जैतून के तेल के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान – Olive Oil (Jaitun Ka Tel) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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ओलिव ऑयल या जैतून का तेल आजकल काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर आप खाना बनाने के शौकीन हैं, तो आपको ओलिव ऑयल के बारे में पता ही होगा। ओलिव ऑयल न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह कई औषधीय गुणों से भरपूर है, इसलिए वर्षों से इसका उपयोग किया जा रहा है। एक वक्त था जब जैतून का तेल सिर्फ खाना बनाने के काम आता था, लेकिन इसके फायदे पता चलने के बाद लोग इसे स्किन केयर, बालों के लिए और अन्य कई चीजों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इस लेख में हम जैतून के तेल के फायदे और उसके उपयोग के बारे में जानेंगे।

इससे पहले कि आप ऑलिव ऑयल यानी जैतून के तेल के फायदों के बारे में जानें, उससे पहले हम यह जान लेते हैं कि जैतून का तेल होता क्या है।

ऑलिव ऑयल क्या है?

जैतून के तेल को जैतून के फलों से निकाला जाता है। यह विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और कई अन्य गुणों से भरपूर होता है (1)। ऑलिव ऑयल का वैज्ञानिक नाम है ओलीआ यूरोपीय (Olea europaea), जबकि हिंदी में जैतून का तेल, बंगाली में जौलपाई तेल, तेलगु में “जीता तैलम”, कन्नड़ में “ओउदल एन्ने, मराठी में “जैतून तेल, स्वाहिली में मफुता, अरबिक में ज़यत अल जैतून कहते हैं।

आगे हम बता रहे हैं कि जैतून का तेल कितने प्रकार का होता है।

जैतून के तेल के प्रकार – Types of Olive Oil in Hindi

Types of Olive Oil in Hindi
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अगर आप सोच रहे हैं कि जैतून का तेल सिर्फ एक ही प्रकार का होता है, तो आप गलत हैं। जैतून का तेल भी कई प्रकार का होता है। खाना बनाने के लिए अलग और त्वचा व बालों के लिए अलग। नीचे हम आपको जैतून के तेल के कुछ प्रकार बता रहे हैं।

  1. एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल – ऑलिव ऑयल की बात करें, तो एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल सबसे अच्छा ऑलिव ऑयल होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स की मात्रा अन्य जैतून के तेल से ज्यादा होती है, लेकिन इसमें एसिड की मात्रा कम होती है। यह खाना बनाने के लिए पूरी तरह से सही है या नहीं इसके बारे में थोड़ी उलझन है, क्योंकि इसका स्मोक पॉइंट कम है। इसे अगर धीमी आंच पर पकाया जाए, तो यह जल सकता है। इसलिए, इसमें खाना बनाते समय थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है। हां, अगर आप चाहें तो इसे टॉपिंग की तरह सलाद, सब्जियों या अन्य खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह अन्य ऑलिव ऑयल के मुकाबले बहुत महंगा होता है। संभव है कि सभी लोग इसे न खरीद सकें।।
  1. वर्जिन ऑलिव ऑयल – यह ऑलिव ऑयल बहुत ही पॉपुलर है, इसे खाना बनाने के लिए उपयोग में लाया जाता है और इसमें एसिड की मात्रा भी कम होती है। इसे बनाने में किसी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। वर्जिन ऑलिव ऑयल और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में थोड़ा फर्क है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को टॉपिंग की तरह उपयोग किया जा सकता है, लेकिन डीप फ्राई के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। वहीं, वर्जिन ऑलिव ऑयल को खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही दोनों के स्वाद में थोड़ा अंतर होता है। उसके अलावा, यह एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल से सस्ता होता है।
  1. प्योर ऑलिव ऑयल – यह रिफाइंड ऑलिव ऑयल और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का ही मिश्रण होता है। इसमें पोषक तत्वों की मात्रा अन्य ऑलिव ऑयल की तुलना में कम होती है, क्योंकि इसको कोल्ड प्रोसेस तरीके से नहीं बनाया जाता है। हालांकि, आप इसे खाना बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अगर आप इसे बालों और त्वचा के लिए इस्तेमाल करेंगे, तो ज्यादा फायदा होगा।
  1. पोमेस ग्रेड ऑलिव ऑयल – यह भी ऑलिव ऑयल का ही एक प्रकार है और यह बाजार में उपलब्ध है। इसे खाना बनाने में सबसे कम उपयोग किया जाता है, क्योंकि इसका स्मॉकिंग पॉइंट अधिक होता है। गुणवत्ता के मामले में यह एक्स्ट्रा वर्जिन और वर्जिन ऑलिव ऑयल से कम होता है।
  1. लैम्पेंट ऑयल – ऑलिव ऑयल के इस प्रकार को खाने या त्वचा और बालों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ तकनीकी कामों और ईंधन के लिए किया जाता है।

