुछ साइड इफेक्ट्स कुछ इस प्रकार देखने को मिल सकते हैं :

  • गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए। वजह यह है कि गर्भावस्था में शतावरी का अधिक मात्रा में उपयोग होने वाले बच्चे के विकास को बाधित कर सकता है (5)
  • वहीं शतावरी का अधिक मात्र में उपयोग शरीर में सूजन के साथ ही फेफड़ों और त्वचा से संबंधित कुछ समस्याओं का कारण बन सकता है (7)
  • अश्वगंधा का उपयोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय के तौर पर भी किया जाता है। ऐसे में इसे अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से ऑटोइम्यून डिजीज (अतिसक्रिय प्रतिरोधक क्षमता के कारण होने वाले रोग) हो सकती हैं। इनमें मल्टीपल स्केलेरोसिस (नसों की सुरक्षात्मक परत का नष्ट होना), ल्यूपस (सूजन से संबंधित विकार, जिसमें दिमाग, हृदय, त्वचा, किडनी और ब्लड कोशिकाएं प्रभावित होती हैं) और आर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द और सूजन) जैसी समस्याएं शामिल हैं (8)
  • अश्वगंधा का उपयोग थायराइड हार्मोन को भी सक्रिय करता हैहाइपरथायराइड की स्थिति में भी इसका सेवन न करने की सलाह दी जाती है (8)
  • इतना नहीं अश्वगंधा और शतावरी का इस्तेमाल करने के दौरान शराब जैसे मादक पदार्थों से दूर रहने की भी सलाह दी जाती है।

इस प्रकार से आप जान ही गए होंगे कि मोटापा बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी काफी कारगर है। साथ ही अपने यह भी जाना कि वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी का मिश्रण दूध के साथ इस्तेमाल करना बेहद उपयोगी है। ऐसे में इसके बेहतरीन फायदे हासिल करने के लिए बस इसका प्रयोग ऊपर बताई गई मात्रा के अनुसार ही करें। उम्मीद है कि वजन बढ़ाने में अश्वगंधा और शतावरी के फायदों पर आधारित यह लेख आपको जरूर पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य जानकारीपरक लेखों के लिए पढ़ते रहे स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अश्वगंधा और शतावरी का सेवन रोज किया जा सकता है?

हां, संतुलित मात्रा का ध्यान रखते हुए अश्वगंधा और शतावरी का सेवन रोज किया जा सकता है।

क्या अश्वगंधा और शतावरी को साथ में लिया जा सकता है?

हां, वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शतावरी को एक साथ लेने की सलाह दी जाती है (3)

क्या अश्वगंधा और शतावरी को खाली पेट लिया जाना चाहिए?

हां, बेहतर लाभ के लिए अश्वगंधा और शतावरी के मिश्रण को खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रमाण मौजूद नहीं है। यह जरूर है कि एक शोध इस बात को स्पष्ट करता है कि च्यवनप्राश को सुबह खाली पेट दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है, जिसमें इन दोनों जड़ी बूटियों का भी इस्तेमाल किया जाता है (9)

References

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  1. Effect of supplementation of Withania somnifera (Ashwagandha) root powder as feed additive on performance and blood biochemicals of broilers
    https://www.academia.edu/22611504/Effect_of_supplementation_of_Withania_somnifera_Ashwagandha_root_powder_as_feed_additive_on_performance_and_blood_biochemicals_of_broilers
  2. Value addition and technology development : Shatavari, Aloe and Mango ginger blended nectar beverage
    https://www.academia.edu/19207590/Value_addition_and_technology_development_Shatavari_Aloe_and_Mango_ginger_blended_nectar_beverage
  3. Influence of dietary supplementation of Shatavari (Asparagus racemosus) and Ashwagandha (Withania somnifera) root powder on feed intake and body weight performance in caged broilers
    https://www.researchgate.net/publication/345996206_Influence_of_dietary_supplementation_of_Shatavari_Asparagus_racemosus_and_Ashwagandha_Withania_somnifera_root_powder_on_feed_intake_and_body_weight_performance_in_caged_broilers
  4. Stockley’s Herbal Medicines Interactions
    https://www.stonybrookmedicine.edu/sites/default/files/herbal_medicines_interactions-1.pdf
  5. Teratogenicity of Asparagus racemosus Willd. root, a herbal medicine
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16872047/
  6. Ashwagandha
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK548536/
  7. Asparagus racemosus: The plant with immense medicinal potential
    https://www.phytojournal.com/archives/2018/vol7issue3/PartAD/7-3-162-671.pdf
  8. Ashwagandha
    https://medlineplus.gov/druginfo/natural/953.html
  9. Chyawanprash: A Traditional Indian Bioactive Health Supplement
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6571565/
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Anuj Joshi

Anuj Joshiचीफ एडिटर

अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट व ऑनलाइन मीडिया जगत में काम करते हुए करीब 11 वर्ष हो गए हैं। इन्हें एडिटिंग व लेखन का अच्छा खासा अनुभव है। हिंदी के कई प्रमुख अखबारों में विभिन्न विषयों पर इनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं। मुख्य रूप...read full bio