Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

इस खूबसूरत दुनिया को देखने के लिए आंखों का सही रहना जरूरी है। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि आंखें शरीर का अहम हिस्सा हैं। आंखों में कोई भी समस्या होने पर चेहरे की सुन्दरता और दृष्टि दोनों पर असर पड़ता है। ऐसी ही एक समस्या आंख में गुहेरी का होना या आंख में फुंसी होना है। गुहेरी होने पर आंख में कष्ट महसूस होता है और दिनचर्या भी प्रभावित रहती है। इसलिए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम जानेंगे कि गुहेरी क्या है। साथ ही इस लेख में हम गुहेरी के कारण और आंख में गुहेरी के लक्षण की भी विस्तार से चर्चा करेंगे। लेख के अंतिम भाग में गुहेरी के संभावित उपचार का भी जिक्र किया गया है।

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आइए, सबसे पहले जानते हैं कि आखिर आंख में गुहेरी होना कहा किसे जाता है।

आंख में गुहेरी क्या है? – What is Stye in Hindi

गुहेरी पलक के किनारे के पास होने वाली एक पीड़ादायक लाल गांठ या फुंसी है। गुहेरी को अंग्रेजी में स्टाई (stye) या होर्डियोलम (Hordeolum) कहते हैं। यह समस्या पलक के बालों की जड़ में संक्रमण होने के कारण होती है। आंख में फुंसी लाल रंग की और पीड़ादायक हो सकती है, लेकिन आंख को कोई बड़ा नुकसान पहुंचाने का जोखिम पैदा नहीं करती हैं। आमतौर पर आंख की गुहेरी कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। वहीं, कुछ मामलों में गुहेरी का संक्रमण फैल सकता है। इससे पूरी पलक संक्रमित हो सकती है यानी एक साथ कई फुंसियां (गुहेरी) हो सकती हैं (1) (2)

आइए, लेख के अगले भाग में जानते हैं कि आंख में गुहेरी के कारण क्या हो सकते हैं।

आंख में गुहेरी के कारण – Causes of Stye in Hindi

आंख में गुहेरी की समस्या बैक्टीरिया इंफेक्शन के कारण होती है। साथ ही कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (2)

  • आंख में गुहेरी होने के लिए स्टैफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus) बैक्टीरिया मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
  • स्टैफिलोकोकल बैक्टीरिया सामान्य रूप से त्वचा पर रहता है और कोई हानि नहीं पहुंचाता, लेकिन त्वचा के क्षतिग्रस्त होने पर यह जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकता है।
  • नाक से निकलने वाले तरल को छूने के बाद आंख को रगड़ने से स्टैफिलोकोकल बैक्टीरिया पलक तक जा सकता है, जिससे गुहेरी की समस्या हो सकती है।
  • सेबेशियस ग्रंथि के बंद होने पर भी गुहेरी जैसी दिखने वाली फुंसी पलकों पर हो सकती हैं।
  • सेबेशियस ग्रंथि बालों की जड़ (हेयर फॉलिकल्स) के आसपास पाई जाती हैं और सीबम नामक तैलीय पदार्थ का निर्माण करती है। सेबेशियस ग्रंथि के बंद होने पर सीबम का सामान्य बहाव नहीं हो पाता और ये त्वचा पर एकत्रित हो जाता है। त्वचा पर एकत्रित सीबम गुहेरी जैसी समस्या का कारण बना सकता है (1)

लेख में आगे जानते हैं कि आंख में गुहेरी के लक्षण क्या हैं और आंख में गुहेरी का इलाज क्या है।

आंख में गुहेरी के लक्षण – Symptoms of Stye in Hindi

आंख में गुहेरी होने पर निम्न प्रकार के लक्षण नजर आ सकते हैं (2)

  • पलक पर एक कोमल गांठ या फुंसी दिखाई देती है, जिसमें दर्द, जलन और खुजली का अहसास हो सकता है।
  • गांठ बड़ी हो जाती है, तो इसमें सफेद या पीले रंग का पदार्थ नजर आ सकता है, जिसे आम भाषा में मवाद कहा जाता है।
  • गुहेरी पलकों के किनारे पर निकलती है, जहां बाल उगते हैं।
  • गुहेरी निकलने पर आंख में कुछ गिरने का अहसास हो सकता है, क्योंकि पलक पर सूजन होने से वह आंख की सतह को छू सकती है।
  • पलक पर सूजन होने के कारण आंख से पानी भी आ सकता है।

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ये तो थे आंख में गुहेरी के लक्षण। आइए, अब जानते हैं गुहेरी के घरेलू उपाय क्या हो सकते हैं।