जैतून के तेल के प्रकार जानने के बाद अब वक्त है ऑलिव ऑयल के फायदे जानने का।

जैतून के तेल के फायदे – Benefits of Olive Oil in Hindi

जैतून का तेल गुणों का भंडार है। स्वास्थ्य, त्वचा और बालों के लिए इसके कई फायदे हैं। चाहे वजन या ब्लड प्रेशर को कम करना हो, डैंड्रफ से निपटना हो, बालों को बढ़ाना हो या पिंपल हटाने हों, हर काम में जैतून का तेल इस्तेमाल होता है। नीचे हम जैतून के तेल के फायदों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

सेहत के लिए जैतून के तेल के फायदे – Health Benefits of Olive Oil in Hindi

सेहत के लिए जैतून के तेल के कई फायदे होते हैं, जिनके बारे में शायद कुछ लोग जानते होंगे और कुछ अनजान होंगे।

1. वजन कम करने के लिए जैतून का तेल

Olive oil to lose weight in Hindi
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आजकल की जीवनशैली में कोई भी खान-पान पर ध्यान नहीं देता। वक्त की कमी के कारण लोग बाहर का तला-भूना खा लेते हैं और कभी-कभी काम में इतने व्यस्त होते हैं कि खाना खाते तक नहीं हैं। परिणामस्वरूप वजन बढ़ने लगता है। हालांकि, कुछ लोग डाइटिंग करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा ज्यादा दिन तक नहीं चल पाता। ऐसे में कैसा हो कि अगर आप अपने पसंद की चीज भी खाएं और वजन भी न बढ़े। इसमें चौंकने की बात नहीं है, ऐसा ऑलिव ऑयल की मदद से हो सकता है। आप खाना बनाने में ऑलिव का उपयोग कर सकते हैं, जिससे खाने का स्वाद तो बढ़ेगा ही साथ ही वजन भी कम होगा। एक शोध के अनुसार एक मेडिटेरेनियन डाइट में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल किया गया था। इस डाइट को लेने वाले लोगों में वजन कम होते हुए देखा गया। साथ ही उनके खून में एंटीऑक्सीडेंट की बढ़ोतरी भी पाई गई (2)। इसलिए, अगर आपको बढ़ते वजन की परेशानी सता रही है, तो आप व्यायाम के साथ-साथ ऑलिव ऑयल को भी अपने डाइट में शामिल करें।

2. कब्ज में जैतून का तेल

सही खान-पान न होने की वजह से आए दिन लोगों को पेट संबंधी परेशानियां लगी रहती हैं। कब्ज उन्हीं समस्याओं में से एक है। कब्ज की परेशानी में अगर जैतून के तेल का सेवन किया जाए, तो इससे काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। जैतून का तेल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (gastrointestinal tract) और पेट के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है (3)। जैतून के तेल का गाढ़ापन और टेक्सचर पाचन तंत्र की क्रिया को बढ़ा सकता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज से आराम मिल सकता है। जैतून के तेल में प्रचुर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैट (monounsaturated fats) होता है (4)। इसके अलावा, यह विटामिन-ई व के, ओमेगा-9 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसकी मदद से न सिर्फ स्वास्थ्य में सुधार आता है, बल्कि पाचन तंत्र भी ठीक हो सकता है और कब्ज की समस्या भी दूर हो सकती है।

कब्ज में जैतून के तेल का उपयोग

कब्ज के लिए आप जैतून के तेल को कई तरह से उपयोग कर सकते हैं। यहां हम कुछ तरीके आपको बता रहे हैं।

कच्चा ऑलिव ऑयल या एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल

हर रोज दो बार एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का सेवन करें। एक चम्मच सुबह खाली पेट लें और दूसरा चम्मच रात को सोने से पहले पिएं। अगर आप खाली पेट पीना भूल जाएं, तो आप खाना खाने के कुछ घंटों बाद पिएं। इसे नियमित तौर पर लें, जब तक कि आपकी कब्ज की परेशानी दूर न हो जाए।

फलों के साथ जैतून का तेल

अगर आपको जैतून का तेल ऐसे पसंद नहीं, तो आप इसे फलों के साथ मिलकर खा सकते हैं। आप ऑलिव ऑयल को फाइबर युक्त फल जैसे – सेब और संतरे के साथ ले सकते हैं। सुबह पहले एक चम्मच जैतून का तेल पिएं और फिर उसके बाद फल को खाएं। अगर इससे असर न हो, तो आप शाम के समय फाइबर युक्त सब्जियों के साथ सेवन कर सकते हैं। जब तक कब्ज की समस्या ठीक न हो, इसका नियमित तौर पर सेवन कर सकते हैं।

संतरे के जूस के साथ जैतून का तेल

हर रोज सुबह एक गिलास संतरे के जूस में एक चम्मच जैतून का तेल मिलाएं और खाली पेट पिएं। यह आपके पाचन तंत्र को ठीक करेगा और कब्ज की समस्या को दूर कर पूरे दिन आपको स्वस्थ रखेगा। आप एक कप कॉफी के साथ भी जैतून का तेल पी सकते हैं।

नींबू के रस के साथ जैतून का तेल

अगर आपको संतरे का रस नहीं पसंद, तो आप नींबू के रस के साथ भी जैतून का तेल ले सकते हैं। एक चम्मच जैतून के तेल को नींबू पानी के साथ मिलाकर पिएं, इससे आपकी कब्ज की परेशानी दूर होगी। आप चाहें तो शाम के वक्त एक नींबू के फांक के साथ एक चम्मच ऑलिव ऑयल का सेवन करें, ताकि आप कब्ज की परेशानी से दूर रहें।

दूध के साथ जैतून का तेल

अगर आपको फल या फलों के रस का सेवन पसंद नहीं, तो आप दूध के साथ भी ऑलिव ऑयल का सेवन कर सकते हैं। जिनको गंभीर रूप से कब्ज की परेशानी है, उनके लिए यह नुस्खा बहुत असरदार साबित हो सकता है। आपको बस एक कप दूध में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल मिलाकर सेवन करना है। आप हर रोज दूध में जैतून के तेल को अच्छे से मिलाकर खाली पेट सेवन करें। इसके नियमित तौर पर सेवन से आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

3. मधुमेह के लिए जैतून का तेल

Olive oil for diabetes in Hindi
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अभी के खान-पान और गलत दिनचर्या की वजह से मधुमेह किसी को भी हो सकता है। अगर एक बार किसी को मधुमेह हो जाए, तो फिर उसे हमेशा संभलकर रहना होता है और अपने खाना-पान का खास ध्यान रखना होता है। ऐसे में जैतून के तेल का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार जैतून का तेल टाइप-2 डायबिटीज के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है (5) (6)। अगर आप मधुमेह से परेशान हैं, तो आप अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल को शामिल कर सकते हैं।

4. आंखों के लिए जैतून का तेल

आंखें हमारे शरीर का अहम हिस्सा होती हैं। वहीं, आजकल पूरा दिन कंप्यूटर, टीवी और मोबाइल पर लगे रहने से हमारी आंखों पर काफी जोर पड़ता है। इस कारण वक्त के साथ-साथ आंखों की रोशनी कम होती चली जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आप वक्त रहते इस पर ध्यान दें। आंखों की देखभाल के लिए आप जैतून के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप आंखों के आसपास जैतून के तेल से हल्की-हल्की मालिश कर सकते हैं। इससे आपकी आंखों के आसपास रक्त संचार सही होगा, थकान दूर होगी और आपको ताजगी का एहसास होगा। आप सोने से पहले ऐसा कर सकते हैं। इसके अलावा, आप जैतून के तेल का सेवन भी कर सकते हैं।