आंख में गुहेरी के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Stye in Hindi

आंख में गुहेरी का इलाज करने के लिए कुछ घरेलू सामग्रियां फायदेमंद हो सकती हैं। बेशक, इन घरेलू उपचार के संबंध में कई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं, फिर भी इनका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं। इसमें कोई भी दवा या चीज डालने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए। आइए, अब इन घरेलू उपचारों के बारे में विस्तार से बात करते हैं।

1. अमरूद की पत्तियां

सामग्री :

  • 5-6 अमरूद के पत्ते
  • पानी
  • कोमल कपड़ा

प्रयोग का तरीका :

  • अमरूद के पत्तों को पानी में डालकर 5-7 मिनट तक उबालें।
  • फिर पानी को हल्का गुनगुना होने दें।
  • इसके बाद पानी में कपड़े को डुबोएं और इससे लगभग 15 मिनट तक आंखों की सिकाई करें।

कैसे है फायदेमंद :

अमरूद का वैज्ञानिक नाम साइडम गुआजावा (Psidium guajava) है। इसकी पत्तियां गुहेरी को कुछ हद तक ठीक कर सकती हैं। साथ ही दर्द और सूजन से भी राहत दिला सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अमरूद की पत्तियों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। साथ ही अमरूद की पत्तियां में प्राकृतिक रूप से एंटी बैक्टीरियल गुण होता है, जिस कारण ये आंख को स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया से संक्रमित होने से रोक सकता है (3)। इसलिए, आंख में गुहेरी के लिए घरेलू उपाय के रूप में अमरूद की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसी संबंध में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक और शोध प्रकाशित है। इस शोध के अनुसार, अमररूद के अर्क को गुहेरी के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया स्टैफिलोकोकस ऑरियस से लड़ने में कारगर पाया गया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस अर्क में घाव ठीक करने की और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता मौजूद है (4)

2. लहसुन का रस

सामग्री :

  • 1 लहसुन की कली
  • 1 ईयर बड

प्रयोग का तरीका :

  • लहसुन की कली को पीसकर रस निकाल लें।
  • फिर ईयर बड का उपयोग करते हुए सावधानी से गुहेरी पर लहसुन का रस लगाएं।
  • सूखने के बाद आंख को गुनगुने पानी से धो लें।

कैसे है फायदेमंद :

लहसुन (A. sativum) में अजोइन और एलिसिन नामक तत्व पाया जाता है, जिसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है। यह तत्व गुहेरी बनने का मुख्य कारण माने जाने वाले जीवाणु स्टैफिलोकोकस ऑरिस को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (5)

3. लौंग

सामग्री :

  • 2-3 लौंग
  • पानी

प्रयोग का तरीका :

  • पेस्ट बनाने के लिए लौंग को पानी के साथ पीस लें।
  • इस पेस्ट को गुहेरी पर लगाएं।
  • इसे सूखने के लिए कुछ घंटों के लिए छोड़ दें।
  • जब गुहेरी में कड़ापन महसूस होने लगे, तो इसे धो लें।
  • आप ईयर बड की मदद से लौंग के पेस्ट की जगह लौंग का तेल भी गुहेरी पर लगा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

गुहेरी के लिए लौंग चमत्कारिक रूप से फायदेमंद हो सकती है। इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटीसेप्टिक और एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं, जो गुहेरी को जल्द ठीक करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाया जाता है, जो स्टाई के कारण आंख में आई सूजन को कम कर सकता है। इसलिए, इसे गुहेरी पर मरहम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है (6)

4. एलोवेरा

सामग्री :

  • एक एलोवेरा का पत्ता

प्रयोग का तरीका :

  • चाकू से एलोवेरा के छिलके को उतार कर गूदा निकाल लें।
  • इस गूदे को आंख के ऊपर कुछ मिनटों के लिए रखा रहने दे।
  • इसके बाद साफ पानी से आंख को धो लें।
  • दिन में 2-3 बार ऐसा करने से तुरंत आराम मिल सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

एलोवेरा में आराम देने वाला प्रभाव (सूदिंग इफेक्ट) पाया जाता है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से गुहेरी की पीड़ा से आराम मिल सकता है। यह जलन से भी राहत दे सकता है (7)। इसलिए, आंख में गुहेरी के लिए घरेलू उपाय के रूप में एलोवेरा पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध किए जाने की जरूरत है। 

5. हरा प्याज

सामग्री :

  • हरे प्याज के पत्ते

प्रयोग का तरीका :