5. उच्च रक्तचाप में जैतून का तेल

काम का दवाब, तनाव और कई अन्य कारणों से उच्च रक्तचाप की समस्या आजकल आम हो गई है। अगर इसे गंभीरता से न लिया जाए, तो यह जान का दुश्मन बन सकता है। इसलिए, अगर आपको उच्च रक्तचाप है, तो आप अपने जीवनशैली में सुधार करें, व्यायाम के साथ-साथ अपने खान-पान में बदलाव करें। आप अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल यानी जैतून के तेल को शामिल करें। इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है (7) (8) । इसमें पॉलीफेनोल और मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं (1) (9) (10) (11)। इसके सेवन से उच्च रक्तचाप के मरीजों में ब्लड प्रेशर की दवाई लेने की जरूरत भी कम होती देखी गई है (12)। आप जैतून के तेल से बने खाने का सेवन कर सकते हैं।

6. कोलेस्ट्रॉल के लिए जैतून का तेल

Olive oil for cholesterol in Hindi
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आजकल कोलेस्ट्रॉल भी आम, लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए आप ऑलिव ऑयल का सेवन कर सकते हैं। इसमें बहुत कम मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है और यह गुण इसे शरीर में रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता देते हैं। जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट उच्च मात्रा में होता है, जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनने में मदद करता है (13) (14)। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में भी पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल के कारण शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल कम होता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की वृद्धि होती है (15)।

7. दिमाग के लिए जैतून का तेल

तनाव, चिंता और अन्य कई कारणों से लोगों की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में कई लोग उम्र के साथ-साथ अल्जाइमर (Alzheimer’s) जैसी बीमारी का शिकार होने लगते हैं। इसमें व्यक्ति उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपनी याददाश्त खोने लगता है। ऐसे में ऑलिव ऑयल या वर्जिन ऑलिव ऑयल के सेवन से अल्जाइमर जैसी याददाश्त संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है। जैतून के तेल में पॉलीफेनोल होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। ये याददाश्त को बेहतर करते हैं (16) । साथ ही अगर आप जैतून के तेल से सिर की मालिश करेंगे, तो आपको तनाव से भी काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है और मन शांत रहेगा।

8. हड्डियों के लिए जैतून का तेल

बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, लेकिन आजकल युवा भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। घंटों कुर्सी पर बैठे रहना और गाड़ी में सफर करना हड्डियों में दर्द के कारण बन रहे हैं। अगर वक्त रहते इन पर ध्यान न दिया गया, तो यह गंभीर रूप भी ले सकते हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए आप अपने आहार में जैतून के तेल को शामिल करें। ऑलिव ऑयल से हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) से बचा जा सकता है (17) (18) (19)। यह हड्डियों के लिए एक सुरक्षा चक्र की तरह काम करता है और इसके नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती है। आप इसमें पका हुआ आहार खा सकते हैं, लेकिन अधिक फायदे के लिए आप एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून के तेल को सलाद पर टॉपिंग के रूप में इस्तेमाल करें और उसका सेवन करें।

9. सूजन के लिए जैतून का तेल

शरीर में सूजन की वजह से भी कई बीमारियां होने लगती है। ऐसे में सूजन से बचने के लिए आप जैतून के तेल का सेवन कर सकते हैं। इसमें ओलियोकैंथोल होता है, जो एक एंटीइंफ्लेमेटरी दवा आइबूप्रोफेन (ibuprofen) की तरह काम करता है (20)। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में ओलियोकैंथोल होने के कारण इसकी 50 ml मात्रा लेने पर उतना ही असर होता है, जितना 10 प्रतिशत आइबूप्रोफेन (ibuprofen) लेने पर होता है (21) (22)। यह सूजन की वजह से होने वाले गठिया की बीमारी से भी बचाव कर सकता है (23)। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होने की वजह से भी सूजन कम होती है।

10. ह्रदय के लिए जैतून का तेल

Olive oil for heart in Hindi
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काम के तनाव, गलत खान-पान, चिंता और अन्य कई कारणों से दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ने लगता है। अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो दिल के दौरे की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आप नियमित व्यायाम करें और खान-पान पर ध्यान दें। आप अपने भोजन में जैतून के तेल को जरूर शामिल करें। जैतून का तेल ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, कोलेस्ट्रॉल के खतरे को कम करता है और दिल के दौरे व ह्रदय संबंधी अन्य बीमारियों से बचाता है (24) (25)। कई अन्य शोधों में भी पता चला है कि जैतून का तेल ह्रदय संबंधी बीमारियों में फायदेमंद होता है (26) (27) (28)।

11. कैंसर से बचाव करता है जैतून का तेल

अगर जैतून के तेल का नियमित सेवन किया जाए, तो कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। ऑलिव ऑयल में कुछ ऐसे यौगिक होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मददगार साबित हो सकते हैं। जैतून तेल के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी काफी हद तक कम हो सकता है। जैतून में ओलियूरोपिन (oleuropein) नामक प्राकृतिक यौगिक होता है, जिसमें एंटी-ब्रेस्ट कैंसर गुण मौजूद हैं (29)। इसके अलावा, ऑलिव ऑयल के सेवन से कई अन्य तरह के कैंसर से भी बचाव हो सकता है (10)।

ऊपर आपने स्वास्थ्य के लिए जैतून के तेल के फायदे जानें, अब वक्त है कि आप त्वचा के लिए जैतून तेल के फायदों के बारे में जानें।

त्वचा के लिए जैतून के तेल के फायदे – Skin Benefits of Olive Oil in Hindi

मौसम चाहे जैसा भी हो, सभी अपनी त्वचा का खास ख्याल रखना चाहते हैं। इसके लिए लोग तरह-तरह की क्रीम का उपयोग करते हैं, लेकिन उनका असर कुछ देर तक ही रहता है। ऐसे में जरूरी है कि आप वक्त रहते कुछ प्राकृतिक उपाय करें, ताकि साइड इफेक्ट न हो और आपकी त्वचा का निखार भी बरकरार रहे। इस लेख में हम आपकी त्वचा के लिए जैतून तेल के फायदों के बारे में बता रहे हैं।

1. कील-मुहांसों के लिए जैतून का तेल

Olive oil for acne in Hindi
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पिंपल कभी भी हो सकते हैं और खूबसूरती पर दाग लगा सकते हैं। कई बार लोग पिंपल के लिए तरह-तरह की क्रीम, लोशन व फेसवॉश प्रयोग करते हैं, लेकिन इनके साइड-इफेक्ट हो सकते हैं। ऐसे में अगर जैतून के तेल का उपयोग किया जाए, तो कुछ हद तक पिंपल से चेहरे का बचाव किया जा सकता है। जैतून के तेल में विटामिन-ई होता है, जो त्वचा को स्वस्थ बनाता है। यह एंटीइंफ्लेमेटरी भी होता है, जिस वजह से कील-मुंहासों की परेशानी से त्वचा का बचाव हो सकता है (30) (31)।

कील-मुहांसों के लिए जैतून तेल का फेस पैक

सामग्री :

  • एक तिहाई कप दही
  • एक चौथाई कप शहद
  • दो चम्मच जैतून तेल

बनाने और लगाने की विधि :

  • सभी सामग्रियों को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाकर 15 से 20 मिनट के लिए सूखने दें।
  • फिर गुनगुने पानी से धो लें।
  • आप इस फेस पैक को हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।

2. जैतून का तेल त्वचा की रंगत के लिए

हर कोई चाहता है कि उनकी त्वचा की रंगत निखरे और बेदाग नजर आए। इसके लिए अगर आप कुछ प्राकृतिक उपाय करें, तो काफी हद तक आपकी त्वचा पर निखार आ सकता है। आप जैतून तेल का सेवन कर सकते हैं या उसे त्वचा पर लगा सकते हैं। इससे आपकी रंगत में निखार आएगा और त्वचा में चमक आएगी।