  • प्याज के पत्तों को बारीक पीस लें।
  • इसे ईयर बड की मदद से गुहेरी पर लगाएं।
  • सूखने पर ठंंडे पानी से आंख को धो लें।

कैसे है फायदेमंद :

लहसुन की तरह हरे प्याज (A. fistulosum) में भी अजोइन नामक तत्व पाया जाता है, जिसमें एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव होता है। यह तत्व गुहेरी बनने का कारण माने जाने वाले जीवाणु स्टैफिलोकोकस ऑरिस के विकास को बाधित कर, इस संक्रमण को फैलने से रोक सकता है (5)

6. नारियल का तेल

सामग्री :

  • नारियल का तेल
  • एक ईयर बड

प्रयोग का तरीका :

  • गुहेरी से प्रभावित आंख को साफ पानी से धो लें।
  • फिर नारियल के तेल को हल्का-सा गुनगुना करें।
  • इसके बाद ईयर बड की मदद से इसे गुहेरी पर लगाएं।
  • इस तेल को पूरे दिन लगा रहने दें।

कैसे है फायदेमंद :

नारियल के तेल में एंटीसेप्टिक और मॉइस्चराइजिंग गुण पाए जाते हैं, जो आंखों को नमी प्रदान कर गुहेरी के लक्षण को कम करने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही वर्जिन नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल गतिविधि पाई जाती है, जो स्टैफिलोकोकस ऑरिस से लड़ने में कारगर है (8) (9)।

7. टी ट्री ऑयल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल की 4-5 बूंदें
  • 2 बड़े चम्मच साफ पानी

प्रयोग का तरीका :

  • पानी में टी ट्री ऑयल को डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण को फ्रिज में रखें, ताकि यह ठंडा रहे।
  • गुहेरी से प्रभावित क्षेत्र पर इसकी एक या दो बूंद लगाएं।
  • इसे दिनभर के लिए छोड़ दें।

कैसे है फायदेमंद :

ब्लेफेराइटिस (पलकों पर सूजन) भी गुहेरी (stye) से जुड़ी एक समस्या है (10)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर छपे एक रिसर्च पेपर के अनुसार, टी ट्री ऑयल अपने एंटीमाइक्रोबियल गुण के कारण ब्लेफेराइटिस के लक्षणों में सुधार कर सकता है। साथ ही यह घाव को भरकर आराम पहुंचाने में कारगर हो सकता है (11) 

8. गर्म सिकाई

सामग्री :

  • एक छोटा मुलायम कपड़ा
  • सहने योग्य गर्म पानी

प्रयोग का तरीका :

  • गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर निचोड़ लें।
  • फिर इस कपड़े से आंख की सिकाई करें।
  • सिकाई के समय आंख को बंद रखें।
  • जब कपड़े का तापमान सामान्य हो जाए, तो इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं।
  • ज्यादा आराम के लिए इस प्रक्रिया को दिन में दो बार दोहराएं।

कैसे है फायदेमंद :

गर्म पानी से सिकाई करना गुहेरी की समस्या में आरामदायक हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर छपी एक स्टडी की माने, तो गर्म सिकाई करने से ग्रैनुलोमा (संक्रमण से पैदा हुआ दाना ) नरम हो सकता है, जिससे गुहेरी की समस्या कुछ कम हो सकती है। गुहेरी से निजात पाने के लिए रोजाना 5-10 मिनट सिकाई मददगार साबित हो सकती है (12)

9. लैवेंडर ऑयल

सामग्री :

  • लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें
  • ईयर बड

प्रयोग का तरीका :

  • लैवेंडर ऑयल को ईयर बड की मदद से गुहेरी पर लगाएं।
  • इसे दिन भर आंख पर लगा रहने दें।

कैसे है फायदेमंद :

लैवेंडर ऑयल गुहेरी में किस प्रकार लाभदायक है, इस संबंध में अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। हां, इतना जरूर कहा जा सकता है कि लैवेंडर ऑयल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि यह तेल गुहेरी के संक्रमण को कुछ कम कर सकता है (13)। गुहेरी के संबंध में लैवेंडर ऑयल पर विस्तार से रिसर्च किए जाने की जरूरत है।

10. शहद

सामग्री :

  • 3 बड़े चम्मच शहद
  • 2 कप गर्म पानी

प्रयोग का तरीका :

  • शहद को पानी में अच्छी तरह मिलाएं।
  • जब पानी हल्का गुनगुना हो जाए, तो इससे आंखों को धोएं।
  • इस विधि को दिन में दो बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