3. एंटी-एजिंग या झुर्रियों के लिए जैतून का तेल

Olive oil for anti-aging or wrinkles in Hindi
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बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियां होना आम बात है, लेकिन कभी-कभी धूल-मिट्टी, प्रदूषण और सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से भी चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लगती है। झुर्रियों के लिए महिलाएं क्रीम और लोशन का उपयोग करती हैं, लेकिन केमिकल त्वचा के निखार को छीन लेते हैं। इसलिए, झुर्रियों को कम करने के लिए जैतून के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैतून का तेल चेहरे के लिए फायदेमंद होता है और यह एंटी-एजिंग का काम कर सकता है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में सेकोईरीडॉइड पॉलीफेनोल होते हैं, जिसमें एंटी-एजिंग गुण मौजूद होते हैं (32)। नीचे हम जैतून के तेल को चेहरे के लिए इस्तेमाल करने की विधि बता रहे हैं।

सामग्री :

  • दो चम्मच जैतून तेल
  • एक चम्मच नींबू का रस
  • चुटकीभर समुद्री नमक
  • एक बाउल 

बनाने और लगाने की विधि :

  • एक बाउल में सभी सामग्रियों को मिला लें।
  • अब मिश्रण को अपने चेहरे के रूखे हिस्सों पर लगाएं।
  • फिर कुछ देर बाद पानी से धो लें।

4. त्वचा को मॉइस्चराइज करने के लिए जैतून तेल

सर्दी हो या गर्मी त्वचा को मॉइस्चराइज रखना बहुत जरूरी होता है। हालांकि, त्वचा को मॉइस्चराइज करने के लिए कई लोशन बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन उनका असर जल्दी खत्म हो जाता है। साथ ही ये महंगे भी होते हैं। इनकी जगह आप प्राकृतिक जैतून का तेल इस्तेमाल करें। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी गुण और विटामिन-ई त्वचा को स्वस्थ व मॉइस्चराइज रखते हैं (31) (35)। जैतून का तेल हल्का होता है, इसलिए यह लगाने के बाद आपको चिपचिपा महसूस नहीं होगा।

जैतून के तेल को मॉइस्चराइजर की तरह इस्तेमाल करने का तरीका

  • आवश्यकतानुसार एक या दो चम्मच जैतून का तेल लें।
  • नहाने के बाद जब आपकी त्वचा थोड़ी भीगी हुई हो, तब आप जैतून के तेल से अपनी त्वचा पर हल्की-हल्की मालिश करें।
  • आप चाहें, तो इसे 10 से 15 मिनट के लिए लगे रहने दें, फिर गुनगुने पानी से धो सकते हैं।

नोट: अगर आपकी त्वचा रूखी है, तो आप सोने से पहले अपने चेहरे पर ऑलिव ऑयल लगाकर सोएं और अगली सुबह फेसवॉश और गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें।

5. मेकअप हटाने के लिए जैतून का तेल

Olive oil to remove makeup in Hindi
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मेकअप करना लगभग हर लड़की और महिला को पसंद होता है। किसी को हल्का मेकअप पसंद होता है, तो किसी को थोड़ा ज्यादा गहरा। हालांकि, मेकअप हल्का हो या गहरा जरूरी है कि रात को सोने से पहले मेकअप उतारकर सोएं। कई बार महिलाओं को बाजार में मिलने वाले मेकअप रिमूवर का चुनाव करने में उलझन होती है। इस स्थिति में जैतून के तेल का उपयोग करना सबसे बेहतर उपाय है। यह आपकी त्वचा पर कोमलता से काम करेगा और आसानी से आपका मेकअप उतर जाएगा।

जैतून के तेल का उपयोग मेकअप रिमूवर की तरह

  • जैतून के तेल में रूई भिगोकर उससे अपने चेहरे को हल्के-हल्के से पोंछ लें।
  • आप जैतून के तेल को आंखों के नीचे से मेकअप हटाने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।
  • मेकअप हटाने के साथ-साथ यह आपकी त्वचा को नर्म और मुलायम भी बना देगा।

6. होंठों के लिए जैतून तेल

आजकल सेल्फी का जमाना है और बिना पाउट सेल्फी का मजा नहीं आता। ऐसे में आपके होंठों का खूबसूरत होना जरूरी है, इसलिए होंठों के देखभाल के लिए आप जैतून तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके होंठों को नर्म और मुलायम बनाकर उन्हें खूबसूरत बनाएगा।

होंठों के लिए जैतून तेल का इस्तेमाल

सामग्री :

  • पीसी हुई भूरी चीनी
  • जैतून तेल की कुछ बूंदें
  • नींबू का रस

बनाने और लगाने की विधि :

  • सभी सामग्रियों को मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें।
  • सोने से पहले इस मिश्रण को होंठों पर लगाएं।
  • जैतून का तेल आपके होंठों को नर्म व मुलायम बनाएगा और चीनी व नींबू आपके होंठों को एक्सफोलिएट करेगा।

7. त्वचा को स्वस्थ रखता है जैतून का तेल

जब बात आती है त्वचा और खूबसूरती की, तो आजकल ज्यादातर लोग प्राकृतिक चीजों पर ज्यादा निर्भर करते हैं और जैतून का तेल उन्हीं प्राकृतिक पदार्थों में से एक है। ऑलिव ऑयल में विटामिन-ई और कई एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ बनाकर उसमें निखार लाते हैं। आप चाहें तो ऑलिव ऑयल को अपने आहार में शामिल करें या उसे अपनी त्वचा पर लगाएं, यह दोनों ही तरह से फायदेमंद है (31)।

अब वक्त है बालों के लिए ऑलिव ऑयल के फायदे जानने का।

बालों के लिए जैतून के तेल के फायदे – Hair Benefits of Olive Oil in Hindi

Hair Benefits of Olive Oil in Hindi
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नीचे हम बालों के लिए जैतून तेल के फायदे बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने बालों को मजबूत और स्वस्थ बना सकते हैं।

1. बालों को बढ़ाने के लिए जैतून का तेल

लंबे व घने बाल लगभग हर लड़की और महिला की ख्वाहिश होती है। इसके लिए वो तरह-तरह के शैंपू व कंडीशनर आजमाती हैं, लेकिन उनका कुछ खास असर नहीं हो पाता है। ऐसे में अगर प्राकृतिक उपाय किए जाएं, तो काफी हद तक बाल स्वस्थ हो सकते हैं। इन्हीं प्राकृतिक उपायों में से एक है बालों में तेल लगाना, ताकि बालों में पोषण और मॉइस्चर बरकरार रहे। जैतून का तेल आपके बालों के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। अगर आप जैतून तेल को अन्य सामग्रियों के साथ मिलाकर लगाएंगे, तो यह जादू की तरह काम करेगा। जैतून का तेल पोषक तत्वों से भरा है, जो आपके बालों को बढ़ने में मददगार साबित हो सकता है। नीचे हम बालों को बढ़ाने के लिए जैतून तेल के इस्तेमाल के बारे में बता रहे हैं।

बालों को बढ़ाने के लिए जैतून के तेल का उपयोग

[पढ़े: बालों को तेज़ी से बढ़ाने के तरीके]

सामग्री :

  • आधा कप जैतून का तेल
  • दो चम्मच शहद
  • एक अंडे का पीला हिस्सा

बनाने और लगाने की विधि :

  • सारे सामग्रियों को मिलाकर एक अच्छा मिश्रण तैयार कर लें।
  • अब इस पेस्ट को अपने बालों में लगाकर कुछ मिनटों के लिए सूखने दें।
  • फिर इसे गुनगुने पानी से धोकर बाल में कंडीशनर लगा लें।