शहद अपनी एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि के चलते गुहेरी को ठीक करने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन में शहद को कई संक्रामक रोग फैलाने वाले जीवाणुओं के खिलाफ फायदेमंद पाया गया है, जिसमें स्टैफिलोकोकस ऑरिस भी शामिल है (14)

स्क्रॉल करें

ये थे गुहेरी से निपटने के कुछ घरेलू उपाय। आगे जानते हैं कि गुहेरी का मेडिकल ट्रीटमेंट कैसे किया जा सकता है।

आंख में गुहेरी का इलाज – Stye Treatment in Hindi

अगर आंख में गुहेरी के लक्षण 2 से 3 दिन के अंदर ठीक न हों, तो आंख में गुहेरी का इलाज के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर गुहेरी के लिए एंटीबायोटिक मलहम लगाने की सलाह दे सकते हैं। गुहेरी के लक्षण कम करने के ओरल एंटीबायोटिक दवाओं (मुंह से ली जाने वाली गोलियां) का भी उपयोग किया जाता है। कुछ मामलों में डॉक्टर गुहेरी को फोड़ सकते हैं, लेकिन व्यक्ति को खुद इस फुंसी को नहीं फोड़ना चाहिए (1)

आगे है और जानकारी

आगे जानते हैं कि गुहेरी की समस्या से कैसे बचा जा सकता है। 

आंख में गुहेरी से बचाव  – Prevention Tips for Stye in Hindi

जैसा कि आप लेख में ऊपर जान चुके हैं कि गुहेरी बैक्टीरियर इंफेक्शन के कारण होने वाली समस्या है। इसलिए, आंख में गुहेरी से बचाव लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे कि

  • अपनी आंख को छूने से पहले अपने हाथ धो लें।
  • अपने सौंदर्य प्रसाधनों को किसी और के साथ साझा न करें।
  • अपनी आंखों की सफाई पर ध्यान दें और उन्हें दिन में कम से कम तीन बार धोएं।
  • आंखों को धोने के लिए हमेशा साफ पानी का उपयोग करें।
  • अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते हैं, तो उन्हें साफ रखें और साफ हाथों से लगाएं।
  • अगर किसी को गुहेरी की समस्या है, तो उसे स्वयं न फोड़ें, क्योंकि इससे संक्रमण हो सकता है।
  • गुहेरी की समस्या हो, तो आंखों के मेकअप से बचें।
  • सोने से पहले रोजाना मेकअप हटाकर सोएं।
  • रोज कम से कम 6-8 घंटे की नींद लें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना किसी आई ड्राप या मलहम का इस्तेमाल न करें।

इस लेख में आपने जाना कि गुहेरी क्या है और इसके घरेलू उपचार क्या हो सकते हैं। आशा करते हैं कि ये जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। अगर किसी को इस लेख में बताए गए घरेलू उपचार से एलर्जी होती है, तो उसका इस्तेमाल न करें। वहीं, अगर गुहेरी का संक्रमण बढ़ता दिखाई दे, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, आंखों की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। खुद को स्वस्थ रखने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

References

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  1. Stye
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK459349/
  2. Styes
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/styes
  3. Psidium guajava: A review on its potential as an adjunct in treating periodontal disease
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4127827/
  4. Antibacterial and Wound Healing Properties of Methanolic Extracts of Some Nigerian Medicinal Plants
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16226414/
  5. A 1,000-Year-Old Antimicrobial Remedy with Antistaphylococcal Activity
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4542191/
  6. Recent Trends in Indian Traditional Herbs Syzygium aromaticum and its Health Benefits
    http://www.phytojournal.com/archives/2012/vol1issue1/PartA/1.pdf
  7. Astonishing diversity—the medicinal plant markets of Bogotá, Colombia
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6011411/
  8. A Randomized Double-Blind Controlled Trial Comparing Extra Virgin Coconut Oil With Mineral Oil as a Moisturizer for Mild to Moderate Xerosis
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/15724344/
  9. Antibacterial Effect of Carvacrol and Coconut Oil on Selected Pathogenic Bacteria
    https://pubag.nal.usda.gov/catalog/5969032
  10. Blepharitis
    https://www.nei.nih.gov/learn-about-eye-health/eye-conditions-and-diseases/blepharitis
  11. The use of tea tree oil in treating blepharitis and meibomian gland dysfunction
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5848340/
  12. Interventions for acute internal hordeolum
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4261920/
  13. Biological Activities of Lavender Essential Oil
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/12112282/
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Saral Jain

Saral Jainहेल्थ एंड वेलनेस राइटर

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मीडिया का लगभग 9 वर्ष का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इनकी रुचि घरेलू...read full bio