2. रूसी के लिए जैतून का तेल

डैंड्रफ या रूसी की शिकायत किसी को भी हो सकती है। इसके लिए लोग कई तरह के उपाय और कई तरह के शैंपू लगाते हैं। हालांकि, ये उपाय और शैंपू बस कुछ वक्त तक ही असर करते है और डैंड्रफ वापस आ जाता है। ऐसे में लोग शैंपू तो बदल देते हैं, लेकिन तेल पर ध्यान नहीं दिया जाता। आपका तेल भी आपके डैंड्रफ पर काफी असर डालता है। इसलिए, रूसी को हटाने के लिए आप जैतून तेल का उपयोग कर सकते हैं। आप ऑलिव ऑयल का पैक अपने बालों में लगा सकते हैं। इसके बारे में हम पूरी जानकारी नीचे बता रहे हैं।

डैंड्रफ के लिए जैतून तेल का हेयर पैक

सामग्री :

  • एक अंडे का सफेद हिस्सा
  • दो चम्मच जैतून तेल
  • शॉवर कैप

बनाने और लगाने की विधि :

  • एक कटोरे में अंडे के सफेद हिस्से को जैतून तेल के साथ अच्छे से फेंट लें।
  • अब इस मिश्रण को अपने बालों में लगाकर बालों को शॉवर कैप से ढक लें।
  • फिर 15 से 20 मिनट तक इसे लगा रहने दें।
  • उसके बाद अपने बालों को ठंडे पानी और हल्के शैंपू से धो लें, ध्यान रहे कि आप गुनगुने या गर्म पानी का उपयोग बिल्कुल न करें।
  • इसके बाद आप कंडीशनर भी लगा सकते हैं।

कितनी बार लगाएं ?

आप इस हेयर पैक को हफ्ते में एक या दो बार लगा सकते हैं।

नोट : अगर आपको हेयर पैक लगाना पसंद नहीं है, तो आप बादाम के तेल में जैतून तेल को मिलाकर लगा सकते हैं। इसे आप रात को सोने से पहले बालों में लगाएं और हल्के-हल्के हाथों से थोड़ी देर तक मालिश करें। फिर अगली सुबह शैंपू और कंडीशनर से धो लें। ध्यान रहे कि आप कंडीशनर बालों के जड़ों में न लगाएं।

3. बालों को स्वस्थ बनाता है जैतून का तेल

बालों को स्वस्थ रखने के लिए तेल मालिश करना जरूरी है। जैतून के तेल से मालिश करने से आपके बाल स्वस्थ बनेंगे और उनमें मजबूती आएगी। जैतून के तेल में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो न सिर्फ बालों को घना और मजबूत बनाते हैं, बल्कि उन्हें मॉइस्चराइज भी करते हैं, जिससे बाल मुलायम और चमकदार नजर आते हैं। इसलिए, बालों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए ऑलिव ऑयल का उपयोग नियमित तौर पर कर सकते हैं।

अब वक्त है यह जानने का कि जैतून तेल को किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है।

जैतून के तेल का उपयोग – How to Use Olive Oil in Hindi

How to Use Olive Oil in Hindi
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वैसे तो ऑलिव ऑयल के कई फायदे हैं, लेकिन इसके फायदे तब और बढ़ जाते हैं, जब आप इसका सही तरीके से उपयोग करते हैं। नीचे हम आपको जैतून के तेल को उपयोग करने के आसान तरीके बता रहे हैं।

  1. आप जैतून के तेल को खाना बनाने में उपयोग कर सकते हैं।
  2. अपनी त्वचा, बाल या शरीर पर जैतून तेल से मालिश कर सकते हैं।
  3. आप जैतून तेल को सलाद के ऊपर टॉपिंग की तरह छिड़कर उसका सेवन कर सकते हैं।
  4. आप ब्रेड पर भी जैतून तेल लगाकर सेवन कर सकते हैं।
  5. आप जैतून के तेल को हेयर पैक और फेस पैक के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।

जैतून तेल के नुकसान – Side Effects of Olive Oil in Hindi

हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं, वैसे ही जैतून तेल के भी कुछ नुकसान हैं। इस बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।

  1. अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो जैतून तेल के उपयोग से कील-मुहांसों की समस्या हो सकती है।
  2. जिनकी त्वचा अत्यधिक शुष्क यानी ड्राई है, उनके लिए भी जैतून तेल नुकसानदायक हो सकता है।
  3. इसके ज्यादा उपयोग से ब्लड शुगर